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Friday, July 10, 2026

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पीएनबी प्रेरणा की महिला सदस्यों ने पुरवा गांव में प्राइमरी स्कूल के बच्चों को वितरण किया बैग पेंसिल


चंदौली। सदर ब्लाक क्षेत्र के पुरवा गांव में शनिवार को वाराणसी पंजाब नेशनल बैंक द्वारा गठित पीएनबी प्रेरणा एनजीओ की महिला सदस्यों ने प्राईमरी स्कूल के बच्चों को स्कूल बैग पेंसिल व स्पोर्ट आदि सामानों का वितरित किया। और उनके उज्वल भविष्य की कामना के साथ पढ़ाई के लिए उनका उत्साह वर्धन किया।
इस बाबत उन्होंने कहा कि पीएनबी प्रेरणा इस तरह के समाज सेवा के कार्य के लिए प्रतिबद्ध है और समय- समय पर विकास कार्यों में भागीदारी करता है। एनजीओ की तरफ से सरकारी स्कूल के बच्चों को पढ़ने के लिए बैग पेंसिल बुक आदि सामानों का वितरण किया जाता है इससे गरीब बच्चे पढ़ लिखकर अपना भविष्य उज्ज्वल कर सके। कहा कि पंजाब नैशनल बैंक भारत का पहला पूर्णतः स्वदेशी बैंक है। जिसकी स्थापना के समय से ही देश और देश के नागरिकों की सेवा इसका परम लक्ष्य रहा है। समय समय पर अपने सामजिक कार्यों के द्वारा बैंक देश सेवा के साथ बैंकिंग के अपने लक्ष्य को दृढ़तर करता रहा है।

इसी उद्देश्य से प्रधान कार्यालय द्वारा पीएनबी प्रेरणा समूहा गठन अंचल एवं मंडल स्तर पर किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य वंचित तबके के नागरिकों की सेवा तथा बैंक के साथ उन्हें जोड़ना है। इस समूह में उच्च पदाधिकारियों की सहधर्मिणी वृन्द को समाज सेवा में आगे आने के लिए योजित किया गया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आगे भी इस तरह के कार्यों में अपनी भागीदारी करते रहेंगे।
इस दौरान पीएनबी बैक के डिप्टी जोनल मैजेर आंनद रॉय, सर्किल हेड डीजीएम राजेश कुमार, असिस्टेंट जनरल मैनेजर औरोबिंदो दास, संजय सिंह, संजीव कुमार सिंह,सर्वेंदर सिंह, बिमन कुमार,प्रकाश कुमार,बलिकरन यादव, झंमेजय सिंह,अंकित सिंह, अंजनी सिंह, बबिता कुमारी, रीना राय,कमला दास, नीतू गुंजन सिंह,निशि बिमन,वंदना अग्रवाल, गीता यादव आदि लोग उपस्थित रहे।

अवैध वसूली में एफआईआर , दो पुलिस कर्मी हिरासत में


शिकायत के बाद एसपी ने बैठाई जांच,
चंदौली। जनपद पुलिस शुक्रवार को एक बार फिर अपने कारनामे को लेकर सुर्खियों में रही। मामला अवैध व भ्रष्टाचार का है, जो उस वक्त खुला जब पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने जांच के आदेश दिए। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया सकलडीहा कोतवाली अंतर्गत नई बज़ार चौकी के पुलिस कर्मियों की संलिप्तता पुष्ट हुई तो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एफआईआर दर्ज कर दोषी पुलिसवालों को चंदौली पीएचसी में मेडिकल कराकर आगे की कार्यवाही में जुट गई।
एसपी अंकुर अग्रवाल को सीधे की गई शिकायत के मुताबिक शिकायतकर्ता ने उन्हें इस बात की जानकारी दी कि यूपी की सीमा में दाखिल होते ही उसके मछली लदे ट्रक को रोक लिया गया। इस दौरान दो वर्दीधारियों के साथ मौजूद चार अन्य ने वाहन चालक को धौंस दिखाकर रोक लिया और उसे छोड़ने के एवज में बड़ी रकम की मांग कर डाली। वाहन चालक के आरोपों के मुताबिक उसे नौबतपुर से नई बाजार पुलिस चैकी लाया गया, जहां उसने पुलिस अधिकारी की अपने स्वामी से टेलीफोनिक बातचीत कराई और मामला हल करने के लिए बड़ी रकम ली गई। इसके बाद जैसे ही ट्रक पर लदी मछलियां अपने गंतव्य हरियाणा पहुंची। ट्रक मालिक द्वारा एसपी चंदौली के सरकारी नंबर पर अवैध वसूली की शिकायत करते हुए घटित घटनाक्रम से अवगत कराया। बताया कि खुद को क्राइम ब्रांच बताने वाले चार लोग दो वर्दीधारियों से उनके ट्रक को रोककर वसूली की है। मामले को एसपी ने गंभीरता से लिया और तत्काल विभागीय जांच बैठा दी। इसके बाद एसपी के निर्देश पर सकलडीहा कोतवाली में दो पुलिस कर्मियों समेत चार अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दो को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद शाम को उन्हें चंदौली पीएचसी पर आरोपी पुलिस वालों का मेडिकल मुआयना करा कर आगे की कार्यवाही में जुट गई। इस दौरान चंदौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में सकलडीहा कोतवाली पुलिस के साथ ही चंदौली अन्य थानों को फोर्स तैनात रही। इस संबंध में एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि अवैध वसूली व भ्रष्टाचार जैसा कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत को महकमे ने गंभीरता से लेते हुए जांच किया और फरार चल रहे चार अज्ञात लोगों की धर-पकड़ के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं। 

