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Saturday, July 25, 2026

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चिरईगांव अस्पताल नहीं खुला तो मिलेगा करारा जवाबः मनोज डब्लू

चिरईगांव स्थित नवनिर्मित व नवउद्घाटित प्राथमिक अस्पताल का जायजा लेते Manoj Singh W

Young Writer, सैयदराजा। सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू गुरुवार को चिरईगांव स्थित नवनिर्मित व नवउद्घाटित प्राथमिक अस्पताल के निरीक्षण पर थे। इस दौरान अस्पताल गेट पर ताला लटकता देख भड़क उठे। उन्होंने एक बार फिर सैयदराजा विधायक, भाजपा सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ हमला बोला। कहा कि भाजपा ने विकास व जनकल्याण के कार्यों को मजाक बनाकर रख दिया है। कल बड़े धूमधाम से अस्पताल का उद्घाटन किया, लेकिन आज यहां ताला लटक रहा है। कहा कि यह कोई गेस्ट हाउस नहीं अस्पताल है, जहां चिकित्सकों की नियुक्ति होनी चाहिए। यदि शुक्रवार को चिरईगांव अस्पताल का संचालन नहीं हुआ तो क्षेत्रीय जनता विधायक समेत जिला प्रशासन का ईंट से ईंट बजाने का काम करेगी।

उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल आधा-अधूरे कार्यों का उद्घाटन कर श्रेय लेने की हड़बड़ी में है। यदि पिछले पांच सालों तक विकास व जनकल्याण के कार्य हुए होते तो आज इन्हें यह हड़बड़ी नहीं करनी पड़ती। पहले चंदौली में रेलवे ओवरब्रिज को हड़बड़ी में उद्घाटित किया गया। इसके बाद चिरईगांव अस्पताल का उद्घाटन कर खुद ही वाहवाही लुटने का प्रयास हुआ। लेकिन आज यह अस्पताल बंद है। यहां न तो कोई डाक्टर है और ना ही कोई चिकित्सकीय स्टाफ। यदि अस्पताल भवन पर ताला ही जड़ना था तो इसके उद्घाटन का क्या औचित्य बनता है। इस अस्पताल की स्थापना का सपना क्षेत्रीय लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान करने की उद्देश्य से देखा गया जो अब साकार हो रहा है। बावजूद इसके क्षेत्रीय जनता को अस्पताल से चिकित्सकीय सेवाएं प्रदत्त नहीं हो पा रही है। अब सवाल यह उठता है कि यदि जब जनता को बेहतर ईलाज उपलब्ध नहीं हो सकता तो ऐसे अस्पताल के निर्माण व उसके उद्घाटन का क्या औचित्य? क्या सीएमओ सैयदराजा विधायक के साथ पत्थर का उद्घाटन करने आए थे? यदि ऐसा है तो क्षेत्रीय लोग ऐसे लोगों को उनकी भाषा में जवाब देना व समझाना जानते हैं? इसके पीछे भाजपा सरकार की नाकामियां और उनके जनप्रतिनिधियों के श्रेय लेने की हड़बड़ी जिम्मेदार है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शुक्रवार को अस्पताल का संचालन नहीं हुआ तो जिला प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक को जनता के कड़े प्रतिकार व आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के अस्पताल में धरना-प्रदर्शन व आंदोलन किया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय लोगों के बेहतर दवा-ईलाज की सेवाएं अपने इलाके में पाने का सपना साकार हो सके। इस मौके पर रामजन्म यादव, दया यादव, ओमप्रकाश यादव, भरत कुमार, गणेश गुप्ता, भोला यादव, महमूद अली, संतोष उपाध्याय, चिंटू सिंह, छोटू सिंह आदि उपस्थित रहे।

चिरईगांव स्थित नवनिर्मित व नवउद्घाटित प्राथमिक अस्पताल का जायजा लेते Manoj Singh W

