Young Writer, नौगढ़। क्षेत्र के विशेषपुर गांव के समीप नौगढ़- रावर्ट्सगंज मार्ग पर खड़ी स्कूली मैजिक को डंपर ने मार दिया। इस दुर्घटना में मैजिक सवार तीन बच्चे घायल हो गए। वहीं घटना के बाद अनियंत्रित डम्फर नहर में गिर गया।
बताते हैं कि स्कूल के छात्र स्नेहिल पुत्र रविकांत उम्र 8 वर्ष, निवासी मझगांवा रितेश पुत्र अनिल उम्र 10 वर्ष निवासी विशेषरपुर खुशबू पुत्री अनिल उम्र 8 वर्ष को सिर व हाथ में चोट आई है। घटना की सूचना के बाद नौगढ़ थाना प्रभारी राजेश सरोज मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। बताया कि डंफर का यूपी 63 एटी 1145 को चालक रामजन्म उम्र 25 वर्ष डम्फर लेकर कहीं जा रहा था जो विशेषपुर के पास अनियमित्र होकर स्कूली मैजिक से टकरा गयी। घटना के बाद डम्पर चला रहे रामजन्म के साथ उसका साथ उदय वाहन को मौके पर छोड़कर भाग निकले। घायल बच्चों के अभिभावकों की तहरीर पर नौगढ़ पुलिस आगे की कार्यवाही में जुट गई।
प्रशिक्षण के लिए चयनित अभ्यर्थी को किट प्रदान करते उपायुक्त उद्योग।
Young Writer, चंदौली। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना अंतर्गत सोमवार को दर्जी, हलवाई, लोहार, बढ़ई तथा कुम्हार, नाई ट्रेड का छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज हुआ। इस दौरान उपायुक्त उद्योग गौरव मिश्रा ने प्रशिक्षण के लिए चयनित अभ्यर्थियों पाठ्य सामग्री व टोपी वितरण करके किया। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सरकार अपने महत्वाकांक्षी योजना विश्वकर्मा श्रम सम्मान के तहत छह दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कारीगरों की आर्थिक समृद्वि के लिए उनको तकनीकी, सैद्धान्तिक तथा व्यवहारिक जानकारी देकर अपनी उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार तथा उचित मूल्य के लियें बाजार से सीधे जोड़कर लाभान्वित किया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र तथा सरकार द्वारा ट्रेडवार टूल किट प्रदान किया जायेगा, जिससें परम्परागत कारीगरों की आर्थिक स्थित सुधारी जा सकें। व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लियें सरकार द्वारा विभिन्न ऋण योजनाओं (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्व रोजगार योजना तथा मुद्रा ऋण में लाभान्वित किया जाएगा। प्रशिक्षण दायी संस्था यूपिको के जिला समन्यवक रामचन्द्र ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। बताया कि अनुभवी प्रशिक्षक द्वारा तकनीकी, सैद्वान्तिक, व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में श्रीकान्त, हरेराम, ज्योति, अवधेश कुमार, सुनील कुमार, सना आदि की उपस्थित रहीं।
Young Writer, शहाबगंज। कस्बा में गली निर्माण कार्य का सोमवार को निररक्षण करने गए प्रधान से कुछ लोग उलझ गए। विवाद इस कदर बढ़ा कि मनबढों ने प्रधान समेत दो लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने बीचबचाव कर मामले को शांत किया। वहीं प्रधान का प्राथमिक उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कराया गया। पीड़ित प्रधान ने मारपीट करने वाले दो लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया।
