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Thursday, July 23, 2026

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चंदौली:जो दिलाएगा बंदरों से छुटकारा, उसी को होगा वोट हमारा 

चंदौली नियामताबाद। स्थानीय क्षेत्र के ग्रामसभा चंदाइत में कई सालों से बंदर आतंक मचा रहे बंदरों का उत्पात दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो गए है कि बंदर अब तक कई महिला, पुरुष और बच्चों को काटकर घायल कर चुके हैं। जिससे लोग घरों की छतों पर भी जाने से डरने लगे हैं, लेकिन जिम्मेदार इन बंदरों को पकड़ने की दिशा में कोई पहल नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो गांव में बंदरों का आतंक इतना ज्यादा बढ़ गया है कि बच्चे और महिलाओं ने घरों की छतों पर जाना तक बंद कर दिया है। लोग अपने कपड़े भी छतों पर नहीं सुखा पाते हैं। यही नहीं अगर घरों के दरबाजे खुले रह जाए तो बंदर घर के अंदर रखे सामान को तोड़-फोड़कर खाद्य सामग्री को उठाकर और छीनकर ले जाते है। कई बंदर तो इतने ज्यादा उत्पाती है कि वह कभी भी किसी भी व्यक्ति पर हमला करके उसे घायल कर देते हैं। जिससे वह बेहद परेशान है। वहीं ग्रामीणों ने गांव के बाहर पोस्टर लगाकर यह बता दिया है कि  विधानसभा में उन्हीं को वोट करेंगे जो इन बंदरों के आतंक से मुक्त कराएंगे। वही पोस्टर पर साफ शब्दों में लिखा है कि इस बार गांव के सभी मतदाता गण उन्हीं को वोट करेंगे जो वर्षों से झेल रहे बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव से बंदरों को जल्द से जल्द पकड़कर कई किलोमीटर दूर जंगल में छोड़ा जाए, ताकि उन्हें बंदरों के आतंक से निजात मिल सके। अब देखना है कि किस पार्टी के नेता गांव वालों को इस बंदरों के आतंक से उबार कर उनके मतों पर अपना अधिकार जमाते हैं।

चंदौली: चेतावनी किसानों का धान नही बिका को सड़क पर उतरेगी महिलाएं

चंदौली क्षेत्र के नेगुरा गांव में रविवार को भारतीय किसान युनियन अराजनैतिक के बैनर तले किसानो की बैठक आहुति की गई। बैठक में क्षेत्रीय किसानो ने चढ़ बढ़ कर हिस्सा लिया और अपने अपने क्षेत्र के समस्याओ के बारे में विस्तार से चर्चा किया। बैठक के दौरान मंडल अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप तिवारी ने कहा कि किसानों की समस्याओं की तरफ शासन-प्रशासन को ध्यान देना होगा। बढ़े हुए तिथि तक किसानों का धन खरीदा जाय इसमें अधिकारीयो द्वारा कोई हिला हवाली बर्दास्त नही किया जाएगा। धान बेचने में जो किसानों को समस्या हुआ है। इसकी जांच करायी जाए जिलाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ राजेश्वरी चतुर्वेदी ने कहा कि अगर किसानों का धान नहीं खरीदा गया तो महिलाएं सड़क पर उतरने से नहीं हिचकेंगी। किसानों की एकता ही किसानो की ताकत है। किसानों धान किसी भी हाल में सरकार का खरीदना होगा नही तो किसान अपनी धान को लेकर सड़क पर आंदोलन करने को विवश होगा। यूनियन के मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी ने बताया कि धान का कटोरा कहे जाने वाले चंदौली जनपद के किसान आज अपना धान बेचने के लिए दर-दर भटक रहे है।लगातार अधिकारियों और किसानों की पंचायत हो रही है। पर समस्याओ का निराकरण नहीं हो रहा। यूनियन के अथक प्रयास से धान खरीदने की समय सीमा 7 मार्च तक बढ़ा दी गयी है। लेकिन जिस गति से प्रशासन कार्य कर रहा है। लगता है। उक्त समय सीमा तक किसानों की समस्या खत्म नहीं हो पाएगी। अगर किसानों का धान समय से नहीं बिका तो किसान अपना धान जिला मुख्यालय पर बेचने के लिए मजबूर होंगे। कहा कि पंचायत में किसानो ने फैसला किया है कि 2 मार्च को युनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत किसानो के समस्या को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करने वाराणसी आ रहे है। किसान अपनी समस्याओ को लेकर उनसे मिलने 1 मार्च को ट्रैक्टर से वाराणसी कूच करेगा। इस दौरान सतीश सिंह चौहान, रंकज सिंह, छोटे लाल चौहान उर्फ मोछू, लालमन चौहान, खिचडू चौहान, कृष्ण कुमार सिंह, अच्छे लाल यादव, हरिद्वार सिंह, राममूरत मिश्र, इंद्रजीत मिश्रा, स्टैच्यू मिश्रा, भोला यादव, मालिक, मोहमंद शाहिद, रामसुधार एडोकेट, अनिल चौहान,पंचम चौहान,राम भजन मौर्या,नासिर अंसारी जितेंद्र प्रताप तिवारी ने गोपाल सिंह प्रदीप कुमार सिंह के  सभा की अध्यक्षता रतन शरण सिंह उर्फ मुन्नन और सभा का संचालन राजेश सिंह एडवोकेट ने किया।