पीएम सुरक्षा में खामियां पर बढ़के भाजपाईयों ने पंजाब सरकार का पुतला फूंका


सकलडीहा । पंजाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुरक्षा में चूक को लेकर देश के लोगों में आक्रोश है । गुरूवार को भाजपा नेता कृष्णानंद पांडे के नेतृत्व में सकलडीहा अलीनगर तिराहे पर पंजाब के मुख्यमंत्री का पुतला दहन करके विरोध प्रदर्शन किया । इस दौरान पंजाब सरकार और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा में भारी चूक पंजाब सरकार की साजिश है । यह पूरी तरह से देश में आतंकवाद और दंगा कराने की पूर्व प्लानिंग थी ।भाजपा नेताओं और पूर्व सैनिक कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने केंद्र के गृह मंत्री से पंजाब सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की ।
कस्बा में भ्रमण करते हुए जुलूस निकाला अंत में सकलडीहा अली नगर चौराहे पर पंजाब के मुख्यमंत्री का पुतला फूंक कर के विरोध प्रदर्शन किया इस मौके पर भाजपा नेता केएन पांडे रामअधार गुप्ता सत्यप्रकाश गुप्ता कृष्णा नंद पांडे कमला पांडे गोपाल सिंह आनंद पांडे राकेश पांडे मंटू संतोष बिंद मुरारी राजभर कैप्टन विनोद उपाध्याय अनिल ओझा संतोष महेंद्र गुप्ता मुनीलाल राजभर आदि मौजूद रहे

चंदौली संदिग्ध परिस्थिति में विवाहिता ने लगाई फाँसी मौत,घटना के बाद ससुराल पक्ष फरार


चकिया कोतवाली क्षेत्र के मलहर मूसाखांड़ गांव में बुधवार की सुबह 26 वर्षीय विवाहिता ने पक्के मकान के पंखे के हूंक में रस्सी के सहारे फंदा लगाकर अपनी ईहलीला समाप्त कर ली| पड़ोसियों से मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले आयी और आगे की कार्यवाही में जुट गयी। वही घटना के बाद से ससुराल पक्ष के लोग फरार है|बताते है कि शहाबगंज थाना अंतर्गत सेमरा गांव निवासी सर्वजीत पासवान की पुत्री सितू शादी का विवाह  5 वर्ष पूर्व मलहर (मूसाखांड़) गांव निवासी नरसिंह के पुत्र नन्हे से हुई थी| नन्हे पेशे से ट्रक ड्राइवर है| वहीं आसपास के पड़ोसियों ने बताया कि सुबह से ही परिवार के लोग बुधवार की सुबह 9 बजे से ही घर से कही आनन फानन मे चले गए थे और दरवाजा खुला था जिस पर आसपास के लोगों को जब शक हुआ तो शाम के लगभग 3:00 बजे के आसपास वह जब घर के अंदर घुसे तो पंखे के हुक में लटका शव देखकर सन्न रह गए और उसकी सूचना चकिया कोतवाली पुलिस को दी जिस पर मौके पहुंचे प्रभारी कोतवाल राजकुमार शुक्ला पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे| जहां से शव कब्जे में लेकर उसे जिला संयुक्त चिकित्सालय के मर्चरी में रखवा दिया|प्रभारी कोतवाल राजकुमार शुक्ला ने बताया कि घटना के बाद से ही ससुराल पक्ष के सभी लोग मौके से फरार है |वही मृतक सितू के मायके पक्ष के लोगों को घटना के बाबत सूचना दे दी गई है|

