चंदौली जिले में पीड़ित इंडियन बैंक के लॉकरधारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीव मुखर्जी से मिला। इस दौरान कानपुर सेंट्रल बैंक की शाखा के द्वारा 11 लॉकरधारियों के 24 दिन के भीतर 2 करोड़ 64 लाख का भुगतान किए जाने के तर्क पर पत्रक सौंपा और कानपुर की तर्ज पर मुआवजा भुगतान की मांग किया।
साथ ही साथ चेताया कि अगर बैंक पीड़ितों की मदद और कानूनी प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेगा। और पुलिस भी बैंक पर दबाव बनाकर मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेगा तो। लॉकरधारी आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। कहा कि अनशन तब तक चलेगा, जब तक बैंक के आला अफसर आकर सेटलमेंट के लिए तैयार नहीं हो जाते हैं। लॉकरधारी पीड़ितों ने कहा कि जिस तरह से कानपुर जिले में सेंट्रल बैंक से गायब हुए गहनों और जेवरातों के मामले में बैंक प्रबंधन ने कार्यवाही करते हुए मात्र 24 दिन के अंदर पीड़ित 11 लॉकरधारियों को मुआवजा देते हुए भरपाई की है। कानपुर की कराचीखाना लॉकर कांड के 11 पीड़ितों को 2 करोड़ 64 लाख का मुलावजा मिला है। इस मामले में बैंक प्रबंधन ने लॉकरधारियों के प्रति उदारता दिखाई है। लेकिन इंडियन बैंक प्रबंधन इस मामले में उदासीन बना हुआ है। केवल लेटलतीफी करके मामले को उलझाना चाहता है और कोर्ट में भी सही तरीके से न तो जवाब दाखिल कर रहा है और ना तो हमारा सहयोग कर रहा है। लॉकरधारियों ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया कि जिस तरह से चोर को पकड़ने में आप लोगों ने अलग-अलग जिले की घटनाओं का सहारा लिया है। उसी तरह से मुआवजे के भुगतान में अलग-अलग जगहों की नजीर को देखते हुए बैंक प्रबंधन पर दबाव बनाएं और मामले को जल्द से जल्द सुलझाने की पहल करें।
इसके साथ ही साथ मामले में बैंक की जांच रिपोर्ट तलब करके मामले में बैंक के लापरवाह अफसरों व बैंक कर्मचारियों को मामले में अभियुक्त बनाकर कार्रवाई शुरू करेंगे तभी बैंक प्रबंधन इस मामले में मुआवजा देने को राजी होगा।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीव मुखर्जी ने कोतवाल शेषधर पांडेय को निर्देशित किया कि कानपुर के मामले का संज्ञान लेकर तत्काल बैंक को वहां के भुगतान प्रक्रिया को समझने का निर्देश दिया और बैंक के अफसरों को कानपुर की सेंट्रल बैंक शाखा से कोआर्डिनेट करके वहां से पेपर मंगाने की बात कही। ताकि मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया को जाना समझा जा सके और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने में मदद की जा सके।
इस दौरान विजय तिवारी, आरके सिंह, दिनेश सिंह, रेखा सिंह, रामेश्वर सिंह, सुदर्शन सिंह समेत कई लॉकरधारी शामिल थे।
चंदौली लॉकरधारी आमरण अनशन की बना रहे है रणनीति, अपर पुलिस अधीक्षक से मिला प्रतिनिधि मंडल कानपुर के तर्ज पर मुआवजे की मांग
स्काउट-गाइड का कार्य सराहनीय व प्रसंशनीय: डा. विजय
Young Writer, चंदौली। भीषण गर्मी, तेज धूप व तपन को देखते हुए भारत स्काउट और गाइड की ओर से सोमवार को बीएसए कार्यालय के पास निःशुल्क जल सेवा प्याऊ का शुभारंभ हुआ। इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ विजय प्रकाश सिंह ने रिबन काटकर किया। उन्होंने स्काउट-गाइड के जनसेवा से जुड़े इस कार्य को सराहा। कहा कि जिस तपन व तेज धूप में लोग अपने घरों के अंदर महफूज हैं, ऐसी विषम परिस्थिति में स्काउट-गाइड के बच्चे राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए आगे आए हैं जो सराहनीय एवं प्रसंशनीय है।
उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड सदैव सेवा पथ पर चलकर निस्वार्थ भाव से समाज कि सेवा के लिए सदैव तत्पर रहता है। स्काउट गाइड की जन सेवा भावना जग जाहिर है यह बच्चों के अंदर समाजसेवा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है। इस भीषण गर्मी में प्यासे को पानी पिलाना बहुत ही पुनीत कार्य है स्काउट गाइड के इस पुनीत कार्य की सराहना प्रत्येक नागरिकों ने किया इस अवसर पर जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज सकलडीहा इंटर कॉलेज एवं पंडित कमलापति त्रिपाठी पीजी कॉलेज स्काउट गाइड रोवर रेंजर उपस्थित रहे। उद्घाटन कार्यक्रम में एबीएसए एसबी सिंह, रीता रानी, जिला संगठन आयुक्त गाइड अंजू कुमारी, भानु प्रताप सिंह, हरिहर विश्वकर्मा, रोशनी विश्वकर्मा, रेखा यादव, दिव्या साधना यादव, संजय, नियामत अली, प्रीति, सुहानी आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता डा. एसके लाल व संचालन सैयद अली अंसारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सुश्री अंजू कुमारी ने किया।
दरौली में ठूंठ की आग से 11 लोगों का 25 खपरैल झोपड़ी जले
Young Writer, कंदवा। थाना क्षेत्र के दरौली गांव में सोमवार को ठूंठ की आग से 11 लोगों के खपरैल के झोपड़ी कुल 25 मकान आग के चपेट में आ गये।जिसमें 80,000 नगदी सहित घर गृहस्थी का सामान जल गया।पांच सौ एकड़ ठूंठ भी जल गया। गनीमत रहा ग्रामीण बच्चों एवं पशुओं बाहर निकाल दिए, लेकिन कुछ पशु आग के चपेट मे आने से झूलस गये। सूचना पर पहुंची 112 नंबर पुलिस एवं एक फायर ब्रिगेड की गाड़ीयों ने देर शाम आग पर काबू पाया।नही तो पुरा गांव जल सकता था।
कंदवा के अमड़ा, बहेरा, बकौड़ी, बसंतपुर, अदसड़ अरंगी तेल्हरा के सीवान में लगी आग हवा के झोंको से दरौली गांव के दक्षिण तरफ बांस में होते हर्जन बस्ती में पकड़ लिया और देखते ही धू-धूकर एक बाद एक खपरैल, झोपड़ी के मकान को अपने आगोश में ले लिया। हवा से आग का तेवर देख लोग शोर मचाते अपने अपने घरों से भाग खड़े हुए। लाख प्रयास के बाद आग खुब तांडव मचाया। जिसमें विजेन्द्र राम की चार मड़ई, विनोद की तीन मड़ई, सियाराम की पाँच मड़ई अलकर खाक हो गयी। वहीं रमाशंकर की तीन मड़ई, विलोक की दो मड़ाई, चतुरी की चार मड़ई, परमानंद की तीन मड़ई,जयकीशुन दो मड़ई जल गई। रमाशंकर का 80,000 रूपया जल गया जो की मंगलवार को मोटर साइकिल खरीदने के लिए रखा गया। विलिराम का 20बिघा गेहूँ की राश जल गया वही राधेश्याम विनोद की एक एक भैंस झुलस गयी और सभी लोगों के घर रखा चावल ,गेहूं, चना,सरसों, कपड़ा, चारपाई, विस्तार बर्तन आदि समान जल गया। आग के तांडव से कुछ लोग खुले आसमान के निचे आ गये हैं घर में खाने अन्य नही रह गयें हैं।वही सीवान में सिवनारायण की मशीन पर खड़ी थ्रेसर,चारा मशीन ट्रेक्टर का टाली गेहूं के जल गए। सीवान में ग्रामीणों के 50 उपली का ढेर जल गए। आग बुझाने में कंदवा 112 नम्बर पुलिस व गांव के ग्रामीणों एवं फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के सतर्कता से देर शाम आग बुझाई गयी नहीं तो पुरी दरौली बस्ती जल सकती थी। इस संबंध में ग्राम प्रधान बिन्दु यादव, ईश्वर कुमार, मुन्ना सिंह, अजीत सिंह ने पीड़ितों को जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सहायता राशि दिलाए जाने की मांग किया है।
अधिवक्ताओं के हर्ष में सहर्ष शरीक हुए चंदौली आला अफसरान