सकलडीहा सीओ की बाइट

कविताः …कोई हक नहीं

Young Writer: रामजी प्रसाद भैरव Ramji

Young Writer, साहित्य पटल। रामजी प्रसाद “भैरव” की कविताएं

तुम्हें कोई हक़ नहीं
कि रोटी की बात करो
रोटी की बात
तुम तब कर सकते हो
जब विश्वास दिलाओ
तुम रोटी की माँग
नहीं करोगे ।
तुम्हें कोई हक़ नहीं
कि रोज़गार की बात करो
रोज़गार की बात
तुम तब कर सकते हो
जब विश्वास दिलाओ
तुम रोज़गार की मांग
नहीं करोगे ।
तुम्हें कोई हक़ नहीं
कि बुनियादी जरूरतों की बात करो
बुनियादी जरूरतों की बात
तुम तब कर सकते हो
जब विश्वास दिलाओ
तुम बुनियादी जरूरतों की माँग
नहीं करोगे ।
तुम्हें कोई हक़ नहीं
कि तुम स्वतंत्र अस्तित्व की बात करो
स्वतंत्र अस्तित्व की बात
तुम तब कर सकते हो
जब विश्वास दिलाओ
स्वतंत्र अस्तित्व की माँग
नहीं करोगे ।
तुम्हें कोई कोई हक़ नहीं
कि मरने की बात करो
मरने की बात
तुम तब कर सकते हो
जब विश्वास दिलाओ
मरने की माँग
नहीं करोगे ,कभी नहीं करोगे ।

वार्षिक कैलेंडर

वैसे तो हर कैलेंडर
वार्षिक होते है
पर कोई कोई कैलेंडर
अलग भी होते हैं
कुछ कैलेंडर में
पूरे वर्ष का लेखा जोखा
सहजता से लिखा जा सकता है
कुछ कैलेंडर के
खाली बने जगह में
दूध का हिसाब
पानी का हिसाब
धोबी का हिसाब
और भी कितना कुछ
टंकित होता है पूरे वर्ष
पर जब अख़बार वाला
ठीक उसी दिन
अख़बार नहीं देता
जिस दिन कैलेंडर छपा होता है
तो बहुत गुस्सा आता है
गुस्सा इसलिए भी आता है
पूरे वर्ष हमने इसी से खरीदे थे अख़बार
आज अख़बार न देकर
पूरे साल का हिसाब बिगाड़ दिया ।

ठीकरे

ठीकरे फोड़ने के लिए
सर चाहिए
मिल जाएंगे
इसके लिए बाज़ार
जाने की क्या आवश्यकता
पहले तय करो
कैसे सर चाहिए
बुद्धि वाले
ज्ञान से आच्छादित
या फिर
गुड़ गोबर
जिसमें भूसा भरा हो
जाहिर है
जिसमें भूसा भरा होगा
वह तुम्हारे काम न आएगा
ठीकरे फोड़ने के लिए
पहला वाला अच्छा साबित होगा ।

सृजन के पुष्प

रोपता मैं सृजन के पुष्प
बोते तुम विध्वंस के बीज
यही अंतर है
तेरे मेरे सोचने का ।
फसल तो दोनों की उगेगी
एक जीवन को सुरभित करेगी
दूसरी जीवन विराग कहेगी
विद्रूपता , जड़ता ,भीरुता
के अंधे मोड़ पर
तुम्हारे ठहाके गूँजेंगे
मेरे जीवन के शाश्वत प्रवाह में
स्वच्छन्दता का लय होगा
सुमधुर गान से नहीं टूटेंगी
स्वर लहरियों की निर्बाध श्रृंखला
रोपता मैं सृजन के पुष्प
बोते तुम विध्वंस के बीज
यही अंतर है
तेरे मेरे सोचने का ।
सत्य के मद्दम लौ के सहारे
देख लूंगा मैं
अपना कंटकाकीर्ण मार्ग
मुझे तुम्हारी तरह
नहीं खोना है
चकाचौंध की मृगमरीचिका में
जहाँ दम्भ , पाखण्ड ,स्वांग
छल , अहंकार के
भभकते ज्योतिपुंज पर
थिर हो गयी है
तुम्हारी चेतना
रोपता मैं सृजन के पुष्प
बोते तुम विध्वंस के बीज
यही अंतर है
तेरे मेरे सोचने का ।