खुशखबरी! अब किसान बिना टोकन बेच सकेंगे धान

Young Writer, चंदौली। प्रदेश सरकार ने धान खरीद प्रक्रिया में एक बार फिर बदलाव किया है। आनलाइन टोकन व्यवस्था को सरकार ने एक बार फिर स्थगित करते हुए सीधे क्रय केंद्र से खरीद के फरमान को अमल में लाया है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल क्रय केंद्रों से सीधे खरीद की व्यवस्था आठ जनवरी से प्रभावी होगी, तब तक किसानों को इंतजार करना पड़ेगा। सरकार के नए आदेश में धान खरीद के किसी भी प्रकार के टोकन का जिक्र अब नहीं किया गया है यानी सरकार अब बिना किसी टोकन के सीधे धान खरीदने के मूड में है। इसके पीछे खराब मौसम, किसानों के उग्र प्रतिकार व आगामी विधानसभा चुनाव-2022 को वजह माना जा रहा है। खैर! वजह चाहे जो भी शासन के नए फरमान से किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है।
शासन के नए फरमान की जानकारी किसानों को उस वक्त हुई जब वे आनलाइन टोकन जनरेट करने के लिए विभागीय वेबसाइट पर गए, जहां किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश लाल अंकों में अंकित थे। जिसमें यह उल्लेख था कि कृषबंधु आगामी आठ जनवरी से धान क्रय केंद्रों पर पहुंचकर अपने धान की तौल बिना टोकन के करा सकते हैं। यानी अब यह स्पष्ट है कि किसानों को क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसी भी तरह के टोकन की जरूरत नहीं है। इससे पिछले एक पखवारे से टोकन प्राप्त करने के लिए जद्दोजहद कर रहे किसानों को राहत मिली है। अब किसान टोकन के लिए जद्दोजहद छोड़कर अपने नजदीकी क्रय केंद्र पर धान की उपज बेच सकेंगे। इस निर्देश पर उन किसानों को बड़ी राहत मिली है जिनका धान क्रय केंद्रों पर खरीद के लिए कई दिनों से लावारिस हाल में पड़ा हुआ था। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कहा कि नए शासनादेश को तय तिथि से प्रभावी करते हुए शत-प्रतिशत किसानों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी, जैसा कि प्रदेश सरकार की मंशा है।

देश में संविधान को बदलने का हो रहा षड्यंत्रः जितेंद्र कुमार

इलिया में जन सभा को संबोधित करते पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार।

इलिया में आयोजित जन चौपाल केंद्र व प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे पूर्व विधायक

Young Writer, इलिया। केंद्र व प्रदेश सरकार हर स्तर पर फेल हैं। प्रदेश में अपराध चरम पर है और संविधान को मनमाने तरीके से बदलने का षड्यंत्र हो रहा है। सरकार के गलत नीतियों के कारण आज देश का किसान खून के आंसू रो रहे हैं। उक्त बातें बुधवार को स्थानीय कस्बा में समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित संविधान बचाओ जनचौपाल को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार ने कही।

इलिया में आयोजित जनसभा में उमड़ी भारी भीड़।

उन्होंने कहा कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती है, लेकिन वर्तमान सरकार जाति व धर्म देखकर काम कर रही है जिसका जवाब आगामी विधानसभा के चुनाव में जनता देगी। कहा कि किसान हताश हैं और धान बेचने के लिए रात-रात भर क्रय केन्द्रों की चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सरकार मस्त है। कहा कि कानून का राज स्थापित करने के लिए व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पुनः मुख्यमंत्री बनाने के लिए अभी से कार्यकर्ता गांव-गांव में जाएं। कहा कि सरकार सपा बनती है तो कार्यकर्ताओं के साथ हुए अन्याय का हिसाब लिया जाएगा। जनचौपाल की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा इकाई अध्यक्ष प्रभुनारायण यादव ने कहा कि संविधान के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। इस अवसर पर कमलेशपति कुशवाहा, पूर्व चेयरमैन रवि चौबे, सूबेदार मौर्य, रामकृत, बबलू इराकी, तनवीर खां, मुन्ना भाष्कर, सजाउद्दीन, प्रीतम जायसवाल, रमेश मौर्य, मिथिलेश कुमार, एकलाख जिद्दी, रंगलाल मौर्य, चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, पंकज दूबे, नीलम पाल, कमला राम आदि उपस्थित रहे। संचालन मुश्ताक अहमद डब्लू ने किया।