न्यायालय निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने पर अधिवक्ताओं ने निकाला विजय जुलूस
Young Writer, चंदौली। न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले चंदौली के अधिवक्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर विजय जुलूस निकाला। अधिवक्ता दीवानी न्यायालय निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध होने से गदगद थे। विजय जुलूस निकालकर कचहरी पहुंचे अधिवक्ताओं की इस खुशी में जनपद के न्यायिक, प्रशासनिक व पुलिस अफसर शरीक हुए और एक-दूसरे का मुंह मीठाकर खुशी का इजहार किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय निर्माण के लिए आज जो रास्ता प्रशस्त हुआ है वह सभी अधिवक्ताओं, व्यापारियों व स्थानीय आवाम की एकजुटता व कड़े संघर्ष का प्रतिफल है। चंदौली के अस्तित्व को बचाने व उसे संवारने के लिए संघर्ष की कड़ी को आगे और मजबूत किया जाएगा। ताकि प्रशासनिक उदासीनता व शिथिलता को हावी होने न दिया जाएगा।

इस दौरान जिला जज ज्योति कुमार त्रिपाठी ने चंदौली के अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि चंदौली दीवानी न्यायालय निर्माण की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। यदि निर्माण में कोई बाधा आती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। डीएम संजीव सिंह ने भी भरेासा दिया कि दीवानी न्यायालय के निर्माण में आ रही सभी अड़चने दूर हो गयी है। यदि कोई दिक्कत आती है तो उसे अधिवक्ताओं व न्यायिक अफसरों के साथ समन्वय स्थापित कर दूर करने का प्रयास किया जाएगा। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के अध्यक्ष अम्बर रावत ने कहा कि मेरा प्रयास होगा कि अधिवक्ता समाज हर समय खुशहाल रहे। आज जश्न का जो माहौल है वह ऊर्जा से परिपूर्ण व सकारात्मक है। ऐसा माहौल चंदौली कचहरी में कायम रहे इसका पूरा प्रयास होगा। एसपी अंकुर अग्रवाल ने कहा कि अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर लम्बे समय तक तटस्थ रहे। इनका संघर्ष सराहनीय होने के साथ-साथ प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संघर्ष समिति के प्रयासों की जमकर सराहना की। इसके बाद अधिवक्ताओं जश्न मानते हुए एक-दूसरे का मुंह मीठा किया और खुशी जाहिर की। झन्मेजय सिंह ने कहा कि यह जीत वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन व कनिष्ठ अधिवक्ताओं के बेजोड़ समर्थन को समर्पित है। जिस तरह से हर उम्र के अधिवक्ताओं ने चंदौली के अस्तित्व को बचाने के लिए आगे आए और एकता की ताकत का प्रदर्शन किया। वहीं उन्होंने चंदौली के मीडिया का भी आभार जताया, जिन्होंने इस मुद्दे को अखबार, चैनल व डिजिटल माध्यम से सरकार व उच्च सदन तक पहुंचाने में सहायक की भूमिका अदा की। बताया कि इस अवसर पर संतोष कुमार सिंह, शमशुद्दीन, अनिल कुमार सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, संजय मिश्रा, धनंजय सिंह, उज्ज्वल सिंह, उज्ज्वल स्वरूप श्रीवास्तव, राजेश मिश्रा, रामप्रकाश मौर्या, नीरज सिंह, राजेंद्र पाठक आदि उपस्थित रहे। संचालन राकेश रत्न तिवारी ने किया।
इनसेट—
अधिवक्ताओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहींः झन्मेजय सिंह