साँप और सीढ़ी

जिंदगी साँप सीढ़ी का
खेल ही तो है
जहाँ शीर्ष पर
पहुँचने की होड़ है
बल्कि कुछ कदम
और आगे
जहाँ अंतिम नम्बर
लिखा है
उसके बाद
एक कदम भी
कोई आगे
नहीं जा सकता
परन्तु यह राह
आसान नहीं है
सफलता की राह
विषधर रोके खड़े हैं
बहुत कुछ भाग्य पर
निर्भर है
आप का अगला कदम
साँप में मुँह पर पड़ेगा
या फिर आगे
इसके प्रति आप
अनभिज्ञ ही होते हैं
यदि आप का कदम
साँप के मुँह से आगे
पड़ता है
तो निश्चय ही आप
भाग्यशाली हैं
और यदि मुँह पर
पड़ता है तो
उसके विष का प्रभाव है
आप नीचे गिर जाते हैं
जिंदगी और खेल में
बस फर्क इतना है कि
खेल बार बार मौका
देता है
पर जिंदगी नहीं ।

ठंडा लोहा और गर्म लोहा

ठंडे लोहे पर
श्रम साध्य करने वाले
नादान श्रमिक
अपनी स्फीत शिराओं में
उमड़ घुमड़ रहे
रक्त के प्रवाह को
निरर्थक मत उकसा
अत्यधिक श्रम के
आक्रोश का वेग
कहीं मस्तिष्क में
चढ़ न जाए
परिणाम की भयावह
कल्पना
तुम्हें हो न हो
परन्तु तुम्हारा यह
खालिश श्रम
तुम्हारी जड़ता
उजागर कर देगा ।
अपने श्रम के
परिप्रेक्ष्य
सृजनात्मकता को
आकार देना
चाहते हो तो
अनुभव के
पंख लगा लो
उड़ लो
रचनात्मकता के
खुले वितान में
तब तक
ठंडा लोहा
गर्म लोहे में
परिवर्तित हो
चुका होगा ।
तुम भी
अवसर का
लाभ उठाकर
उसे चोट दो
एक बार नहीं
बल्कि बार बार
इस अल्प श्रम से
आवृत्त
उस गर्म लोहे को
जितना चाहो
मोड़ सकते हो
उसे जो आकर दोगे
मौन स्वीकार होगा ।

नदी

नदी !
तुम इस बात से
आश्वस्त कभी मत होना
कि तुम्हारे तट पर खड़ा
हर कोई व्यक्ति
श्रद्धालु ही होगा ।
वह तमाशाई
या फिर
उत्श्रृंखल
लम्पट भी
हो सकता है
जो तुम्हारे
शांत जल में
पत्थर का
एक टुकड़ा फेंककर
उपहासात्मक ढंग से
गिन सकता है
तुम्हारे जीवन में
आये हलचल को ।

सुना है

यह दुनियां
बहुत बड़ी है
इत्ती बड़ी , इत्ती बड़ी , इत्ती बड़ी
नहीं सबसे बड़ी
इसमें ही सब कुछ
समाया हुआ है
और समाया हुआ है
इस बड़ी दुनियां में
एक छोटी दुनियां
उस छोटी दुनियां
के भी अंदर
एक छोटी दुनियां और है
इसी प्रकार दुनियां के अंदर
एक और छोटी दुनियां
ऐसे ही जाने कितनी
दुनियां गढ़ लिए हैं
आदमी ने ,
अपनी प्रभुता के लिए
जहाँ का वह स्वयम्भू शासक है
और आदमी
इस भ्रम और अहंकार में
जी रहा है कि
वह दुनियां का श्रेष्ठ आदमी है ।

दुनियां

सुना है
यह दुनियां
बहुत बड़ी है
इत्ती बड़ी , इत्ती बड़ी , इत्ती बड़ी
नहीं सबसे बड़ी
इसमें ही सब कुछ
समाया हुआ है
और समाया हुआ है
इस बड़ी दुनियां में
एक छोटी दुनियां
उस छोटी दुनियां
के भी अंदर
एक छोटी दुनियां और है
इसी प्रकार दुनियां के अंदर
एक और छोटी दुनियां
ऐसे ही जाने कितनी
दुनियां गढ़ लिए हैं
आदमी ने ,
अपनी प्रभुता के लिए
जहाँ का वह स्वयम्भू शासक है
और आदमी
इस भ्रम और अहंकार में
जी रहा है कि
वह दुनियां का श्रेष्ठ आदमी है ।