जीवन में पढ़ाई के साथ खेलकूद जरूरीः डा. अतुल गुप्ता

फोटो-11 नौगढ़ महोत्सव में प्रतिभागी को प्रशस्ति पत्र देते अतिथिगण।

भेड़ाफार्म खेल परिसर में नौगढ़ महोत्सव-2022 आयोजित

Young Writer, नौगढ़। तहसील प्रसासन के तत्वावधान में नौगढ़ महोत्सव 2022 का आयोजन बुधवार को स्थानीय भेड़ाफार्म खेल परिसर में संपन्न हुआ। इसका शुभारंभ उपजिलाधिकारी डा.अतुल गुप्ता, तहसीलदार सुरेश चन्द्र व पुलिस उपाधीक्षक आपरेशन शेषमणि पाठक ने संयुक्त रूप से आसमान में गुब्बारा छोड़कर के किया। महोत्सव में क्षेत्र की छिपी हुई प्रतिभा को उजागर किए जाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में क्रिकेट मैच पतंगबाजी, रस्साकशी नाटक, गीत संगीत का गायन से प्रतिभागियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस दौरान मुख्य अतिथि एसडीएम डा.अतुल गुप्ता ने कहा कि जनपद के काफी पिछड़े हुए संसाधन विहीन क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जिसे निखारने के उद्देश्य से नौगढ महोत्सव-2022 का आयोजन शुरू किया गया है। जिसका उद्देश्य विभिन्न विधाओ में अभिरुचि रखने वालो को मंच देकर के ऊनका हौसला आफजाई किया जाना है। जीवन में पढ़ाई के साथ ही खेल का बहुत ही योगदान है। राजकीय महाविद्यालय की ओर से प्रहसन की प्रस्तुति कर के अपील किया गया कोरोना का कहर अभी गया नहीं है। स्वयं की बरती गई सुरक्षा ही बचाव है। आयोजन में दीप शिखा गुंजा काजल निशा तनवर विवेकानंद ईत्यादि छात्र छात्राओं की प्रस्तुति काफी सराहनीय रहे। क्षेत्रीय कलाकारों की लोकगीत प्रस्तुति मे गायक मुन्ना यादव सोनी कुमारी भोला भंडारी व दशरथ चौहान ने हमारा नौगढ़ कल और आज विषय पर सविस्तार प्रकाश डाला। इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी जयमोहनी मकसूद हुसैन खंड शिक्षा अधिकारी अवधेश नारायण सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डा.अनुराग सिंह प्रभारी निरीक्षक राजेश सरोज थानाध्यक्ष दीनदयाल पांण्डेय प्रधानाचार्य आलोक कुमार यादव, अध्यक्ष बार एसोसिएशन विनोद कुमार, विजय बहादुर सिंह, रामनाथ कन्नौजिया मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन बृजेश केशरी व संचालन दीप शिखा ने किया।
इनसेट—
क्रिकेट मैच में तहसील प्रशासन जीता
नौगढ़। नौगढ़ महोत्सव में तहसील प्रशासन बनाम बार एसोसिएशन नौगढ़ के बीच हुए क्रिकेट मैच में तहसील प्रशासन विजयी रहा। लेखपाल जावेद ने छक्कों की हैट्रिक लगाया। बाघी और नौगढ़ गांव के बीच आयोजित रस्साकशी प्रतियोगिता मे बाघी के खिलाड़ी विजयी रहे। राजकीय इण्टर कालेज नौगढ़ की बालिकाओं ने गीत के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढाओ व मतदाता जागरूकता व भ्रूण हत्या रोकने का संदेश दी।