चंदौली। एसडीएम चकिया प्रेमप्रकाश मीणा के खिलाफ चंदौली के अधिवक्ताओं में सोमवार को जबरदस्त आक्रोश मिला। अधिवक्ताओं ने चकिया के साथियों के समर्थन में आह्वान किया और एसडीएम चकिया को चेतावनी जारी किया कि अधिवक्ताओं के प्रति अपने रवैये व नजरिए को बदलें, अन्यथा उनके खिलाफ चंदौली जिले का एक-एक अधिवक्ता लामबंद हो जाएगा। पूर्व महामंत्री झन्मेजय सिंह ने कहा कि अधिवक्ता हमेशा वादकारी व आमजन के हित में संघर्षरत रहता है। फिर चाहे न्यायालय हो या फिर सरकारी दफ्तर अधिवक्ता कमजोर व मजलूम की आवाज को मजबूती के साथ उठाने का काम करता चला आ रहा है। ऐसे में प्रशासनिक अफसर अपने कार्य एवं व्यवस्था से अधिवक्ताओं का तिरस्कार व प्रतिकार करे तो यह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। चकिया में जो भी अधिवक्ताओं की मांगें है उसे पूरा किया जाएगा। साथ ही एसडीएम चकिया अधिवक्ताओं से अपनी गलती की माफी मांगे और अधिवक्ताओं को स्थगित किए गए कामकाज को पूरा करे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो चंदौली के अधिवक्ता चकिया कूच करने को विवश होंगे।
इनसेट—-
न्यायिक कार्य से विरत रहे नौगढ़ के अधिवक्ता
नौगढ़। चकिया एसडीएम के दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर चकिया बार एसोसिएशन के द्वारा लगातार कार्य से विरत रहने के समर्थन में नौगढ़ तहसील के अधिवक्ता कार्य से रहे बिरत नौगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र यादव के द्वारा सभी अधिवक्ताओं के बीच एक बैठक आहूत करके यह निर्णय लिए की चकिया उपजिलाधिकारी के द्वारा वाद ना दर्ज करने और वाद कार्यों से दुर्व्यवहार को लेकर सभी अधिवक्ता अनिश्चितकालीन तक कार्य से विरत रहेंगे। बैठक में विजय बहादुर सिंह यादव, केएन मौर्य, राजेंद्र सिंह, जिलाजीत सिंह यादव, अखिलेश कुमार, कैलाश मौर्य, बाबूलाल शर्मा, राजू कुमार मौजूद रहे।
चंदौली रामभरोसे शहाबगंज ब्लाक के परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्था
शहाबगंज। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में इस वक्त रामराज्य चल रहा है। विद्यालय कब खुलेगा और कब बंद होगा यह कोई देखने वाला ही नहीं है। इन विद्यालयों की सारी व्यवस्थाएं राम भरोसे है, जबकि आधिकारिक रूप से इसे बेसिक शिक्षा विभाग के भरोसे होने चाहिए। विद्यालयों की बात करें तो यहां गैस सिलेंडर की जगह चूल्हे पर एमडीएम बनाने का क्रम जारी है। जो शासनादेश का खुला उल्लंघन है।शहाबगंज ब्लाक क्षेत्र में

सोमवार की सुबह कुछ विद्यालयों फैक्ट चेकिंग किया गया कि विद्यालयों की पठन पाठन की क्या स्थिति है? नामांकन के सापेक्ष कितनी संख्या में बच्चे उपस्थित हैं? अध्यापकों के आने जाने का समय ठीक है कि नहीं? विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सरैया में 8ः30 तक स्कूल का ताला बंद था। वहीं एक अध्यापक संतोष कुमार गुप्ता उपस्थित थे। विद्यालय में 145 छात्र नामांकित है, जिनमें मात्र छह बच्चे उपस्थित रहे। कम्पोजिट विद्यालय मनकपड़ा में बच्चों की उपस्थिति कम थी। वहीं रसोईया द्वारा गैस सिलेंडर की जगह चूल्हा पर खाना बनाया जा रहा था।वही एक रूम में उपला भरा हुआ था। इसी तरह का नजारा कम्पोजिट विद्यालय ढुन्नू में भी मिला, जहां गैस सिलेंडर की जगह चूल्हा पर खाना बन रहा था। वहीं भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार का शासनादेश जारी किया गया है किसी भी परिषदीय विद्यालय में उपला पर एमडीएम का भोजन नहीं बनाया जायेंगा।जिससे धुआं रहित वातावरण भी विद्यालय का बना रहेगा।
चंदौली करनौल-बड़गांवा के सिवान में लगी भीषण आग,वनबासी बस्ती जलकर राख दर्जन भर लोग हुए बेघर
शहाबगंज। क्षेत्र के करनौल व बड़गांवा गांव के सिवान में लगी आग से सैकड़ों बीघा खेत का ठूठ जल गया। वहीं आगलगी से सोबंधा नहर के पास वनबासी बस्ती जलकर राख हो गयी।घटना की सूचना पाकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने घटना स्थल पर पहुंच कर पीड़तों को ढ़ांढस बधाया।