प्रेम

प्रेम
पूरा का पूरा
दिया सलाई नहीं है
जहां आग होती है
बल्कि प्रेम
माचिस की पट्टी पर
बिछे बारूद के छोटे कण
और तीली लगे मामूली बारूद के
हल्के स्पर्श से
निकली चिंगारी है
जिसे जमाना सिद्दत से
महसूस करता है
एक भीड़ आग के पीछे दौड़ती आयी है
शदियों से
उसे बारूद से बारूद की
स्पर्श की अनुभूति कभी नहीं रही ।

खरोंच के निशान हैं

जब मेरा माथा
दुःखने लगता है
दिन भर की कचर पचर से
आंख बन्द कर लेता हूं
कुछ भी याद नहीं रखना चाहता
किससे मिला , सुख या दुःख
किसने दी थोड़ी सी प्रसन्नता
किसने जले पर नमक छिड़का
किसने उपहास में उड़ा दिए
मेरे मासूम से सवाल
हंसी ठहाकों में
मैं उन्हें स्मृतियों से बाहर
छोड़ आया था कब का
इस समय मेरा माथा केवल
तुम्हारे कोमल स्पर्श की
कल्पना चाहते थे
तुम्हारी कोमल सींक सी
उंगलियों के पोर
छू रहे हो
केवल मेरा माथा ही नहीं
मेरा अंतस भी
जहां कुछ क्रूर निर्मम
लोगों द्वारा खरोंच के निशान हैं ।

जीवन परिचय-
 रामजी प्रसाद " भैरव "
 जन्म -02 जुलाई 1976 
 ग्राम- खण्डवारी, पोस्ट - चहनियाँ
 जिला - चन्दौली (उत्तर प्रदेश )
मोबाइल नंबर- 9415979773
प्रथम उपन्यास "रक्तबीज के वंशज" को उ.प्र. हिंदी  संस्थान लखनऊ से प्रेमचन्द पुरस्कार । 
अन्य प्रकाशित उपन्यासों में "शबरी, शिखण्डी की आत्मकथा, सुनो आनन्द, पुरन्दर" है । 
 कविता संग्रह - चुप हो जाओ कबीर
 व्यंग्य संग्रह - रुद्धान्त
सम्पादन- नवरंग (वार्षिक पत्रिका)
             गिरगिट की आँखें (व्यंग्य संग्रह)
देश की  विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन      
ईमेल- ramjibhairav.fciit@gmail.com

भाजपा जिला महामंत्री के घर को चोरों ने बनाया निशाना, नकदी समेत लाखों की चोरी



चकिया। कोतवाली क्षेत्र के साराडीह गांव में बुधवार की रात चोरों ने भाजपा के जिला महामंत्री उमाशंकर सिंह के घर को निशाना बनाया। चोर 28 हजार नगद सहित लाखों रुपए के गहनों पर हाथ साफ कर दिया। भुक्तभोगी उमाशंकर सिंह के छोटे भाई पूर्व प्रधान जनार्दन सिंह उर्फ मुन्ना ने घटना के बाबत तहरीर कोतवाली पुलिस को दे दी है पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।


साराडीह गांव में भाजपा के जिला महामंत्री उमाशंकर सिंह के छोटे भाई जनार्दन सिंह उर्फ मुन्ना अपने परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार की रात 12 बजे के छत के रास्ते घर में घुसे हौसला बुलंद चोरों ने मुन्ना सिंह के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके मकान के दूसरे कमरे में रखी आलमारी को तोड़कर उसमें रखे 28 हजार रूपए नगद सहित 4 जोड़ी सोने का हार, 4 जोड़ी सोने की चूड़ी, 1 जोड़ी सोने का कंगन, सोने का दो मंगलसूत्र, सोने की 10 अंगूठी, सोने का नथिया दो, सोने का मांग टीका 1, 5 जोड़ी सोने का झुमका, 1 जोड़ी चांदी की पैजनी, 1 जोड़ी सोने की बाली, 2 जोड़ी सोने का टप्स पर हाथ साफ कर दिया। अलमारी टूटने की आवाज जैसे ही जनार्दन सिंह कि नींद खुली और वह कमरे से बाहर निकलने लगे तो बाहर से कमरे का दरवाजा बंद था। जिस पर उन्होंने फोन कर के आसपास के लोगों को बुलाया जब तक लोग जुटते उससे पहले ही चोर चोरी किए गए सामान को लपेट कर रफू चक्कर हो गये। गुरुवार की सुबह जिला मुख्यालय से डाग स्क्वायड और एसओजी टीम ने भी घटनास्थल की गंभीरता से जांच की। साराडीह भाजपा के जिला महामंत्री उमाशंकर सिंह एडवोकेट के अलावा विधायक कैलाश आचार्य का भी गांव है। पुलिस क्षेत्राधिकारी रघुराज ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।

राजनीतिक चर्चाः कहीं परिणय-सूत्र बदल न दे सैयदराजा का सियासी परिणाम

मांगलिक कार्यक्रम में आपसी स्नेह साझा करते मनोज सिंह डब्लू व विनीत सिंह।
मांगलिक कार्यक्रम में आपसी स्नेह साझा करते मनोज सिंह डब्लू व विनीत सिंह।

