Young Writer, चंदौली। विशेष न्यायाधीश पास्को की कोर्ट में बुधवार को शादी का झांसा देकर नाबालिक को भगाने के मामले की सुनवाई की। इस दौरान दोष सिद्ध होने पर दोषी को साढ़े सात साल की कठोर कारावास व पांच हजार रुपया अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदण्ड की अदायगी न करने पर ढाई माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेष अधिवक्ता पास्को ने बताया कि पीड़ित किशोरी के पिता ने 5 अक्तूबर 2015 को चकरघट्टा थाने में सोनभद्र जिले के रावर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के कुसीदौर निवासी सुबाष पटेल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि शाम करीब सात बजे उसकी बेटी घर के पुरब शौच करने गई थी। इस बीच सुबाष पटेल आया और बेटी को बहला-फुसलाकर जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर भाग गया। बेटी के घर नहीं लौटने पर खोजबीन की गई। उक्त युवक के घर भी गए‚ लेकिन वहां बेटी व सुबाष नहीं मिला। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया। साथ ही विवेचना के बाद प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत किया। बुधवार को स्पेशल जज पास्को राजेंद्र प्रसाद ने इस मामले की सुवाई की। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ता का तर्क सुनने के बाद दोषी पाते हुए आरोपित को धारा 366 आईपीसी में साढ़े 7 साल की कठोर करावास की सजा का फैसला सुनाया। साथ ही 5 हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया। अदा न करने पर ढाई माह का अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्देश दिया। वहीं 363 आईपीसी में पांच वर्ष की सजा और ढाई हजार जुर्माना व 7/8 पास्को एक्ट में चार साल की सजा एवं डेढ़ हजार अर्थदंड लगाया। इसके अलावा एससीएसटी एक्ट में 3 वर्ष का कारावास और एक हजार रुपया जुर्माना लगाया। अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता पास्को शमशेर बहादुर सिंह ने तर्क प्रस्तुत किया।
शादी का झांसा देकर नाबालिक को भगाने के मामले में दोषी को सजा
खुलासाः कालिका ढाबा संचालक का हत्यारोपी निकला नौकर
मुखबिर की सूचना पर अलीनगर पुलिस ने चंदरखा अंडर पास के समीप से दबोचा
Young Writer, चंदौली। अलीनगर थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार को मां कालिका ढाबा के संचालक विनीत सिंह की हत्या प्रकरण का खुलासा किया। पुलिस दल ने हत्या को अंजाम देने वाले नौकर दिनेश राजभर को चंदरखा अंडर पास के समीप धर-दबोचा। पूछताछ के पुलिस टीम ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक गले से निकाली गई सोने की चेन तीन टुकड़े व खून लगा शर्ट बरामद किया गया है। इस मामले का खुलासा एएसपी चिरंजीवी मुखर्जी ने पुलिस लाइन में किया है।
उन्होंने बताया कि अलीनगर क्षेत्र के चंदरखा ग्राम में नेशनल हाईवे पर स्थित मां कालिका ढाबा संचालक भोजापुर निवासी विनीत सिंह की हत्या बीते 15 नवंबर को उनके ही ढाबे पर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मृतक की पत्नी अंशू सिंह ने अलीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसपर एसपी अंकुर अग्रवाल ने पुलिस टीम गठित कर हत्यारे की गिरफ्तारी और मामले का पर्दाफाश करने का निर्देश दिया था। इस क्रम में अलीनगर, स्वाट व सर्विलांस की टीम ने बुधवार को मुखबिर की सूचना पर घटना में शामिल नौकर सैयदराजा थाना क्षेत्र के नरायणपुर ग्राम निवासी दिनेश राजभर को अलसुबह चंदरखा अंडर पास स्थित सर्विस लेन से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। पुलिस टीम में अलीनगर प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, स्वाट प्रभारी राजीव सिंह, सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक महेंद्र प्रताप यादव के अलावा अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे।
सकलडीहा सीओ ने सपाइयों के साथ की बर्बरताः विरेंद्र बिंद