क्षेत्र के करनौल गांव के सिवान में सोमवार की दोपहर में अज्ञात कारणों से आग लग गयी।तेज हवा के साथ आग विकराल होकर सोबंथा नहर की पटरी पर बसे वनबासी बस्ती में पहुंच गयी। बस्ती के लोग जब तक कुछ समझते तक तक रिहायशी मकान धू धू कर जलने लगा।

ग्रामीणों व पुलिस के सहयोग से आग पर काबू पाया जाता तब तक घूरफेकन, शिवरात्री, जितेन्द्र, अनिल, श्यामलाल, पप्पू, कैलाश, ललिता, बुद्धू व शिकारी का मकान जलकर खाक हो गया, जिसमें रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। वही सूचना पाकर एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा ने बस्ती में पहुंचकर पीड़ितों से मिलकर ढांढस बधाया। उन्होंने राजस्व कर्मी को क्षति का आंकलन कर आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही जिलाधिकारी संजीव सिंह भी अगलगी की घटना में हुए नुकसान की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे और नुकसान का मुआयना किया। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सहित राजस्वकर्मी लोग उपस्थित रहे।
इंश्योरेंस पेपर के लिए लाकरधारियों ने बैंक पर जड़ा ताला
Young Writer, चंदौली। इंडियन बैंक में चोरी प्रकरण सोमवार को एक बार फिर गरमा गया। उक्त मामले में लोक अदालत की नोटिस के बावजूद बैंक प्रबंधन की ओर से पीड़ित लाकरधारकों को बीमा कागजात मुहैया नहीं कराए जाने से नाराज लाकरधारियों सोमवार को बैंक में तालाबंदी कर गेट पर धरने पर बैठ गए। लाकरधारियों ने बैंक के रवैये के प्रति आक्रोश जाहिर किया, जिससे इंडियन बैंक के अधिकारी-कर्मचारी सहमे नजर आए।
विदित हो कि जनवरी में शातिर चोरों ने मुख्यालय स्थित इंडियन बैंक शाखा के 40 लाकरों को काटकर करोड़ों से गहनों पर हाथ साफ कर दिया था। घटना में पुलिस ने कई आरोपितों को पकड़ा, लेकिन चोरी गए माल के सापेक्ष काफी कम गहनों की बरामदगी हुई। लाकरधारकों ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामला लोक अदालत में पहुंचा तो अदालत ने नोटिस जारी कर बैंक के इंश्योरेंस पेपर मांगा था, लेकिन बैंक प्रबंधन ने कागजात नहीं दिया। सोमवार की सुबह लाकरधारक मुख्यालय पर एकत्रित हुए। शाखा प्रबंधक से मिलकर इंश्योरेंस पेपर की मांग की। आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इससे भड़के लाकरधारकों ने बैंक के मुख्य द्वार में ताला बंद कर बाहर धरने पर बैठ गए। इसकी सूचना मिलते ही कोतवाल शेषधर पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी बैंक मैनेजर से बात कर मामले की जानकारी ली। लाकरधारकों की मानें तो शाखा प्रबंधक ने कोतवाल को सही ढंग से जवाब नहीं दिया। इससे वे भी असंतुष्ट होकर लौट गए। लाकरधारकों ने आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक आला अधिकारियों को सूचना देकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इससे एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। इस दौरान अश्वनी सिंह, विजय प्रताप सिंह, दिनेश सिंह, गणेश सिंह, अलका तिवारी, रामेश्वर सिंह, रचना सिंह, अधिवक्ता आरके सिंह रहे।
चंदौली बंद कमरे में फंदे से लटकता मिला विवाहिता का शव,मायके पक्ष के लोगों ने हत्या का लगाया आरोप