बताते हैं कि शहाबगंज के ग्राम प्रधान रामजीत साहनी 37 वर्ष कस्बा अंतर्गत गली में इंटरलॉकिंग का चल रहे निर्माण कार्य का अवलोकन करने गये थे। उसी समय गांव के दो लोगों मौके पर आए और हो रहे इंटरलाकिंग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाया और निर्माण कार्य में बाधक बनने लगे। प्रधान ने जब इसका विरोध किया दोनों पक्ष में कहासुनी होने लगी और देखने ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। यह देख मौके पर निर्माण कार्य में लगे श्रमिक व आसपास के लोगों ने बीचबचाव किया। मारपीट की घटना में घायल प्रधान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और अपना उपचार कराया। साथ ही श्रमिकों के साथ थाने पहुंचकर मारपीट करने वालों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई।
चंदौली। मुग़लसराय कोतवाली अंतर्गत जीटीआर ब्रिज के नीचे सोमवार को रेलवे लाइन पर 35 वर्षीय युवक का शव मिलने से आस पास के लोगो मे सनसनी फैल गयी मौके पर जुटे आस पास के लोगो ने तत्काल उसकी रेलवे पुलिस को दी मौके पर पहुची रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के आयी और आगे की कार्यवाही में जुट गईपुलिस युवक का पता लगा रही है। अभी तक युवक का शिनाख्त नही हुआ है। वही लोगो की बीच तरह तरह की चर्चाएं व्यक्त थी।
अब देश-विदेश के पत्रों पर लगेगी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के चित्र वाली मुहर
Young Writer, वाराणसी पूर्वांचल डेस्क। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी नगरी की प्राचीनता, ऐतिहासिकता, आध्यामिकता और सांस्कृतिक गौरव को अपने में सहेजे हुए है। इसके दर्शन के लिए देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। दुनिया भर के करोड़ों शिव भक्तों के सपने साकार करने वाला यह प्राचीन दिव्य मंदिर काशी की संस्कृति को जीवंतता प्रदान करता है। उक्त बातें सोमवार को वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी पर एक स्पेशल पिक्टोरियल कैंसिलेशन जारी करते हुए कही। इस मुहर के मध्य में मंदिर के शिखर और उस पर अंकित धर्म ध्वजा को उकेरा गया है एवं किनारे गोलाई में हिंदी व अंग्रेजी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी अंकित किया गया है। मुहर के निचले भाग में दिनांक के साथ वाराणसी प्रधान डाकघर व इसका पिनकोड-221001 लिखा गया है। अब विश्वेश्वरगंज स्थित वाराणसी प्रधान डाकघर से देश-दुनिया को आने-जाने वाले पत्रों पर सामान्य मुहर की बजाय श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के चित्र वाली विशेष मुहर लगेगी। उन्होंने कहा कि यह एक अद्भुत संयोग है कि आज ही के दिन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण किया जा रहा है। ऐसे में डाक विभाग की यह पहल इस दिन को और भी विशिष्टता प्रदान करेगी। डाक विभाग सदैव से सांस्कृतिक राजदूत की भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में यह विशिष्ट चित्रमय मुहर देश-विदेश के सभी आने-जाने वाले पत्रों पर अंकित होने से न सिर्फ देश के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी वाराणसी के सांस्कृतिक दूत का कार्य करेगा। मुहर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर का चित्र होने से लोगों की आस्था का विस्तार होगा तथा युवा पीढ़ी में भी इसके बारे में जानने के लिए उत्सुकता बढ़ेगी। कहा कि इस विशेष मुहर से पूरे विश्व में वाराणसी और भगवान शिव से जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का प्रसार होगा। दुनिया भर के शिव भक्तों के लिए यह एक अमूल्य निधि की तरह साबित होगा। इसका उद्देश्य श्री काशी विश्वनाथ की महिमा, उसकी संस्कृति, उसकी पवित्रता सहित काशी के इतिहास को देश-दुनिया तक पहुँचाना है। वाराणसी (पूर्वी) मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर श्री राजन राव ने कहा कि अब वाराणसी प्रधान डाकघर में देश-दुनिया से आने-जाने वाली सभी चिट्ठियों-पत्रों पर प्रतिदिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के स्पेशल पिक्टोरियल कैंसिलेशन की मुहर अंकित कर इसे धरोहर के रूप में संजोया जा सकेगा। वाराणसी प्रधान डाकघर से प्रति माह देश-विदेश में 3 लाख से ज्यादा डाक की बुकिंग होती है, वहीं लगभग 1 लाख डाक का वितरण होता है। ऐसे में डाक टिकट संग्राहकों के लिए यह एक अनमोल उपहार साबित होगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान अधीक्षक डाकघर संजय कुमार वर्मा, सहायक निदेशक राम मिलन, लेखा अधिकारी एमपी वर्मा, सहायक डाक अधीक्षक अजय कुमार, सहायक लेखा अधिकारी संतोषी राय, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, वीएन द्विवेदी और रामचंद्र यादव, श्रीप्रकाश गुप्ता, राजेन्द्र यादव, राहुल कुमार आदि उपस्थित रहे।
काशी विश्वनाथ कॉरीडोर के लोकर्पण पर जानिए रानी अहिल्याबाई का योगदान
Young Writer, पूर्वांचल डेस्क। यह स्टोरी इंदौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित है। जी हां! यह वही अहिल्याबाई हैं जिनका जिक्र बीते रविवार को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दीनदयाल नगर केंद्रीय विद्यालय के प्रेक्षागृह के उद्घाटन के दौरान किया था। आज काशी के लिए पावन व ऐतिहासिक क्षण है और ऐसे वक्त में रानी अहिल्याबाई का जिक्र होना अपने-आप में लाजिमी है। इतिहास में दर्ज जानकारी के मुताबिक मुगल शासक औरंगजेब के शासन में इन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर को ध्वस्त करने की कोशिश व मंसूबों पर पानी फेरा। साथ ही पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके मंदिर को पुनर्निर्माण कराकर पूरी तरह से अस्तित्व में लाने का काम किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज काशी विश्वनाथ कोरिडोर को लोक समर्पित करने आ रहे हैं। ऐसे में रानी अहिल्याबाई के साहस, शौर्य व समर्पण को श्रेय देना लाजिमी है।
आइए जानते हैं रानी अहिल्याबाई जीवन के बारे में इंदौर की रानी अहिल्याबाई होलकर ने देशभर के अलग-अलग स्थानों पर कई मंदिरों, घाटों का निर्माण कराया है, लेकिन काशी के इतिहास में उनका स्थान अमिट है। उनके योगदान के बिना श्री विश्वनाथ धाम का इतिहास पूरा नहीं होता। यही वजह है कि रानी अहिल्याबाई की प्रतिमा विश्वनाथ धाम में लगाने का फ़ैसला किया गया है। इतिहास बताता है कि रानी अहिल्याबाई ने न सिर्फ काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया बल्कि बाबा की प्राण प्रतिष्ठा भी पूरे विधि विधान से शास्त्र सम्मत तरीके से करायी। काशी खंड में वर्णित विश्वेश्वर के धाम को पुनर्निर्माण करने में रानी अहिल्याबाई का योगदान अतुलनीय है।
काशी कोरिडोर में स्थापित है अहिल्याबाई प्रतिमा धार्मिक आस्था के केन्द्र बनकर पूरी तरह से तैयार हो चुके काशी कॉरिडोर में रानी अहिल्याबाई की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही मंदिर के अस्तित्व को बचाने वे फिर से स्थापित करने के लिए दिए गए योगदान को भी लिखा जाएगा, ताकि विश्वनाथ धाम दर्शन-पूजन करने के लिए आने वाले देश-विदेश के लोग रानी अहित्याबाई के योगदान से रूबरू हो सकें। 13 दिसंबर यानी आज के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को यह सौगात देने वाले है। यह निर्माण बाबा विश्वनाथ के प्रांगण के उस पुनर्निर्माण के करीब 250 साल बाद हो रहा है जब इंदौर की रानी अहिल्याबाई ने विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण कराया था। इस कोरिडोर से देश के लोगों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ काशी और आस-पास के क्षेत्रों के लिए धार्मिक पर्यटन और व्यापारिक लाभ के लिए भी महत्वपूर्ण होगा. इससे राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