सैयदराजा विधानसभा में रही मनोज की पुत्री व विनीत के पुत्र के तिलकोत्सव की चर्चा

Young Writer, चंदौली। स्टोरी शमशाद अंसारी

अमूमन किसी भी मांगलिक कार्यक्रम की नींव वर-वधू के ग्रह-नक्षत्रों के मेल व गुण-अवगुण के मिलान पर आधारित होती है। इसके अलावा दो परिवारों की सहमति, संस्कार व विचारों का मेल उन्हें सदा-सदा के लिए एक सूत्र में बांधने का काम करता है, जिसे परिणय-सूत्र कहा गया है। लेकिन बुधवार की रात वाराणसी में सम्पन्न हुए मांगलिक कार्यक्रम ने जनपद के सैयदराजा विधानसभा के सियासी समीकरण को ही बदल डाला। राजनीतिक पंडितों की माने तो दो परिवारों का यह मेल यदि बीते विधानसभा चुनाव के पहले हुआ होता तो सैयदराजा की सियासी तस्वीर आज कुछ और हो सकती थी। लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जो बदलाव बीते भूत में नहीं हुए उसके भविष्य में होने की अपार संभावनाएं नजर आ रही है। बात हो रही है सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू की पुत्री व श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह के पुत्र के तिलकोत्सव समारोह की, जहां पूर्वांचल की राजनीति में अच्छी खासी दखल रखने वाले कई दिग्गज राजनेताओं का जमावड़ा हुआ तो परिवारिक माहौल में कुछ राजनीति बातें भी हुई।

Young Writer: तिलकोत्सव में मौजूद मनोज सिंह डब्लू‚ विनीत सिंह व उनके पारिवारिक जन।
Young Writer: तिलकोत्सव में मौजूद मनोज सिंह डब्लू‚ विनीत सिंह व उनके पारिवारिक जन।

आप सोच रहे होंगे कि लगन का दौर चल रहा है ऐसे में एक तिलकोत्सव को सियासत के चश्मे से देखने की क्या जरूरत पड़ गयी। इसे समझने के लिए हमें अतीत के वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव और उसके नतीजे को जाना बेहद जरूरी है। 2017 के सत्ता परिवर्तन की बेला में सैयदराजा विधानसभा से तीन दिग्गज चुनावी रण में उतरे मनोज डब्लू जहां अपनी सीट को बचाने के लिए सबकुछ दांव पर लगाए हुए थे, वहीं सुशील सिंह के समक्ष नए विधानसभा में अपने विजय अभियान को बचाने की चुनौती थी। वहीं बसपा नेता श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह अपने बुरे वक्त को अपनी जीत से बेहतर बनाने की उम्मीदों के साथ पूरी शिद्दत से चुनाव लड़े। इस त्रिकोणीय मुकाबले में सुशील सिंह ने मनोज व विनीत को पीछे करके जीत का सेहरा अपने सिर बांधा। सैयदराजा की जनता ने बसपा उम्मीदवार रहे विनीत सिंह को 32.80 प्रतिशत यानी 64375 वोट देकर दूसरे स्थान पर रखा, वहीं मनोज सिंह डब्लू 22.84 प्रतिशत यानी 44832 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। सुशील सिंह को सर्वाधिक 40.19 यानी 78869 मत मिले। अब आंकड़ों देखें तो यदि यह पारिवारिक गठजोड़ विधानसभा चुनाव-2022 के पहले होता तो आंकड़े भी बदल जाते और सैयदराजा विधानसभा के सियासत के भी बदलने के आसार थे। लेकिन अब भूत की नहीं, बल्कि वर्तमान की संभावनों पर विचार हो रहे हैं। राजनीति पंडितों का यह अनुमान है कि राजनीति में मजबूत दखल रखने वाले दो परिवारों के बीच परिणय-सूत्र की गांठ से सैयदराजा विधानसभा के परिणाम पर सीधा असर पड़ेगा।

2017 Legislative Assembly Constituency Election
S NCandidatePartyTotal Vote
1Sushil Singh
Male
38 yr
GEN
BJP
Bharatiya Janata Party
78869
40.19%
2Shyam Narayan Singh
Male
42 yr
GEN
BSP
Bahujan Samaj Party
64375
32.8%
3Manoj Kumar
Male
43 yr
GEN
SP
Samajwadi Party
44832
22.84%