Young Writer, चंदौली। समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की बैठक बुधवार को पार्टी कार्यालय पर हुई। इस दौरान जिलाध्यक्ष विरेंद्र कुमार बिंद डाक्टर ने पांच दिसंबर की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही आरोप मढ़ा कि उक्त प्रकरण में सीओ सकलडीहा ने सपाइयों पर लाठी का जोर दिखाया और बर्बरता की है। इसे संज्ञान में लेते हुए जनपद पुलिस उनके विरूद्ध उचित कार्यवाही करना सुनिश्चित करे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा असंवैधानिक तरीके से सपा कार्यकर्ताओं के साथ जो अमानवीय व्यवहार किया गया। जो सरकार की हताशा को दर्शाता है सरकार समाजवादियों से डरी हुई है हम इसकी घोर निंदा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के लोग करते हैं। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के मुगलसराय विधानसभा अध्यक्ष सोहन प्रसाद बिंद ने कहा कि समाजवादी कार्यकर्ताओं का हतोत्साहित करने के लिए पुलिस-प्रशासन ने दमनात्मक कार्यवाही अमल में लायी है, जिसकी जितनी निन्दा की जाय वह कम है। यह सरकार के डर को दर्शाता है। धान खरीद को लेकर सरकार की मंशा साफ नहीं है। यदि वजह है कि धान खरीद के लिए किसानों को बार-बार क्रय केंद्रों पर दौड़ाया जा रहा है। प्रशासनिक असहयोग से किसान दुखी व परेशान है।
ट्रक से बिहार भेजी जा रही थी खाद‚ एसडीएम चकिया ने पकड़ा
Young Writer, चंदौली। एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने कलानी गांव के पास से बुधवार की सुबह एक पिकअप वाहन पर लादकर अवैध ढंग से सिंगल सुपर फास्फेट 65 बोरी खाद को बिहार ले जाते वक्त वाहन सहित खाद को बरामद कर लिया।
एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा को बुधवार की सुबह सूचना मिला कि बड़ौरा गांव के आरडी खाद भंडार से एक पिकअप वाहन पर सिंगल सुपर फास्फेट खाद लादकर बिहार भेजा जा रहा है। मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम ने इलिया पुलिस को फोन कर पिकअप वाहन को बरामद करने का निर्देश दिया। जैसे ही पिकअप वाहन खाद भंडार से खाद लेकर चला कि कलानी गांव के पुलिया के पास पहुंचते ही पुलिस में घेराबंदी कर वाहन सहित खाद को बरामद करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बरामद पिक अप वाहन सहित खाद को चकिया तहसील कार्यालय ले जाकर एसडीएम को सुपुर्द कर दिया। बताते हैं कि एक तरफ गेहूं बुआई के सीजन में जहां खाद की भारी किल्लत चल रही है। वहीं खाद न मिल पाने से किसान खेतों में गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।
वही दूसरी ओर अवैध तरीके से क्षेत्र से खाद की आपूर्ति मनमाने तरीके से बिहार में की जा रही है, जबकि किसानों को खाद दिए जाने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता है।बावजूद कुछ लाइसेंसी नियम को ताक पर रखकर मोटी कमाई के चक्कर में फर्जी आधार कार्ड पर खाद की कालाबाजारी धड़ल्ले से जारी रखे हुए हैं। वहीं खाद की कालाबाजारी पर एसडीएम ने सख्त रवैया अपनाया है। इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि पिकअप चालक को पकड़े जाने के बाद पूछताछ में उसने खाद खरीद से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। जिस पर पूरे मामले के जांच का कार्य एडीओ एग्रीकल्चर को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि जांच में लाइसेंसी द्वारा गड़बड़ी पाए जाने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उनकी इस कार्रवाई के बाद खाद की कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप की स्थिति रही।
चंदौली पुलिस की पहाडों व जंगलों में पैनी नजर, संदिग्धों की ले रही तलाशी
चंदौली। एसपी अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर चंदौली पुलिस इन दिनों जंगलों में और पहाड़ों पर पैनी नजर बनाये हुए हैइसी को लेकर नौगढ़ पुलिस लगातार काम्बिंग कर रही है और वनवासियों से मिलकर उनका कुशलक्षेम पूछ रही है तो वही संदिग्धों का तलासी भी ले रही है। बुधवार को क्षेत्राधिकारी नौगढ़ के नेतृत्व में थानाध्यक्ष चकरघट्टा ने पीएसी बल के चकरघट्टा, परसहवा , बजरडीहा, पडहवा, परसिया, भैसौडा आदि गांवों जंगलों में काम्बिंग किया। और अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में जानकारी ली गई वही स्थानीय निवासियों और वनवासियों को जागरुक करते हुए विभिन्न हेल्पलाइन सहित अधिकारी गण एवं सम्बन्धित थाना चौकी के नंबरों को साझा किया और कहा कि कोई भी संदिग्ध या कोई परेशानी होने पर तत्काल सूचित करने को कहा
चंदौली सभासद पति ने दुकानदार को कमरे में बंद कर पीटा, चुनाव में वोट न देने का आरोप
चंदौली मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर सभासद पति की गुंडई का मामला सामने आया है. आरोप है कि चुनाव के दौरान वोट न देने की बात से नाराज सभासद पति श्रवण ने एक दुकानदार को कमरे में बंद करके पीटा और किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी देने लगा. फिलहाल पीड़ित के तहरीर पर पुलिस ने श्रवण यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है. बता दें कि श्रवण यादव थाने का हिस्ट्रीशीटर है, और हत्या के लिए मामले में जेल जा चुका है.