कई मंदिरों का कराया निर्माण कार्य रानी अहिल्याबाई ने भारत के भिन्न-भिन्न भागों में अनेक मन्दिरों, धर्मशालाओं और अन्नसत्रों का निर्माण कराया था। कलकत्ता से बनारस तक की सड़क, बनारस में अन्नपूर्णा का मन्दिर , गया में विष्णु मन्दिर उनके बनवाये हुए हैं। इन्होंने घाट बंधवाए, कुओं और बावड़ियों का निर्माण करवाया, मार्ग बनवाए, भूखों के लिए सदाब्रत (अन्नक्षेत्र) खोले, प्यासों के लिए प्याऊ बिठलाईं, मंदिरों में विद्वानों की नियुक्ति शास्त्रों के मनन-चिंतन और प्रवचन हेतु की। उन्होंने अपने समय की हलचल में प्रमुख भाग लिया। रानी अहिल्याबाई ने इसके अलावा काशी, गया, सोमनाथ, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, द्वारिका, बद्रीनारायण, रामेश्वर, जगन्नाथ पुरी इत्यादि प्रसिद्ध तीर्थस्थानों पर मंदिर बनवाए और धर्म शालाएं खुलवायीं। कहा जाता है कि रानी अहिल्याबाई के स्वप्न में एक बार भगवान शिव आए। वे भगवान शिव की भक्त थीं और इसलिए उन्होंने 1777 में विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण कराया।
महिला सशक्तीकरण की पक्षधर भारतीय संस्कृति में महिलाओं को दुर्गा और चण्डी के रूप में दर्शाया गया है। ठीक इसी तरह अहिल्याबाई ने स्त्रियों को उनका उचित स्थान दिया। नारीशक्ति का भरपूर उपयोग किया। उन्होंने यह संदेश दिया कि स्त्री किसी भी स्थिति में पुरुष से कम नहीं है। वे स्वयं भी पति के साथ रणक्षेत्र में जाया करती थीं। पति के देहान्त के बाद भी वे युध्द क्षेत्र में उतरती थीं और सेनाओं का नेतृत्व करती थीं। अहिल्याबाई के गद्दी पर बैठने के पहले शासन का ऐसा नियम था कि यदि किसी महिला का पति मर जाए और उसका पुत्र न हो तो उसकी संपूर्ण संपत्ति राजकोष में जमा कर दी जाती थी, परंतु अहिल्या बाई ने इस क़ानून को बदल दिया और मृतक की विधवा को यह अधिकार दिया कि वह पति द्वारा छोड़ी हुई संपत्ति की वारिस रहेगी और अपनी इच्छानुसार अपने उपयोग में लाए और चाहे तो उसका सुख भोगे या अपनी संपत्ति से जनकल्याण के काम करे। अहिल्या बाई की ख़ास विशेष सेवक एक महिला ही थी। अपने शासनकाल में उन्होंने नदियों पर जो घाट स्नान आदि के लिए बनवाए थे, उनमें महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था भी हुआ करती थी। स्त्रियों के मान-सम्मान का बड़ा ध्यान रखा जाता था। लड़कियों को पढ़ाने-लिखाने का जो घरों में थोड़ा-सा चलन था, उसे विस्तार दिया गया। दान-दक्षिणा देने में महिलाओं का वे विशेष ध्यान रखती थीं।
सरकार ने वीरंगना को दिया सम्मान अहिल्याबाई को एक दार्शनिक रानी के रूप में भी जाना जाता है। अहिल्याबाई एक महान् और धर्मपारायण स्त्री थी। वह हिंदू धर्म को मानने वाली थी और भगवान शिव की बड़ी भक्त थी। इस महान शासिका को श्रद्धांजलि के रूप में इंदौर घरेलू हवाई अडडे् का नाम देवी अहिल्याबाई होल्कर हवाई अड्डा रखा गया। इसी तरह इंदौर विश्वविद्यालय को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय नाम दिया गया है। अहिल्याबाई किसी बड़े राज्य की रानी नहीं थीं, लेकिन अपने राज्य काल में उन्होंने जो कुछ किया वह आश्चर्यचकित करने वाला है। वह एक बहादुर योद्धा और कुशल तीरंदाज थीं। उन्होंने कई युद्धों में अपनी सेना का नेतृत्व किया और हाथी पर सवार होकर वीरता के साथ लड़ीं।