खुद को बेहतर साबित करने के लिए खेलें खिलाड़ीः मनोज डब्लू

ओदरा गारोपुर गांव में विजयी टीम के खिलाड़ी को चैम्पियन ट्राफी देते मनोज सिंह डब्लू।

Young Writer, धानापुर। क्षेत्र के ओदरा गारोपुर में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता के फाइनल मैच में बुधवार को खेला गया। इस दौरान नारद स्पोर्टिंग क्लब ओदरा ने एनपीएस स्पोर्टिंग क्लब मुगलसराय को 50-45 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह समापन समारोह के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने विजयी टीम के खिलाड़ियों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
इस दौरान मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि कबड्डी एक पुराना व परम्परागत खेल है, जो गांवों में आज भी प्रचलित है। कबड्डी के खिलाड़ी गांव की मिट्टी से लगायत ओलम्पिक तक सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं यह हम सभी के लिए गौरव की बात है। कहा कि आज फाइनल मुकाबले में दोनों ही टीम के खिलाड़ियों ने उम्दा खेल का प्रदर्शन किया। मुकाबले के दौरान दोनों टीम के खिलाड़ियों का आपसी तालमेल, जोर आजमाइश व सूझ-बूझ, हार-जीत से परे थी। दोनों टीमों ने खुद को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम साबित करने के लिए खेला, जिसमें एक दल को सफलता मिली, वहीं दूसरी टीम को फिर से बेहतर करने की प्रेरणा मिली है। देखा जाए तो दोनों ही टीमों ने बहुत कुछ सीखा और दर्शकों का भरपूर मनोरंज किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह, प्रधान विनोद बिंद, जेपी रावत, अनिल यादव कृष्णा, मुकेश मौर्या, बृजेश गौड़ फौजी, संदीप यादव, मनीष यादव, दीनदयाल यादव, पंकज यादव व नारद यादव उपस्थित रहे। संचालन धीरज यादव व जगदीश यादव, धन्यवाद ज्ञापन संजय यादव ने किया।

खखड़ा आगजनी प्रकरण को लेकर एएसपी से मिले रामकिशुन

Young Writer, चंदौली। गत दिनों इलिया थाना क्षेत्र के खखड़ा में विवाद के बाद हुई आगजनी की घटना को लेकर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव एएसपी चिरंजीवी मुखर्जी से मिले। इस दौरान उन्होंने एएसपी को घटना से अवगत कराया। बताया कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पायी है, जिससे पीड़ित परिवार में डर व दहशत कायम है। लिहाजा उक्त मामले स्थानीय पुलिस को कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए जाएं।
विदित हो कि गत 19 दिसंबर की रात खखड़ा गांव के राजकुमार उर्फ प्रिसं सिंह, अपने भाई व पिता के साथ रामू यादव के रिहायशी मड़ई में आग लगा दिया जिससे मड़ई के अंदर बंधे आठ मवेशियों की मौत हो गयी थी। उक्त घटना के बाद पीड़ित रामू यादव की तहरीर पर इलिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन पुलिस उक्त आरोपियों के प्रभाव में आ गयी है जिस कारण मारपीट व आगजनी करने वाले आरोपियों की धर-पकड़ का कार्य शिथिल पड़ गया है। उस वक्त पुलिस ने मामले की लीपापोती के लिए मृत गायों को जबरन जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर दफन करवा दिया था। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां मिल रही है। ऐसे में जनपद पुलिस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करे, जिससे पीड़ित परिवार के लोग भयमुक्त होकर अपना गुजर-बसर कर सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव, मुकेश यादव, पारसनाथ यादव, शिवकुमार गुप्ता, रामप्रवेश यादव, रामराज यादव आदि उपस्थित रहे।