पीड़ित सुनील यादव का आरोप है कि सुभाष नगर के सभासद पति श्रवण यादव ने मंगलवार की रात उसके साथ मारपीट की है. घटना उस वक्त हुई जब पीड़ित एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था. इस दौरान सभासद पति श्रवण यादव उसे रास्ते में मिले थे, तब रात के तकरीबन 2 बजे श्रवण ने सुनील से घर तक उसे छोड़ने के लिए कहा था. सुनील ने उसकी बात को मानते हुए उसे घर तक तो पहुंचा दिया. लेकिन सभासद पति ने चुनाव के समय की बात की चर्चा करते हुए उसे कमरे में बंद करके पीटा. साथ ही इस बात की धमकी दी कि वह किसी और से इस बारे में शिकायत करेगा,तो उसे जान से मार देगा. इसके बाद बुधवार की सुबह पीड़ित ने कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है, और उस तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके कार्यवाही शुरू कर दी है.
हालांकि मुगलसराय कोतवाली में पीड़ित युवक के खिलाफ भी एक तहरीर पड़ी है. जिसमें आरोपी सभाषद के यहां किरायेदार युवती पर छींटाकसी का आरोप है. जो बाजार के साथ ही उसके घर तक जारी था. इसी क्रम में युवक सभासद में घर पहुँच गया. इसी दौरान मारपीट हुई है. हालांकि पुलिस ने युवती की तरफ से मिली तहरीर परअब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है.
इस बाबत मुगलसराय कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार मिश्र का कहना है कि सुनील यादव की तहरीर पर सुभाष नगर के रहने वाले श्रवण यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस की टीम कार्रवाई में जुटी है. साथ युवती की तरफ से मिली तहरीर की भी जांच की जा रही है.
…जेल गए पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम यादव को मिली बेल
चंदौली। रामगढ़ सीएम योगी आदित्यनाथ की सभा में जाते वक्त पुलिस संघर्ष मामले में अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट एफटीसी-प्रथम की अदालत ने बुधवार को पूर्व जिलाध्यक्ष बलिरायम यादव समेत जेल में निरूद्ध चल रहे चारों सपाइयों को जमानत दे दी है। देर शाम कोर्ट ने चारों समाजवादी नेताओं की रिहाई पर मुहर लगा दी। जमानत की सूचना कोर्ट परिसर से बाहर आते ही सपाइयों ने खुशी जाहिर की। जिलाध्यक्ष सत्य नारायण राजभर ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने संघर्ष के लिए जानी जाती है। सपा के जिन साथियों को लोकतांत्रियों मूल्यों की रक्षा के लिए जेल जाना पड़ा। जेल से रिहा होने के बाद पार्टी उनका जोरदार इस्तकबाल करेगी। समाजवादी पार्टी किसान, नौजवान व आम आदमी के हक और हुकूक की बात करती है। इसके पूर्व कोर्ट में बेल पर सुनवाई के दौरान जिलाध्यक्ष सत्य नारायण राजभर के अलावा उपाध्यक्ष परवेज अहमद जोखू, चंद्रशेखर यादव, सुदामा यादव, सुधाकर कुशवाहा समेत कई दिग्गज सपाई डंटे रहे। वहीं कोर्ट में समाजवादी पार्टी के लीगल पैनल में अधिवक्ता अजय मौर्या, सुनील सिंह मुखिया‚ राकेश रत्न तिवारी, विरेंद्र सिंह छोटे, बृजेश यादव, इमरान सिद्दीकी ने समाजवादी साथियों की रिहाई के लिए तथ्य एवं तर्क प्रस्तुत किया। अंततः कोर्ट ने मंगलवार को वाराणसी जिला जेल में निरुद्ध चल रहे पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम यादव, सदानन्द सिंह यादव, परमहंस यादव, राहुल चौहान को जेल जाना पड़ा था। कोर्ट आदेश रिहाई आदेश जारी होने के बाद सपा के लोग अपने साथियों की रिहाई परवाना जिला जेल वाराणसी भिजवाने के साथ ही समाजवादिथियों की रिहाई की प्रक्रिया को मुकम्मल कराने में पूरी शिद्दत से जुट गए।