पुस्तक समीक्षाः साठ के हेमंत

Young Writer, साहित्य पटल डा. गोपाल सिंह, समीक्षक

उमेश प्रसाद सिंह द्वारा संपादित पुस्तक ʺसाठ के हेमंतʺ नई दिल्ली से प्रभात प्रकाशन ने छापी है । पुस्तक पठनीय ही नही ज्ञानवर्धक व संग्रहणीय भी है । हेमन्त के आद्योपान्त जीवन चित्र को समायोजित करने का प्रयास संपादक उमेश प्रसाद सिंह ने पुस्तक मे किया है। हेमंत जैसे विराट व्यक्तित्व को एक पुस्तक मे सहेजना कठिन ही नही नामुमकिन भी है। तय तो पाठक करेगा संपादक की सफलता । परन्तु प्रथमतः संपादक जी सफल होते दिख रहे है । कुल 109 संस्मरणीय लेख संपादक के सफलता की न केवल गवाही दे रहे है, अपितु हिमालय जैसे व्यक्तित्व के संवाहक हेमंत का कद और भी चमका रहे हैं । इन संस्मरणात्मक लेखों में प्रख्यात आलोचक डा.नामवर सिंह के लेख से अगर हेमंत शर्मा के व्यक्तित्व मे चार चांद लगता है तो राष्ट्रवादी चिन्तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत का लेख हेमंत शर्मा के व्यक्तित्व को निःसंदेह राष्ट्रीय फलक का दर्जा प्रदान करता है। जो अपने आप मे काफी मायने रखता है । दोनो लेख दो भिन्न मतो का राष्ट्रीय संपादन करते है ।

यही हेमंत शर्मा के व्यक्तित्व की खासियत और विशेषता है। यही संपादक उमेश प्रसाद सिंह की जबर्दस्त सफलता है ।पद्मश्री से सम्मानित जेपी आन्दोलन से निकले वरिष्ठ पत्रकार, राजनीति, समाज और संविधान पर आधा दर्जन पुस्तकों के लेखक, वर्तमान मे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने हेमंत के व्यक्तित्व को अद्भुत धार दी है । पुस्तक के प्रारंभ मे संपादक ने कुल 14 पृष्ठ में हेमंत शर्मा के व्यक्तित्व को प्रक्षेपित करने का अथक प्रयास करते हुए अपने संपादन के सफलता की जोरदार दस्तक दी है‚ जिससे पाठक सहज ही पुस्तक का कायल हो जाता है । रही सही कसर शीला भट्ट ने पूरी कर दी है। पुस्तक के अन्त मे 30 पेज मे हेमंत शर्मा से संवाद को केंद्र मे रखकर संपादक ने हेमंत से वह सारी बातें शीला भट्ट के जरिए उगलवा ली है, जहां से पुस्तक के पूर्णता में कोई कसर बाकी रहने की संभावना सी थी । संपादक उमेश प्रसाद सिंह ने न केवल हेमंत शर्मा के सहपाठियों के लेख को पुस्तक मे स्थान दिया है अपितु शरद भैया, वीणा, ईशानी और पार्थ के लेखन से हेमंत के साथ अद्भुत न्याय भी किया है। पुस्तक मे संघ पृष्ठभूमि से दत्तात्रेय होसबाले का लेख है तो सत्ता के केन्द्र से अमित शाहराजनाथ सिंह के साथ विपक्ष के असदुद्दीन ओवैसी, प्रोफेसर रामगोपाल यादव, राजीव शुक्ला की कलम भी हेमंत के व्यक्तित्व को बहुत ही बारीकी से उकेरती हुई अपना गन्तव्य तय करती है।

असल में यही हेमंत का साठ सफलतापूर्वक परवान चढता है । जो संभवतः संपादक का मंतव्य है । कवि, लेखक, पत्रकार, कलाकार भी साथ है । कुमार विश्वास, मालिनी अवस्थी, साजन मिश्र, प्रोफेसर देवी प्रसाद द्विवेदी, डा. वेद प्रताप वैदिक, प्रोफेसर आनन्द कुमार, स्वामी रामदेव, मोरारि बापू, बृजेश पाठक, आशुतोष आदि के लेखों ने क्रमशः हेमंत के व्यक्तित्व के अनछुए पहलुओं से पाठक को रूबरू कराया है तो हेमंत के साढे चार दशक पुराने सहपाठी व मित्र प्रोफेसर अरुण कुमार मिश्र, प्रोफेसर दिनेश कुशवाह, डा. शोभनाथ गुप्ता, डा. गोपाल सिंह, डा.रामप्रकाश कुशवाहा, अजय त्रिवेदी आदि ने अपने लेख के माध्यम से हेमंत के व्यक्तित्व का समुच्चय उभार पाठक तक पहुचाने मे सफलता हासिल की है। ईशानी के विदाई से व्यथित हेमंत को मुकम्मल बाप का एहसास कराता वीणा का मर्मस्पर्शी लेख निश्चित रूप से पाठक के आख से बरबस आसू छलका देता है।