दीनदयाल नगर में उद्घाटन अवसर उपस्थित धर्मेंद्र प्रधान व डा.महेंद्रनाथ पांडेय।
प्रेक्षागृह के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए एचआरडी मिनिस्टर
Young Writer, चंदौली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर स्थित केंद्रीय विद्यालय में 14 करोड़ की बहुद्देशीय प्रेक्षागृह का मानव संसाधन मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने रविवार को उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने जिले के युवाओं के लिए दो अन्य बड़ी सौगात देने का भरोसा भी दिया। कहा कि केंद्रीय विद्यालय दीनदयाल नगर में युवाओं के कौशल विकास के लिए दो बड़े काम जल्द होंगे। बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय नए स्कूल भवन के लिए वित्तीय प्रबंधन की व्यवस्था करेगा। साथ ही शाम के वक्त स्कूल भवन को युवाओं के कौशल को निखारने के लिए इस्तेमाल में लिया जाएगा। इसके लिए कौशल विकास मंत्रालय के साथ सेंट्रल स्कूल डिपार्टमेंट मिलकर काम करेंगे। उक्त बातें श्री प्रधान रविवार को केंद्रीय विद्यालय में पत्रकारों से कही।
उन्होंने कहा कि 34 साल बाद देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नयी शिक्षा नीति लाई गयी है। इसके आने से शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। कहा कि आज गांवों में प्ले स्कूल का अभाव है। ऐसी सुविधाएं केवल बड़े शहरों में ही उपलब्ध है। गांवों में गरीब छोटे बच्चों के लिए शिक्षा के लिए आंगनबाड़ी ही एकमात्र सहारा हैं। लेकिन नयी शिक्षा नीति के तहत सरकार 3 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रत्येक स्कूल में प्ले कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके लिए वित्तीय प्रबंधन किया जा रहा है। साथ ही शिक्षा में गुणात्मक सुधार की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। सरकार का यह प्रयास है कि पढ़ाई के साथ कमाई को सुनिश्चित किया जाय। यह तभी संभव है जब डिग्री के साथ युवाओं को समुचित प्रशिक्षण मिले। इसके लिए पाठ्यक्रम में स्कील व वोकेशनल ट्रेनिंग को शामिल किया जा रहा है जिससे शिक्षा में गुणात्मक सुधार दिखेगा। कहा कि कोरोनाकाल में बहुत बड़ा लर्निंग लॉस हुआ है, जिसे लेकर सरकार गंभीर व फ्रिकमंद है। ऐसी परिस्थितियों में विद्यार्थियों के शिक्षा-दीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए ई-कंटेन्ट डेवेलप किया जा रहा है। ई-पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जा रही है, ताकि पढ़ाई में कोई बाधक ना बन सके। कहा कि सरकार शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। इस दौरान केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डा. महेंद्रनाथ पांडेय भी मौजूद रहे।
सकलडीहा, चहनियां व लच्छूब्रह्म पहुंचा सपा का डेलीगेट