सरेसर रैंक प्वाइंट स्थापित होने से दूर होगी खाद की समस्याः रामकिशुन
Young Writer, चंदौली। विभिन्न मुद्दों को लेकर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने जिलाधिकारी संजीव सिंह से मुलाकात की। इस दौरान धान खरीद व खाद की उपलब्धता से अपनी बात शुरू करने वाले पूर्व सांसद ने पुलिस लापरवाही व तानाशाही तक अपनी बात ले गए। उन्होंने सभी विषय बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए समस्याओं के निराकरण की प्रभावी पहल किए जाने की आवश्यकता जताई। कहा कि जिला प्रशासन सरेसर में रैक प्वाइंट बनाने का बंदोबस्त करे, ताकि खाद के उपलब्धता की पुरानी व लम्बी समस्या दूर हो सके।
उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन के तमाम बड़े दावों के बाद भी जिले में किसानों से धान खरीद नहीं की जा रही है, जिससे किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे है। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि चंदौली के किसी भी किसान का एक छटांग धान खरीद होने से न रह जाए। खाद की उपलब्धता नहीं होने से गेहूं की बोआई की तैयारियों में जुटा किसान हाल-परेशान है। सरेसर में खाद की रैक नहीं उतरी, बल्कि खाद वाराणसी के शिवपुर से आ रही है। कहा कि सीजन में किसानों को खाद की किल्लत से जूझना पड़ता है इसके स्थायी समाधान के लिए यह जरूरी है कि सरेसर में खाद रैक प्वांइट बनाया जाय। पिछली बार केवल जोर-शोर से प्रचार-प्रसार हुआ, जबकि आज भी खाद उतारने के लिए दूसरे जनपदों पर निर्भरता कायम है। इसके अलावा जनपद सड़कें जर्जर व क्षतिग्रस्त है, जिस पर गड्ढामुक्त सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है। अंत में उन्होंने पूर्व में हुए घटनाओं का भी जिक्र जिलाधिकारी से किया। कहा कि पुलिस की लापरवाही व तानाशाही से जनपद में बड़ी घटना हुई। उक्त प्रकरण में किसी भी समाजवादी नेता व कार्यकर्ता के साथ जुल्म-ज्यादती न हो इसका पुलिस-प्रशासन ध्यान रखे।
गरीबों के सहयोग संग शिक्षा की अलख जगा रहा संस्थाः रवींद्रनाथ
जनसहयोग संस्था ने चंदौली में मना तीसरा स्थापना दिवस
Young Writer, चंदौली। जनसहयोग संस्था का तृतीय स्थापना दिवस बुधवार को सादे समारोह में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान अध्यक्ष अजीत सोनी की अगुवाई में रोड किनारे रहने वाले परिवार के बच्चों में निःशुल्क पाठ्य सामग्री (स्लेट, बालपोथी, चाक) व मिष्ठान का वितरण किया गया। साथ ही गोष्ठी आयोजित कर संस्था द्वारा विगत तीन वर्ष में समाज सेवा की दिशा में किए गए कार्यों पर भी रौशनी डाली गयी। मुख्य अतिथि चेयरमैन रवींद्रनाथ ने संस्था के कार्यों व समाज के प्रति समर्पण को सराहा। साथ ही सदस्यों का माल्यार्पण करने के साथ ही प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और इसी हौसले व जज्बे के साथ समाजसेवा के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि संस्था ने बिना किसी अनुभव के अपने युवा साथियों के साथ व सहयोग से कोविड काल में लोगों की सेवा करने का काम किया। कोविड काल में जब लोग इस महामारी से डरे व सहमे हुए थे तो उस वक्त संस्था ने अपने जान की परवाह किए गए असहाय, भूखे-प्यासे प्रवासियों की मदद की। उन्हें भोजन कराया। उनकी प्यास व जरूरतों का