यही पर आकर संपादक की कामयाबी परवान चढती सी नजर आती है। पुस्तक में 32 पृष्ठों मे हेमंत की महत्वपूर्ण तस्वीर बहुत कुछ बया कर रही है , कह सकते है यह पुस्तक हेमंत के साठ साल के संघर्ष का जीवंत दस्तावेज है । जहा कहना मुश्किल है कि हेमंत मे काशी है कि काशी मे हेमंत है। कुल मिलाकर दोनो न केवल अन्योन्याश्रित है अपितु दोनो एक दूसरे के पूरक है । और यही चीज हेमंत को औरो से अलग करती है । हेमंत मित्रो मे मित्र है तो पत्रकारों में पत्रकार, लेखकों में लेखक है तो कलाकारों में कलाकार। सम्बन्ध जीवी, उत्सव जीवी, हेमंत आवभगत और खाने खिलाने पिलाने के भी बेहद शौकीन है। चुटकीबाज हेमंत का अनूठा व्यक्तित्व उनके लोगो के सिर चढ़कर बोलता है।

संपादक ने पुस्तक को पूज्यनीय पिताश्री स्व मनु शर्मा को समर्पित कर अपने संपादन और पुस्तक की महत्ता मे चार चांद लगा दिया है । एक बात की कसक सबको रह गई है ,पेट भर कर कोई नही लिख पाया, हेमंत पर कहा से लिखना शुरू करे ।यह सबके लिए समस्या थी । सब और लिखना चाहते थे । परन्तु संपादक की अपनी अलग प्रतिबद्धता थी । बहुत लेख पुस्तक मे अपना स्थान हासिल नही कर पाए , इस चिन्ता से आज भी संपादक जी व्यथित है। खैर, अब हेमंत का पाठक वर्ग पुस्तक के विमोचन के इन्तजार में है । अन्त मे हेमंत के गुरूतर और सहज व्यक्तित्व को बधाई । निश्चित तौर पर संपादक उमेश प्रसाद सिंह ने कठिन परिश्रम कर पुस्तक को इस मुकाम तक पहुंचाया है । कुल 111 लेखो का संग्रह व संपादन कठिन ही नही दुरूह भी है ,लेकिन धैर्यवान व्यक्तित्व के यथार्थ मूर्तिकार उमेश प्रसाद सिंह जिस सहज भाव इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाए, यह सबके बस का नही है। अवश्यमेव उमेश प्रसाद सिंह बधाई के पात्र ही नही अपितु हकदार भी है। अन्त में हेमंत और उमेश दोनों को शुभकामनाएं।

चोरों ने नकदी सहित डेढ़ लाख का आभूषण उड़ाया


सकलडीहा। कोतवाली क्षेत्र के बरठी गांव के हरिनारायण राम के घर में चोरों ने दरवाजा तोड़कर घर में घुस गये। दो कमरों का ताला तोड़कर डेढ़लाख की आभूषण सहित 57 हजार रूपया नगदी लेकर चंपत होगये। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहंुची कोतवाली पुलिस तहरीर लेकर जांच में जुट गयी।
बरठी गांव के हरिनारायण अपनी पत्नी रीता के साथ घर में अकेले सोये हुए थे। करीब चार पांच की संख्या में चोर सामने से लोहे की दरवाजा का ताला तोड़कर घर में घुस गये। सो रहे पति पत्नी की कमरे के दरवाजा को चोरों ने बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद घर के दो कमरों से 44 हजार नगदी और समूह का रखा हुआ करीब 13 तेरह हजार रूपया और सोने की चैन, कनफूल, नथुनी सहित करीब डेढ़ लाख की आभूषण चोरों ने दो अटैची और दो बाक्स के साथ चंपत हो गये। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने 112 पर फोन कर अवगत कराया। पुलिस के आने से पूर्व चोर फरार हो गये थे। पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर लेकर पुलिस जांच में जुट गयी है। इस बाबत कोतवाल अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि चोरी की घटना का तहरीर लेकर कार्रवाई की जा रही है।

आगामी सत्र में विकाश के नए आयाम स्थापित करेगा यूपीः डा.महेंद्रनाथ


चंदौली। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री व सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय ने यूपी सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पेश किए गए बजट को सराहा। कहा कि अमृतकाल में प्रदेश सरकार द्वारा पेश किया गया बजट प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को नए आयाम देगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश लगातार उन्नति कर रहा है। यह बजट गरीबों, किसानों, नौजवानों, मजदूरों के उत्थान में बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। बजट से तरक्की की राह खुलेगी और हर वर्ष की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। बजट में किसानों के साथ नौजवानों व अन्य सभी वर्ग के हितों व उनकी सुख-समृद्धि का पूरा ध्यान रखा गया है। आगे आने वाले वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश विकास व जनकल्याण के मामले में नए आयाम स्थापित करेगा।

पूर्व मंत्री रीबू श्रीवास्तव का बड़ा आरोप‚ बेटियों के साथ हो रहे दुष्कर्म में भाजपा के लोग शामिल

सपा कार्यालय पर महिला कार्यकर्ताओं को संबोधित करती प्रदेश अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव।
सपा कार्यालय पर महिला कार्यकर्ताओं को संबोधित करती प्रदेश अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव।