आंदोलन कर रहे लाकरधारियों को धमका रही पुलिसः विजय तिवारी

प्रेसवार्ता को संबोधित करते लाकरधारी।

Young Writer, चंदौली। जिले में पीड़ित लॉकरधारियों ने शनिवार को पत्रकार वार्ता करके पुलिस व बैंक की कार्रवाई पर सवार उठाए। पुलिस व बैंक मिलीभगत करके 20 करोड़ से अधिक की चोरी के मामले को हल्के में निपटाने की कोशिश कर रहा है। लोगों को सही नुकसान व भुगतान का तरीका न तो बैंक बता रहा है और न ही पुलिस कुछ बता रही है। दोनों अपना दामन पाक साफ करके सारा मामला ठंडे बस्ते में डालने की फिराक में हैं।
पुलिस की किसी भी कार्रवाई से पीड़ित लॉकरधारियों को अब तक यह नहीं लगा कि पुलिस ईमानदार है और ईमानदारी से पीड़ितों के पक्ष में कार्रवाई कर रही है। घटना के पहले दिन से लेकर 26 दिन से अधिक दिन का समय बीत जाने के बाद भी मामले में केवल लीपापोती व चुनाव का बहाना करके मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के खुलासे व उसके बरामद सामानों से भी पीड़ित खुश नहीं हैं। विजय तिवारी ने कहा कि हमारे द्वारा आंदोलन करने व धरना देने पर मौके पर भारी पुलिस बल भेज कर धमकी दी जा रही है और पीएसी लगाकर बैंक खोलवाया जाएगा और सबको जेल भेजा जाएगा। ऐसी चर्चाएं जानबूझ कर फैलायीं जा रही हैं, जिससे माहौल और भी खराब हो। हम लोगों से पुलिस व बैंक प्रबंधन ने जितना समय मांगा हम लोगों ने सब पर भरोसा करके दिया, लेकिन 26 दिन तक फर्जी खुलासे व ऑर्टिफिसियल गहने बरामद करने और बैंक के द्वारा मदद के आश्वासन के अलावा कोई और काम नहीं किया गया। हमने बैंक चलाने से कभी नहीं रोका था, लेकिन जब यह लगने लगा कि सारे लोग मामले की लीपापोती कर रहे हैं और हम लोगों के बारे में कोई सोच नहीं रहा है। तो इसके बाद हमें वहां बैठना पड़ा है। अब हम अब वहां न तो ताला बंद करते हैं और न ही वहां कोई मंच सजाते हैं, लेकिन जब पुलिस व बैंक के लोग दो-तरह की बातें करते हैं, तो आक्रोश भड़कना स्वाभाविक है। इधर कई दिनों से पीएसी लगाकर बैंक खुलवाने व लॉकरधारियों पर कार्रवाई करने की योजना बनायी जा रही है, जिससे उनकी मांगों के साथ साथ आंदोलन को दबाया जा सके। लाकर धारी 28 फरवरी से 4 मार्च तक पुतला दहन कार्यक्रम प्रतिदिन करेंगे इसके लिए पूरी तरह से शासन और प्रशासन जिम्मेदार होगा।