Young Writer, चंदौली। समाजवादी पार्टी का डेलीगेट रविवार को नेता प्रतिपक्ष विधानसभा रामगोविंद चौधरी की अगुवाई में जनपद दौरे पर रहा। इस दौरान डेलीगेट्स के सदस्यों ने बीते पांच दिसंबर को रामगढ़ में सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्रक सौंपने जा रहे सपाइयों के जत्थे पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना में पीड़ित व प्रताड़ित किए गए सपा कार्यकर्ताओं व नेताओं से मुलाकात की। उनका दर्द बांटा और घटना से जुड़ी जानकारी व तथ्य इकट्ठा किए। इसके बाद चहनियां क्षेत्र के लच्छुब्रह्म मंदिर प्रांगण प्रेसवार्ता आयोजित कर अपनी जांच रिपोर्ट के कुछ अंश को मीडिया के समक्ष रखा और पुलिसिया कार्य प्रणाली पर कई गंभीर सवाल भी उठाए। कहा कि लाठी के बल पर लोकतंत्र का दमन नहीं किया जा सकता।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि सपाइयों पर लाठीचार्ज की घटना में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही व चूक उजागर हुई है। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बिना किसी मजिस्ट्रेट के अनुमति के सपाइयों पर लाठीचार्ज किया। महिला सपाइयों को पुलिस ने पीटा, जो पूरी तरह से अनुचित है। संघर्ष की घटना से जुड़े वीडियो के अवलोकन से स्पष्ट है कि मौके पर कोई पुलिस कर्मी नहीं थी। बावजूद इसके पुलिस कांस्टेबल व अफसरों ने महिलाओं संग अभद्रता व लाठीचार्ज जैसी घटना को अंजाम दिया। कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर हम सभी पुलिस प्रताड़ना झेल रहे सपाइयों का दुख-दर्द बांटने आए हैं। पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा व नरेंद्र मोदी केवल धर्म पर राजनीति करना जानते हैं। आरोप मढ़ा कि विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में पीएम और 18 मुख्यमंत्री व राज्यपाल आस्था के लिए नहीं बल्कि वोट के लिए जमा हो रहे हैं। कहा कि पीएम मोदी सरकारी पैसे का दोहन व दुरूपयोग कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने कहा कि रामगढ़ की घटना एलआईयू व जिला प्रशासन के गोपनीय विभाग की नाकामी की नतीजा है, क्योंकि सपाइयों का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित व सुनिश्चित था, जो जिला प्रशासन के संज्ञान में था। बावजूद इसके चहनियां में कोई एसडीएम या सक्षम अधिकारी मौजूद नहीं था, जिस कारण सपा कार्यकर्ता आगे बढ़े। ऐसे में सीओ सकलडीहा अनिरूद्ध सिंह ने बिना किसी मजिस्ट्रेट के आदेश के अलौकतांत्रिक व गैरकानूनी तरीके से सपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया। इसकी जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। इस अवसर पर एमएलसी आशुतोष सिन्हा, जिलाध्यक्ष सत्यनरायन राजभर, पूर्व विधायक पूनम सोनकर, परवेज अहमद जोखू, चंद्रशेखर यादव, जमील खान, सुनील यादव गुड्डू, बाबूलाल यादव, अनिल यादव आदि उपस्थित रहे।
कार्यवाही नहीं हुई तो सदन में उठेगी आवाज चंदौली। रामगढ़ जाते समय हुए संघर्ष की जांच के लिए सपाइयों का दल सकलडीहा में बाबा भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के साथ ही स्थानीय कार्यकर्ताओं से मिला। इसके बाद जत्था चहनियां व लच्छूब्रह्म धाम के लिए रवाना हुआ। इस दौरान दल ने मौका मुआयना कर प्रत्यक्षदर्शियों से घटना से जुटे तथ्यों की जानकारी ली। इस बाबत रामगोविंद चौधरी ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने मामले में दोषी पुलिस अफसरों के विरूद्ध समुचित कार्यवाही नहीं की तो सपा के विधायक 15 दिसंबर के विधानसभा में इस मुद्दे को पुरजोर ढंग से उठाएंगे। क्योंकि किसानों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को मांग-पत्र सौंपना कोई अपराध नहीं है। कहा कि आज किसानों को खाद, बीज, पानी व बिजली की जरूरत है। किसानों को धान की उपज के बदले उचित मूल्य चाहिए। इस मुद्दे को उठाने वाले सभी सपा नेता शाबाशी के हकदार हैं।.