Young Writer, चंदौली। समाजवादी पार्टी महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मंत्री रीबू श्रीवास्तव बुधवार को भाजपा सरकार पर हमलावर रही। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया। कहा कि यूपी के 75 जिलों में बेटियों, लड़कियों के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं और ऐसे कुकृत्य में भाजपा के लोग शामिल हैं। यही वजह है कि दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है। कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंदर है। सरकार निवेश, रोजगार व सुविधाओं की बात करती है, लेकिन धरातल पर कुछ भी अस्तित्व में नहीं है। महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष रिबू श्रीवास्तव समाजवादी पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं।

इस दौरान उन्होंने कहा कि गांवों में उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस सिलिंडर धरे के धरे हैं। सरकार ने महंगाई इतनी बढ़ा दी है कि गरीब सिलेंडर को भराने में समर्थ नहीं है। यूपी सरकार ने महिलाओं से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को बंद व बर्बाद करने का काम किया है। कहा कि महिलाओं में अब इतनी जागृति आ गई है कि वे पांच किलो अनाज के बदले अपने बच्चों का भविष्य दांव पर नहीं लगा सकती। सरकार रोजगार व नौकरी के अवसरों को खत्म कर रही है। सरकारी संपत्तियों को प्राइवेट हाथों में सौंपा जा रहा है। सरकार की गलत नीतियों से किसान, नौजवान, व्यापारी व महिलाएं सभी परेशान है। कहा कि सूबे के सभी जिलों का भ्रमण कर समाजवादी पार्टी के महिला विंग को इतना सशक्त बनाने का काम होगा कि वे युवाओं व महिलाओं के साथ ही किसानों के मुद्दे पर मजबूती के साथ मुखर हो और 2024 के लोकसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करें। इतना ही नहीं जनता को बेरोजगारी, महंगाई व अपराध से निजात दिलाने के लिए आगे आएं। सपा की सोच है कि किसानों को बीज व पानी मिले। उन्हें खेती के लिए निःशुल्क बिजली तथा बुनकरों को फ्लैट रेट पर बिजली उपलब्ध कराई जाए।

अल्पसंख्यकों तक पहुंचाएं सरकार से जुड़ी योजनाएंः हैदर अब्बास

अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हैदर अब्बास को ज्ञापन सौंपते लोग।
अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हैदर अब्बास को ज्ञापन सौंपते लोग।

चंदौली पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य ने की बैठक

Young Writer, चंदौली। सूबे के अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हैदर अब्बास चांद बुधवार को जनपद दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और अल्पसंख्यक से जुड़े मामलों की समीक्षा की। जनपद के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र अल्पसंख्यकों तक पहुंचाने में अपना सहयोग प्रदान करें। मदरसा संचालकों ने आधुनिक शिक्षकों के मानदेय संबंधित ज्ञापन स्वीकार किया।

इस दौरान उन्होंने कौशल विकास योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के 173 युवाओं का नामांन किया गया। दीनदयाल गारमेंट योजना के तहत 70 बुनकर पंजीकृत है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि जनपद के कुछ स्थानों पर गरीब के ईलाज व जांच के नाम पर वसूली की जा रही है। दवाएं बाहर से लिखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि ऐसी शिकायतों को संज्ञान में लेकर समस्याओं को दूर करें, ताकि सरकार की छवि खराब न होने पाए। डाक्टरों के व्यवहार में गुणात्मक सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए। एसडीएम सदर ने बताया कि जनपद में चलो चंदौली अभियान के तहत पात्र गरीबों को योजनाओं का लाभ गांव में कैम्प लगाकर किया जा रहा है। बताया कि चंदौली में 75 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं जिसमें तीन एडेड है। मदरसों का सत्यापन कराया जा रहा है ताकि इस बात को सुनिश्चित किया जा किए कोई भी व्यक्ति फर्जी डिग्री पर पढ़ाने न पाए। बताया कि सामूहिक विवाह में अल्पसंख्यक समुदाय की भागीदारी कम रही है। 765 में मात्र 16 की शादी सामूहिक विवाह में कराई गई। इसके अतिरिक्त तीन तलाक के बोर में विस्तार से जानकारी दी। खालिद वकार आबिद ने मुलाकात की और उन्हें लिखित ज्ञापन देते हुए मदरसों को आधुनिकरण, उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड द्वारा मिनी आईटीआई को एनसीवीटी का दर्जा दिलाने एवं अल्पसंख्यक छात्रों के छात्रवृत्ति के बजट को अधिक से अधिक किए जाने का मांग की। इस मौके परएसडीएम सदर अजय मिश्रा, सीएमओ डा.वाईके मिश्रा, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, इकबाल अहमद राजू, इम्तियाज अहमद, गुफरान खान, सोहराब अली, तबरेज खान, अफसर अहमद आदि मौजूद रहे।

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