मलोखर व सतपोखरी में आज भी सुविधाओं का अभाव

बुनकरों की सुविधाओं को गंभीरता नहीं लेते जनप्रतिनिधि

Young Writer, मुगलसराय। मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सतपोखरी, भीसौड़ी, मलोखर, हरिशंकरपुर, सकूूर का भट्टा आदि क्षेत्र में हजारों की संख्या में बुनकर रहते हैं जिनकी जीविका पुश्तैनी बुनाई पर आधारित है जो मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं से जूझने के साथ ही रोजगार से जूझ रहे हैं। उपरोक्त क्षेत्र में तीन दशक से पूर्व पड़ोसी जनपद बनारस से भारी संख्या में आकर दुल्हीपुर क्षेत्र के विभिन्न गांव में बसने लगे कुछ बनकर मऊ से भी आकर बसे। वर्तमान में बुनकरों की तादाद लगभग 40000 के आसपास है जो यहां भी अपना पुश्तैनी कारोबार हथकरघा, पावर लूम व दर्दाेजी का कार्य करने लगे जो अब मूल रूप से उपरोक्त गांव के ही निवासी हैं।

इनकी राजनीति में भी भारी भागीदारी होती है लेकिन इन्हें सुविधा की बात की जाए तो यह राशन कार्ड, नाली, खड़ंजा सहित रोजगार के बाबत सरकार से मिलने वाली सहायता के लिए जूझ रहे हैं जैसे-तैसे इनका जीवनयापन हो करा है। इस बाबत बुनकर चिराग अली ने कहा कि चुनाव के दौरान विधायक पद के प्रत्याशी क्षेत्र में दिन-रात दौरा कर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करते हैं, लेकिन चुनाव बाद उनका दीदार करना मुश्किल हो जाता है। इसी क्रम में बुनकर अज़ादार हुसैन ने कहा कि विधायक ऐसा होना चाहिए जो सभी क्षेत्र का विकास करें वह जनता से चुनाव में उम्मीद लगाए रहते हैं उन्हें भी चुनाव जीतने के बाद जनता का ख्याल रखना चाहिए। नसीम अंसारी ने कहा कि बुनकरों को सरकारी सहायता नहीं मिल पा रही है जिससे उनकी हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं लेकिन चुनाव के बाद जनप्रतिनिधि बुनकरों की सुधि लेना जरूरी नहीं समझते।

नौगढ़ में बाल महोत्सव में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

नौगढ़ में ग्राम्या संस्थान की ओर से आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में बच्चों द्वारा बनाई गयी रंगोली।

Young Writer, नौगढ़। बच्चों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने एवं उनकी अभिव्यक्ति को मुखरित करने के उद्देश्य से ग्राम्या संस्थान एवं आशा फॉर एजुकेशन के संयुक्त आयोजन में किया गया। क्षेत्र के लालतापुर गांव स्थित चिराग केंद्र पर दो दिवसीय बाल महोत्सव का आयोजन किया गया महोत्सव का शुभारंभ समाजसेवी एवं संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह एवं पूर्व प्रधान नंदू राम के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, बिस्किट दौड़, मेढक दौड़, बोरा दौड, गणित दौड प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, रस्साकशी, रंगोली प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, टाइपिंग प्रतियोगिता, कबड्डी सहित विभिन्न मुद्दों एवं समस्याओं पर जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक, पपेट शो का मंचन हुआ पोस्टर प्रतियोगिता में बच्चों ने चित्रों के माध्यम से बताया कि हमारा समाज कैसा होना चाहिए। इस कार्यक्रम में बच्चों की पीटी और पिरामिड का कार्यक्रम सबसे रोचक रहा। पूर्व ग्राम पंचायत नंदु राम ने कहा कि क्षेत्र के कई गांव के बच्चे हमारे ग्राम पंचायत में आकर अपनी प्रतिभा दिखाई निश्चित तौर पर हम सब के लिए गर्व की बात है और इस तरह के कार्यक्रम से इन बच्चों का मनोबल भी काफी बढ़ेगा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता है वही संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने कहा कि पिछले कई वर्षों से हमारी कोशिश रही है कि बच्चों के पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ सामाजिक ज्ञान दिया जाए बच्चों के अंदर बहुत सारी प्रतिभाएं होती है लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिल पाता तो यह उनके लिए एक मौका होता है जिसमें अपनी विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन करते हैं तथा स्वच्छ और सभ्य समाज के लिए तैयार होते हैं इस अवसर पर प्रधान प्रतिनिधि अशोक यादव, अजय प्रताप, संस्थान से सुरेंन्द नीतू, श्रीराम, त्रिभुवन, रामविलास, जयप्रकाश, उमेश, सहीत गांव से अभिभावक विभिन्न केंद्रों से आए हुए बच्चे पत्रकार सहित कुल 800 लोगों ने प्रतिभाग किया कार्यक्रम का संचालन शिवानंद एवं मन्नू कुमार ने किया।इनसेट—आज आयोजित होगा रंग वर्षा कार्यक्रमपड़ाव। छोटे बच्चों को उनके प्रतिभा के अनुसार ही उनके रंग में रंग कर निखारना ही बच्चों का उज्जवल भविष्य बनाया जा सकता है उक्त बातें एंबीशन स्कूल की प्रिंसिपल अंजू दुबे ने प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य के साथ रविवार 27 फरवरी को बसंतोत्सव (रंगों की वर्षा) कार्यक्रम का आयोजन सायं काल तीन बजे किया जाएगा। कोविड-19 के दौरान शिक्षा काफी प्रभावित हुआ है बच्चों को मानसिक रूप से तरोताजा करने के लिए तरह-तरह के विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वही आगे उन्होंने बताया कि एंबिशन स्कूल ने पुरानी शिक्षा पद्धति गुरुकुल और आज का शिक्षा पैटर्न दोनों का संतुलन बैठा कर अभिभावक और बच्चों का काफी ख्याल रखा है जबकि इस बार नये प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा इस मौके पर रवीश कुमार जयंत दास इत्यादि रहे।