रचनात्मकता को पूरी शिद्दत के साथ सीखें छात्राएंः साजिदा

राजकीय आईटीआई कालेज चंदौली में फैशन डिजाइनिंग की छात्राएं।

Young Writer, चंदौली। क्षेत्र के रेवसा स्थित राजकीय आईटीआई कालेज के फैशन डिजाइनिंग की छात्राओं ने कालेज में नववर्ष उत्सव मनाया। इस दौरान कक्षाओं को साजो-सज्जा कर उसे भव्यता प्रदान किया गया। साथ ही छात्राओं ने तरह-तरह के लजीज पकवान भी तैयार किए। नए साल को लेकर छात्राओं में उत्साह दिखा और उन्होंने अपने कला-कौशल का भरपूर प्रदर्शन किया, जिसे फैशन डिजाइनिंग की शिक्षिका साजिदा बानो द्वारा सराहा गया। कहा कि अपने अंदर छिपी कला को समय-समय पर प्रदर्शित करते रहना चाहिए, ताकि उसमें व्याप्त खामियों को दूर कर उसे निखारा जा सके।

उन्होंने कहा कि डिजाइन यानी संरचना मानव दिलो-दिमाग के अंदर चल रही क्रिएटिव सोच को विभिन्न माध्यमों से पटल पर रखने का माध्यम है। कला के प्रति रुचि रखने वाले न केवल कैनवास व वस्तुओं में रंग भरने का काम करते हैं, बल्कि इस विधा से अपने व दूसरों के जीवन में रंग भरकर उसे सुंदर बनाने का काम करते हैं। आज छात्राओं को जो कुछ भी सीखने का मौका मिल रहा है उसे पूरी शिद्दत के साथ मेहनत व लगन के साथ सीखें। यदि कहीं किसी तरह का संशय है तो उसे दूर करें। नवीनतम कलाओं के बारे में जाने और सीखे और हमेशा अपने अंदर कुछ नया सीखने की ललक को बनाए रखे। क्योंकि सीखने की चाह ही इंसान को बेहतर से बेहतरीन बनाती है। इसके पूर्व छात्राओं ने तरह-तरह के आयोजनों से कालेज के शिक्षकों का मन मोह लिया। शिक्षकों द्वारा भी छात्राओं की मेहनत को जमकर सराहा गया। इसके साथ फैशन डिजाइनिंग की छात्राएं स्वनिर्मित तरह-तरह के डिजाइर परिधान पहने हुए नजर आयीं। इस अवसर पर शिक्षिका शालिनी के अलावा शिवानी सिंह, अमीषा जायसवाल, प्रतिमा, सोनाली सिंह, रूबी आदि उपस्थित रहे।

…हमारे लिए परदेशी है अंग्रेजी न्यू ईयर

हृदय नारायण दीक्षित

Young Writer, साहित्य पटल। लेखकः उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित की कलम से