चंदौली में विजय दिवस मनाते किसान व अन्य संगठनों के लोग।
Young Writer, चंदौली। दिल्ली में एक वर्ष से चल रहे किसान आंदोलन के सफल समापन के बाद रविवार को किसान न्याय मोर्चा, राष्ट्रीय कृषक दल रिब्लिकन प्रेसिडियम पार्टी आफ इंडिया व मूल निवासी संघ ने संयुक्त रूप से किसान विजय दिवस मनाया। इस दौरान किसान नेता शमीम मिल्की ने कहा कि दिल्ली में आंदोलित किसानों ने जिस साहस और धैर्य के साथ आंदोलन को अडिग व स्थापित रखा, उसे पूरी दुनिया ने देखा। यही वजह रही कि तानाशाह हो चुकी मोदी सरकार को किसानों के समझ झुकना पड़ा। किसानों के इस संयुक्त संघर्ष को स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। आंदोलन में 700 किसानों के शहादत पर देश को गर्व रहेगा।
इस दौरान मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य इंद्रजीत शर्मा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पहले तो दमनकारी रवैया अपनाया, लेकिन खेत-खलिहान व देश के किसानों के अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे अन्नदाता अपने आंदोलन पर अडिग रहे तो देश के साथ दुनिया में हो रही किरकिरी से बचने के लिए अंततः आंदोलन के दबाव में आकर आगामी विधानसभा चुनावों में संभावित हार के डर से किसानों की मांग मान लिया। किसानों पर लगाए गए सभी मुकदमों को वापस लेने की घोषणा भी कर दिया। कहा कि किसानों की संघर्ष ने भाजपा सरकार को घुटने टेकने पर विवश कर दिया है। किसान विजय दिवस पर किसानों के संघर्ष का सभी सम्मान करते हैं। किसानों पर जब भी संकट आएगा। संगठन उनके साथ रहेगी। अंत में जनरल बिपिन रावत के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर संयोजक महेंद्र प्रसाद यादव, राजेंद्र यादव गांधी, सुरेश पाल, घुरफेक्कन राम, रामहर्षचंद्रन, कृष्णकांत यादव, परशुराम विश्वकर्मा, सूर्यनाथ यादव, राकेश मौर्या, वीर बहादुर आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता गौरी प्रसाद व संचालन रमेश कुमार ने किया।
Young Writer, चंदौली। चंदौलीजिले को नीति आयोग के सूचकांक के आधार पर शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर करने हेतु ज़िले के स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिल कार्य कर रही हैं। जिले को आकांक्षी से प्रेरणादायक के पायदान पर पहुंचाने के लिए ‘संयुक्त संगठन की राह पर’ नामक कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में ज़िले के शिक्षा-स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के अध्यक्षता में ज़िले में कार्यरत समाजसेवी संस्थाओं ने अपनी कार्यशैली को साझा किया।
इस दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारी-सदर सुरेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि समस्त सामाजिक संस्थाओं को इस कारोना काल मे साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। साथ ही समुदाय व विद्यालय के बीच विश्वास बनाने के लिए सामुदायिक सहभागिता अत्यंत जरूरी है। खण्ड शिक्षा अधिकारी नियामताबाद राकेश सिंह ने कहा कि जनपद में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण व अन्य मुद्दों पर कार्य कर रही संस्थाओं को कोविड-19 महामारी के रोकथाम व शत प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करना चाहिए। इस दौरान 25 सामाजिक संस्थाओं को उनके निःस्वार्थ व सेवाभाव से किये सामाजिक कार्यों को सराहा गया। मुगलसराय नगरपालिका सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पीरामल फाउंडेशन के कोर टीम सदस्य श्री जयनेंद्र पाठक जी को जन सहयोग संस्थान ट्रस्ट चंदौली के अध्यक्ष अजीत कुमार सोनी द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर निदेशक सलमान उद्दीन खान, जोनल प्रबंधक अनुप्रिया सिंह, दिलीप सिंह, सरकार मेहंदी, मुकेश सिंह, अरविंद गुप्ता, संजय सिन्हा, मनोज व सुदामा आदि उपस्थित रहे।