सपा के लिए संजीवनी बनेगा उसका अदृश्य व अचूक अस्त्र

सैयदराजा विधानसभा में सभी दल अपना दम व ताकत दिखाने में जुटे

Young Writer, सैयदराजा। ऐसा लग रहा है अबकी बार समाजवादी पार्टी सत्ता परिवर्तन के जनता के मिजाज को बहुत पहले ही भांप चुकी थ। यही वजह है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में सपा नए रंग में नजर आ रही है। इसके साथ ही उसके चुनाव लड़ने का तौर-तरीका भी बदला हुआ है। सपा का चुनाव प्रचार-प्रसार जितना पटल पर दिख रहा है उससे कहीं ज्यादा अंदर ही अंदर पार्टी सक्रिय है। पर्दे के पीछे एक अलग ही चक्रव्यूह रचा जा रहा है, ताकि विरोधियों को उस व्यूह में फंसाकर जीत के दरवाजे तक पहुंच सके। फिलहाल समाजवादी पार्टी सैयदराजा में कुछ ऐसे ही अदृश्य व अचूक अस्त्र का इस्तेमाल कर रही है जो भौतिक रूप से चुनावी पटल पर कहीं नहीं है, लेकिन समाजवादी पार्टी की नजरिए से वह हर जगह मौजूद है।

स्थिति यह है इनका रंग-रूप, आकार-प्रकार और इनकी संख्या क्या है यह भी आज तक कोई नहीं जान पाया। यह भीड़ की शक्ल में बड़ी शांति से समाजवादी पार्टी के चुनावी रण को जीत में बदलने के काम में लगे हैं। सपा का यह तंत्र कब, कहां और क्या कर रहा होगा इसके बारे में मात्र समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को खबर रहती है और चुनाव के दरम्यान इनका आपसी संवाद भी ऐसा रहता है कि सबकुछ सबके सामने हो भी रहा होता है लेकिन कहीं कुछ नजर नहीं आ पाता। इनके पास न तो नारों की ललकार है और ना जयकारों की गूंज। फिर भी ये पार्टी के लिए वोट की उन कड़ियों को जोड़ रहे हैं जो जीत के लिहाज से बेहद आवश्यक है। इनके कामकाज में किसी तरह का कोई हस्तक्षेप व रुकावट न हो। इसका पहले से ही रोडमैप पार्टी हाईकमान ने तैयार कर रखा है। समाजवादी पार्टी का यह अचूक अस्त्र इस चुनाव में कितना प्रभावी होगा यह तो 10 मार्च को मतगणना के बाद स्पष्ट हो ही जाएगा। लेकिन इतना जरूरी कहा जा सकता है कि इस बिना नाम, शक्ल व स्वरूप वाले प्रयासों का समाजवाादी पार्टी को लाभ मिलना सुनिश्चित है, जो सपा के खिलाफ सैयदराजा में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के चिंता व मंथन का विषय हो सकता है। फिलहाल सैयदराजा विधानसभा पूर्वांचल की सबसे हॉट सीट के रूप में गिनी जा रही है। जहां भाजपा अपनी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान है। लेकिन अबकी बार प्रांतीय नेतृत्व के नेताओं की कमी और दूसरे प्रांत के नेताओं के चुनाव प्रचार में अतिक्रमण लाभ होने की बजाय नुकसान होता नजर आ रहा है। विपक्षी दलों के लोग दूसरे प्रांत से इन नेताओं को प्रवासी बताकर जनता के बीच इनके प्रभाव को नगण्य करके का दांव खेल चुके हैं। ऐसे में भाजपा के प्रवासी नेताओं की भी स्थानीय जनता में नाराजगी की वजह बनती दिख रही है। क्योंकि ये नेता राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों की बात करते हैं जो शायद जनता को उनसे कनेक्ट नहीं कर पा रही है। इसमें भाषा शैली में विभिन्नता भी लोगों के जुड़ाव में बाधक की भूमिका में नजर आ रही है। हाल-फिलहाल चुनाव अपने चरम पर है और सभी दल अपने-अपने पास मौजूद अस्त्रों का इस्तेमाल पूरी ताकत व शिद्दत के साथ कर रहे हैं। अब देखना यह है कि सात मार्च को जनता के मिजाज में कौन फिट्ट बैठ पाता है।