खुमारी के प्रभाव में आलस्य भी होता है। आधी नींद और आधा जागरण साथ साथ चले तो खुमारी। ईसा के नववर्ष पर कहीं दारू भी जमकर चली। आज तक हैप्पी न्यू ईयर की शुभकामनाएँ जारी हैं। हैप्पी बोलने का अपना मजा है और सुनने का भी। अंग्रेजी न्यू ईयर आधुनिकता का प्रतीक है। यह न्यू ईयर परदेशी है। कुछ लोग विदेशी जीवन शैली को आधुनिकता कहते हैं। कुछ बरस से हमारे गांव, देहात के भी कुछ लोग हैप्पी न्यू ईयर बोल रहे हैं। हम भारत के लोग उत्सव प्रेमी हैं। विदेशी परंपरा के न्यू ईयर को भी हैप्पी बोलते हैं। नववर्ष का ‘नव‘ बड़ा मजेदार है। अंग्रेजी कैलेण्डर का यह नववर्ष विचारणीय है। मेरा ध्यान बार-बार ‘नव‘ पर जाता है। शब्द ‘नव‘ के कई अर्थ है। ज्योतिष में नवग्रह हैं। ज्योतिष के ‘नव‘ का अर्थ नया नहीं है। इसका अर्थ नवां है। नवां बोले तो ‘नाइन्थ’। संस्कृत भाषा के ‘नवम्‘ का अर्थ भी नया नहीं है। 9वाँ है। नवरात्रि में भी ‘नव‘ शब्द जुड़ा हुआ है। इस ‘नव‘ का अर्थ संख्यावाची है। लेटिन का नवम्बर का अर्थ भी नौवां है, लेकिन अंग्रेजी कैलेण्डर में यह 11वाँ है। इसी तरह लेटिन सेप्ट अंग्रेजी का सितम्बर 7वाँ और ऑक्ट अक्टूबर 8वाँ है। लेकिन कैलेण्डर में अक्टूबर 10वाँ और सितम्बर 9वाँ है। महाप्राण निराला ने ”अमृत मंत्र नव भारत में वरदे/वीणा वादिन वरदे लिखा है। यहाँ ‘नव भारत’ का अर्थ नया है। नव यौवन का अर्थ नौवां यौवन नहीं है। नया यौवन है। हम भारत के लोग यूरोपीय रिनेसा को नव जागरण कहते हैं। इसका अर्थ भी नया है। नव या नये के चक्कर में नवना या झुकना ठीक नहीं माना जाता है। तुलसीदास ने भी झुकने के लिए नवना शब्द का प्रयोग किया है – नवनि नीच की अति दुखदाई।

अंग्रेजी नववर्ष मुझे उल्लास नहीं देता। मन बार-बार सोचता है कि 365 दिन के वर्ष को हम जनवरी से ही क्यों प्रारंभ करें? जनवरी माह में भारत में कोई नया रूपक नहीं खिलता। न कृषि में, न समाज में, न हमारी प्रकृति में। जनवरी की हवायें भी प्रीतिपूर्ण स्पर्श नहीं देती है। वनस्पतियां भी शीत के कारण सिकुड़ी रहती है। हवाओं में मधु नहीं होता। प्रकृति में नवछन्द भी नहीं उगते। जनवरी में सौन्दर्यबोध नहीं। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। वैदिक साहित्य में वर्ष के 720 अहो रात्र की चर्चा है। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा 720 अहो रात्र में करती है। अहो रात्र दिन-रात के जोड़े को कहते हैं। 720 अहो रात्र मिलकर वर्ष बनते हैं। पृथ्वी परिक्रमा प्रकृति का नियम है। भारतीय परंपरा में वर्ष का काल गणना चैत्र माह की प्रतिप्रदा से होती है। हैप्पी न्यू ईयर का भारतीय परंपरा से कोई लेना-देना नहीं है। घूम-फिरकर वही प्रश्न आता है कि का नया साल जनवरी से ही क्यों? बसन्त की मधुछंदा हवाओं के समय क्यों नहीं? फाल्गुन या चैत्र से क्यों नहीं? अंग्रेजी विद्वानों की अपनी सोच है। पहले उन्होंने 10 माह का कैलेण्डर बनाया। उसमें जनवरी, फरवरी नहीं थी। तब सितम्बर सातवां था। अंग्रेजी में सेप्टम्बर था। जनवरी फरवरी जोड़ने से 7वाँ माह 9वाँ हो गया। 8वाँ अक्टूबर लैटिन में आक्ट था। यह 10वाँ हो गया। दिसम्बर का अर्थ ही 10वाँ होता है। वह 12वाँ हो गया। अंग्रेजी कैलेण्डर में झोल है। मित्र लोग तमाम रंगीन कैलेण्डर और डायरी दे जाते हैं। इनमें विभिन्न उत्पादों के प्रचार होते हैं। सरकारी कामकाज की तारीखें होती हैं। अंग्रेजी कैलेण्डर दीवार पर है। इस कैलेण्डर का अध्ययन जरूरी है। अंग्रेजी सभ्यता प्रभावित विद्वान अंग्रेजी में सोचते हैं। अंग्रेजी में हंसते हैं ओर हिन्दी में उदास हो जाते हैं। वह जनवरी में नये होते हैं। बसन्त में मधुगंधा नहीं होते हैं। ऋतुराज बसन्त का स्वागत नहीं करते। वैलेन्टाइन को प्रेम का साधुसंत मानते हैं। चर्च की शब्द सूची में वैलेन्टाइन का नाम नहीं है।