चंदौली।मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सतपोखरी गांव में सोमवार को एक विवाहिता का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटकता मिला। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। लोगो की पर पहुची पुलिस ने जांच पड़ताल कर शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतिका के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है।
बताते है कि सतपोखरी गांव निवासी रिजवाना की शादी छह महीने पहले मुमताज़ 21 वर्ष के साथ हुई थी। विवाहिता पहले अपने मायके में ही रह रही थी। रविवार को ससुरालवाले उसकी विदाई कराकर घर ले आए। उसके बाद रात में विवाहिता का शव फांसी के फंदे से लटकता मिला। इससे परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों व ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुचे थानाअध्यक्ष बृजेशचंद्र तिवारी ने घटना स्थल पर पहुच कर जांच पड़ताल किया। वहीं शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वही मायकेपक्ष के लोगों ने विवाहिता की हत्या का आरोप लगाया है। इस दौरान कोतवाल बृजेशचंद्र तिवारी ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीओ अनिरूद्ध ने बहन शिखा को धूमधाम से किया विदा
बहन की विदाई के साथ सीओ अनिरुद्ध ने पूरा किया वादा

सकलडीहा। पुलिस अपने काम और कारनामों को लेकर हमेशा चर्चा में बनी रहती है। ऐसे में कानून एवं शांति व्यवस्था संभालने वाली चंदौली पुलिस का सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का एक अभूतपूर्व कार्य हर किसी के दिल को छू रहा है। पक्ष हो या फिर विपक्ष सभी लोग पुलिस के इस कार्य की खूब प्रसंशा कर रहे हैं और इसे एक उम्दा नजीर करार दिया गया है। शायद निकट भविष्य में दोबारा ऐसा दृश्य-परिदृश्य कब देखने को मिले कहा नहीं जा सकता। जी हां! बात हो रही है आवाजापुर निवासी शिखा यादव के अद्भुत शादी की, जो अब क्षेत्राधिकारी सकलडीहा अनिरुद्ध सिंह की मुंहबोली बहन भी है, जिनकी शादी में पूरा का पूरा पुलिस महकमा वधू पक्ष की ओर से खड़ा नजर आया और सारा ताम-झाम सीओ अनिरूद्ध सिंह की निगरानी और उनकी टीम के सहयोग से मुकम्मल हुआ। इस शादी में वर-वधू को एसपी अंकुर अग्रवाल का भी आशीर्वाद मिला और वे भी इस मांगलिक कार्यक्रम के साक्षी बने। बताते हैं कि पिछले दिनों धानापुर के आवाजापुर निवासी शिखा यादव की शादी तय थी. लेकिन दहेज की डिमांड के चलते उसका रिश्ता टूट गया। इसके चलते युवती का पूरा परिवार सदमे में चला गया। इस बीच समाजसेवी दुर्गेश सिंह ने सीओ सकलडीहा अनिरुद्ध सिंह से मदद की गुजारिश की। अनिरुद्ध सिंह ने शिखा यादव की शादी की जिम्मा उठाने का वादा किया। न सिर्फ वादा किया बल्कि उसे पूरे रश्मों रिवाज के साथ पूरा भी किया। इस दौरान हल्दी से लेकर अन्य सभी रश्मों को बखूबी निभाया। सीओ सकलडीहा के इस वादे की जानकारी जब सकलडीहा सर्किल के अधिनश्तों को हुई तो उन्होंने भी इसे सहर्ष स्वीकार करते हुए खुद को इस रिश्ते से जोड़ लिया और एक बहन की शादी को भव्य शादी बनाने में जुट गए। इस बीच भिक्षाटन कर गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए काम करने वाले दुर्गेश सिंह ने सौरभ यादव के रूप में सुयोग्य लड़के की तलाश भी पूरी कर ली। सौरभ और उसके परिजन बिना दहेज के शादी के लिए तैयार भी हो गए। जिसके बाद बैंड बाजे के साथ पहुँची बारात का पुलिस परिवार ने स्वागत कर विवाह को सम्पन्न कराया। साथ ही उनके नव दाम्पत्य जीवन के लिए शुभाशीष दिए। इस दौरान खाने पीने से लेकर शादी का पूरा अरेंजमेंट पुलिस की तरफ से किया। इस अनोखी शादी में वर वधु को आशीर्वाद देने गणमान्य अतिथियों के साथ पुलिस कप्तान अंकुर अग्रवाल भी पहुँचे।