सीमा क्षेत्र में करें पेट्रोलिंग, तस्करी पर रखें नजर

पुलिस लाइन सभागार में बैठक करते अफसर।

Young Writer,चंदौली। प्रेक्षक चकिया डीवी स्वामी, जिलाधिकारी संजीव सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। चंदौली की सीमा से लगने वाले बिहार प्रांत के कैमूर जनपद के सम्बन्धित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों तथा जनपद चंदौली के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस लाइन सभागार कक्ष में बैठक आहुत की गई। जिसमें एक दूसरे से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही किए जाने व सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में रहने वाले अपराधियों व असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कार्यवाही करने व कड़ी निगरानी रखने, सीमावर्ती जनपदों में पड़ने वाले आवागमन के मार्गाे की जानकारी एवं उनपर लगातार बैरियर व पिकेट लगातार चेकिंग व पेट्रोलिंग किए जाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सीमा पर पड़ने वाली नदियों में पेट्रोलिंग तथा असामाजिक व अवैध कार्याें पर नजर रखें। साथ-साथ अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी व परिवहन को रोकें। ऐसे कार्यों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कार्यवाही करने आदि पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। एक-दूसरे को अपने यहां से वांछित, वारंटी अभियुक्तों, अपराधियों की सूची व जानकारी साझा करते हुए सीमावर्ती थानों द्वारा आपसी समन्वय व नियमित संवाद स्थापित करते हुए कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं स्थानीय निवासियों व वनवासियों में सुरक्षा की भावना को जागृत करने हेतु लगातार संयुक्त रूप से कांबिंग करने तथा हाईवे पर स्थित होटल व ढाबों को लगातार चेक करने सहित अन्य विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान एडीएम उमेश मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक सदर चिरंजीवी मुखर्जी, डा.संजय कुमार, सांकेत कुमार उपस्थित थे।

जिलाधिकारी ने ईवीएम स्ट्रांग रूम का किया निरीक्षण

माधोपुर स्थित नवीन मंडी में स्ट्रांग रूम का जायजा लेते जिलाधिकारी संजीव सिंह।

Young Writer, चंदौली। जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव सिंह ने शनिवार को नवीन मंडी स्थल पर पहुँच कर विधान निर्वाचन की तैयारियों का निरीक्षण किया। यहां जनपद की चारों विधानसभाओं में मतदान के लिए तैयार की जा रही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की तैयारियों को परखा और तैयारी में जुटे कर्मचारियों, अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।इसके अलावा पोलिंग पार्टियों को दिए जाने वाले बैग की पैकिंग की तैयारी जायजा लिया। वहीं निरीक्षण के दौरान ईवीएम स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, बैरिकेडिंग, लाइटिंग व सीसीटीवी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने परिसर की बेहतर साफ-सफाई कराने के निर्देश मण्डी सचिव को दिए। कहा कि शौचालय में सफाई व पानी की उपलब्धता निरंतर बनी रहे। नवीन मंडी में चारों विधान सभा क्षेत्रों का स्ट्रांग रूम बनाया गया है तथा मतगणना भी यहीं पर सम्पन्न होगी। निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी कैमरों एवं सुरक्षा व्यवस्था सहित निर्वाचन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी ली गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी तैयारियों को समय से पूर्ण करा लिया जाय जिससे मतदान के समय कोई समस्या न होने पाए। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी उमेश मिश्रा, रिटर्निंग ऑफिसर चकिया प्रेम प्रकाश मीणा, रिटर्निंग ऑफिसर सैयदराजा अविनाश कुमार, मंडी सचिव सहित निर्वाचन से जुड़े संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