प्रकृति के अंश प्रतिपल बदलते रहते हैं। सो ग्रीष्म, शीत, वर्षा प्रतिपल नए हैं। देखने और अनुभव करने की भारतीय दृष्टि अखंड है। इसमें भूत और वर्तमान का भेद नहीं है। बीते और प्रत्यक्ष की समय विभाजक रेखा नहीं है। अस्तित्व प्रतिपल नया है। प्रतिपल नया होना इसकी प्रकृति है। हमारी प्रत्येक सांस नई है। छंद नए हैं। भूत और अनुभूत साथ साथ हैं। हम भी प्रतिपल नये हैं। प्रत्येक सूर्योदय नया हैं। हरेक चन्द्र भी। खिलने को व्याकुल कली आज खिल गयी है। पुष्प भी नये हैं। वह बीज बनने को व्याकुल है। पुराने या नये का अलग अस्तित्व नहीं हैं सब कुछ एक प्रवाह में है। पुराना मरता नहीं है। वह नया होकर बार-बार खिलता है। अस्तित्व नूतन या पुरातन नहीं है। यह चिरंतन है। सदा से है। सदा रहता है। कभी नष्ट नहीं होता।

काल विभाजित सत्ता नहीं है। काल गणना और विभाजन का काम हम करते हैं। काल भी अस्तित्व का भाग हो सकता है। प्रलय की स्थिति में गति नहीं होती। इसलिए काल भी नहीं होता है। दिवस और रात्रि भी नहीं होते। प्रलय के बाद सृष्टि उगती है। गतिशील होती है। गति से समय आता है। हम उसका विभाजन करते हैं। दिन-रात, मास, वर्ष काल के ही अंग है। कल जनवरी का पहला दिन था। उसके एक दिन पहले हम सब वर्ष 2021 में थे। इन दो दिन के भीतर वर्ष बदल गया, लेकिन दिसम्बर से लेकर आज दो जनवरी तक कहीं कोई परिवर्तन नहीं दिखाई पड़ता। जनवरी भी नई नहीं है। नववर्ष में कुछ भी नया नहीं दिखाई पड़ता है। न गीत, न छन्द, न प्रकृति के आनन्द की अनुभूति। न रूप, न रस, न गंध, न स्पर्श। यहां कुछ भी नया नहीं है और न ही कुछ पुराना। जम्बूद्वीप का भरतखंड नमस्कारों के योग्य है। यहाँ 6 ऋतुएँ आती हैं बार-बार। ढेर सारी नदियाँ हैं, लेकिन जनवरी में नदियाँ भी उल्लासधर्मा नहीं होती हैं। अंग्रेजी नववर्ष के दिनों में कड़ाके की सर्दी और कोहरा है। सर्दी भी कड़ाके की ठन्ड में कांप रही है। सर्दी के साथ वर्षा भी अपना खेल दिखा रही है। पशु-पक्षी सहित सभी जीव शीत पीड़ित हैं। अनेक जीव शीत निष्क्रियता में छुप गए हैं। सांप आदि जीव हाईबरनेशन में हैं। तो भी इस नववर्ष पर भी आप सबको बधाई। भारत का मन चैत्र माह के संवत्सर से बंधा है। संवत्सर सृष्टि सृजन की सुमंगल मुहूर्त है। यही भारत का नववर्ष है और अंतर्राष्ट्रीय नववर्ष भी है। उसी की प्रतीक्षा है। भारत के लिए यह आनंद का मुहूर्त है।

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