इस पूरे शादी समारोह की जिम्मेदारी उठा रहे डिप्टी एसपी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि शिखा के परिवार वाले आर्थिक रूप से काफी अशक्त है जिसके चलते उसकी शादी भी टूट गई। आर्थिक तंगी के रिश्ता टूटने की बात ने उन्हें अंदर तक झकझोर के रख दिया और उसे अपनी बहन मानकर उसकी शादी का जिम्मा उठा लिया। जिसके बाद पुलिस विभाग के अन्य साथियों का भी साथ मिला. जिसके बाद शनिवार को पूरे धूमधाम से शिखा की शादी करवाई गई. जिसमें पुलिसकर्मी पूरी तरह से लड़की के भाई की भूमिका में रहे। उन्होंने इस शादी को नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए युवाओं से बिना दहेज की शादी करने की अपील की। इस अनोखी शादी में दूल्हा बने सौरभ काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने अपनी इस शादी को सुखद पल करार देते हुए कहा कि पुलिस का प्रयास सराहनीय है। लोगों को दहेज रहित शादी के लिए आगे आना चहिए. ताकि लड़की को मां बाप बोझ न समझे। आर्थिक रूप से अशक्त लोग भी आराम से बेटियों की शादी कर सके। वहीं दुल्हन बनी शिखा ने पुलिस की इस पहल से भाव विभोर दिखी।
चंदौली न्यायालय निर्माण के लिए चले मैराथन संघर्ष को मिला मुकाम,डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार ने जताई खुशी
चंदौली। जनपद सृजन के 25 साल बाद न्यायालय भवन निर्माण के लिए जारी अधिवक्ताओं का मैराथन संघर्ष अब सफल होता दिख रहा है। प्रशासन के खिलाफ फूंके गए बिगुल की चिंगारी से ऐसी लौ निकली की, अंधेरे में गुम होती जिला न्यायालय निर्माण की उम्मीदों को मुकम्मल रौशनी मिल गयी और अब जल्द ही जिला न्यायालय पूरी तरह से अस्तित्व में आ जाएगा। इसके लिए बाघो मौजा में धारा-19 के प्रकाशन के साथ ही बाघो मौजा के कुल 18 भूखण्ड को सार्वजनिक प्रयोग हेतु आवश्यक मानते हुए उसके अधिग्रहण की कार्यवाही अमल में लाने की निर्देश दिया गया है। इसकी जानकारी होने के बाद डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन ने सभागार में रविवार को प्रेसवार्ता की और इस जीत को चंदौली के अधिवक्ताओं, व्यापारियों व मीडिया कर्मियों को समर्पित किया। प्रेसवार्ता में अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि विगत 25 वर्षों से लंबित दीवानी न्यायालय भवन के लिए चिह्नित जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो गई है। इसके लिए काफी आंदोलन किया गया। इसमें न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्ता, व्यापार मंडल, किसान संघ, राजनैतिक व गैर राजनैतिक दलों ने काफी सहयोग किया। उन्होंने जिलाधिकारी एवं जनपद न्यायाधीश से अनुरोध किया कि अधिग्रहित भूमि जनपद न्यायालय के नाम कर दिया जाए। साथ ही तत्काल न्यायालय भवन का शिलान्यास मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद व प्रदेश् के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में कराया जाए। कहा कि वास्तव में यह जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है। इस संबंध में बार एसोसिएशन की ओर से 25 अप्रैल को अधिवक्ता खुशी में विजय जुलूस निकालेंगे। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष अनिल सिंह, महामंत्री शमशुद्दीन, पूर्व महामंत्री झन्मेजय सिंह, धनंजय सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा, पंकज तिवारी, अतुल सिंह, रामअशीष सिंह, जितेंद्र सिंह, विजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।