विद्यालयो में बने बूथों पर गंदगी दुर्व्यवस्था का अंबार

पूरा गणेश स्थित प्राथमिक बिद्यालय पर हैण्डपम्प पर जलजमाव में खड़े होकर पानी पीते बच्चे

Young Writer, चहनियां। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर प्राथमिक बिद्यालयो पर साफ सफाई व दुरुस्त व्यवस्था रखने का निर्देश अधिकारी द्वय द्वारा दिया गया है, किंतु कुछ विद्यालयों के बूथों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि कुछ दिन ही शेष रह गये है चुनाव।
आगामी सात मार्च को विधानसभा चुनाव सम्पन्न कराने के लिए अधिकारी महीनों से जी तोड़ मेहनत कर रहे है। बूथों पर साफ सफाई व शांति ढंग से चुनाव कराने के लिए जिला अधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा लगातार बैठक कर निर्देश जारी कर रहे है, किंतु चहनियां क्षेत्र के ज्यादातर बूथों पर गंदगी का अंबार है। पूरा गणेश प्राथमिक विद्यालय पर हैण्डपम्प पर जलमाव है। यहां बच्चे जलजमाव में खड़े होकर पानी पीते है । बिद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार है। शौचालय में भी गंदगी है। वहीं अमिलाई प्राथमिक बिद्यालय पर भी गंदगी है। इटवा प्राथमिक बिद्यालय पर हैण्डपम्प में समरसेबल ही नहीं है। विद्यालयांे में ही बूथ पर पीठासीन अधिकारी, मतदान कर्मी व फोर्स टिकेगी। ऐसे में गंदगी व दुर्व्यवस्था पर सवालिया निशान उठा रहा है। मतदान के लिए यहां बिद्यालयो में प्रधानाध्यापक कितने पालन कर रहे है यह सोचनीय विषय है।

पूरा गणेश स्थित प्राथमिक बिद्यालय पर शौचालय में गंदगी।

साइकिल सवार को बचाने में बाइक से गिरकर महिला की मौत

फोटो-16 घटना के बाद रोते बिलखते परिजन व जुटी भीड़

Young Writer, सकलडीहा। सकलडीहा जिला पंचायत सदस्य ईटवा गांव निवासी रमेश राम की 65 वर्षीय माता राममती देवी धीना थाना क्षेत्र के मचवा गांव के समीप बाइक से गिरकर मौत हो गयी। वहीं 40 वर्षीय जिला पंचायत सदस्य रमेश राम घायल हो गए। ग्रामीणों ने बेटा और मां को निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टर ने माता को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। निजी साधन से परिजनों ने मां की शव को लेकर घर पहुंचे। जहां काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गयी।
ईटवा गांव निवासी शिक्षक स्व. भगेलू राम की पत्नी राजमति देवी अपने पुत्र रमेश राम जिपंसप्र के साथ बाईक पर बैठकर अपने माईका ककरैत घाट भाई शिवशंकर की तबीयत खराब होने की सूचना पर जा रही थी। धीना थाना क्षेत्र के मचवा अमड़ा मार्ग के पास पहुंची हुई थी। अचानक साइकिल सवार युवक के सामने आ जान से अंसतुलित होकर बाईक ब्रेकर पर जा पलटी। सर में चोट लगने से जिपंस के माता की मौके पर ही मौत होगयी। रमेश राम घायल होगये। घटना के बाद ग्रामीणों ने घायल जिपंस रमेश राम और उनकी माता को निजी हॉस्पिटल में ले गये। जहां डाक्टरों ने माता को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर आनन फानन में परिजनों ने घायल रमेश राम सहित माता की शव लेकर घर पहुंचे। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
इनसेट में…….
हेलमेट होने के कारण बाल बाल बच गये जिपंस
प्रत्यक्ष दर्शीयों के अनुसार जिपंस प्रतिनिधि रमेश राम हेलमेट पहंने हुए थे कि बाल बाल बच गये। लेकिन मां की मौत को लेकर जिपंस अपनी आंसूओं को रोक नही पा रहे थे। छोटा भाई कमलेश, भाभी इंदूदेवी सहित परिजनों का रोते रोते बुरा हाल था।

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