ध्यान रखा। इसके साथ ही संस्था ने रक्तदान जैसे पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और लोगों को इस मुहिम से जोड़ा। अब संस्था गरीबों की सेवा के साथ-साथ उनमें शिक्षा की अलख जगाने का काम किया है। नीति आयोग के दिलीप सिंह ने भी संस्था कामकाज की सराहना की। कहा कि समाज को ऐसी संस्थाओं व ऐसी सोच रखने वाले व्यक्तित्व की जरूरत देश व समाज को है। क्योंकि आज भी बहुत से परिवार ऐसे हैं जो आर्थिक तंगी, गरीबी के कारण अपनी भोजन, कपड़ा व शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं कर पाते। अध्यक्ष अजीत सोनी ने संस्था के सभी सदस्यों के सहयोग को सराहा। कहा कि आज जो कुछ भी संभव हो पाया है वह संस्था के सभी सदस्यों के सहयोग का परिणाम है। आगे भी ऐसे ही पूरी शिद्दत के साथ काम होंगे। इस दौरान संस्थान के अध्यक्ष अजीत कुमार सोनी, कोषाध्यक्ष हिमांशु वर्मा, नीरज प्रजापति, अमित कुमार, शमशाद अंसारी, अंकित सिंह, दीपक मौर्य, शशांक मौर्य, मनोज गुप्ता, चंद्रबली पासवान, चंद्रशेखर, तस्लीम रजा व रविकांत उपस्थित रहे।
‘संकट’ के दौर में सपा को रामकिशुन जैसे मजबूत ‘मोचक’ की जरूरत!
सपा सूत्रों की माने तो इस वक्त पार्टी को एक मंच और मजबूत रणनीति की जरूरत
Young Writer, चंदौली। सपा के पास वृहद संगठन का बल है और युवा साथियों का जोर भी। इसके अलावा समाजवादी के पास कुछ ऐसी राजनीति धरोहरें भी हैं जो पार्टी के वजूद को कायम रखे हुए हैं। बावजूद इसके आज समाजवादी पार्टी संकट के दौर से गुजर रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि उसके अंदर बिखराव व विघटन है जैसा कि आज चंदौली के राजनीतिक विशेष जान व समझ रहे हैं। इन राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो समाजवादी पार्टी को एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है जो युवा शक्ति के प्रवाह को बेकाबू होने से रोके। साथ ही अपने लम्बे राजनीतिक अनुभव से विपक्षी राजनीति दलों को सधे हुए अंदाज में संतुलित पलटवार करने की सूझ-बूझ व समझ रखता हो। ऐसा राजनीतिक व्यक्तित्व ही सपाद को इस संकट से उबरकर विधानसभा चुनाव की चुनौती के लिए पार्टी कर सकता है।
समाजवादी पार्टी के लिए जब भी इस तरह की बातें होंगी तो पार्टी के सशक्त व पुराने नेता रहे रामकिशुन का नाम लिया जाएगा। क्योंकि उन्होंने अपने संघर्ष के लहू से पार्टी को सींचा। उन्होंने पार्टी का झंडा व डंडा उस वक्त उठाया, जब समाजवादी पार्टी पहचान की मोहताज थी। उन्होंने सपा को वाराणसी, चंदौली समेत पूर्वांचल में एक मजबूत पहचान दी। आज वही पहचान चंदौली में संकट के दौर से गुजर रही है। ऐसे में सपा के पुराने सिरमौर रामकिशुन को आगे आकर अपना नेतृत्व पार्टी से साझा करें। सबको व सबकुछ अपने नियंत्रण में लें और समाजवादी पार्टी को तत्कालीन संकट से उबारें, ताकि जो भी सपा के नेता व कार्यकर्ता पुलिसिया कार्यवाही से हाशिए पर चल रहे हैं वह अपने आप को सुरक्षित महसूस करें और वह राजनीति वजूद भी कायम रहे। यह तभी हो सकता है जब रामकिशुन जैसा दिग्गज समाजवादी नेता पार्टी के लिए, पार्टी हित में आगे आए और एक बार फिर यह संदेश दे कि आज भी असल में समाजवादी पार्टी का चेहरा व चरित्र दोनों रामकिशुन का ही है। दायित्वों का बोझ आज बूढ़े हो चुके कंधों पर ही टिकी है, जिसकी बुनियाद स्वतंत्रता संग्राम सेनान स्वर्गीय गंजी प्रसाद यादव मजबूत कर गए है, जिसे डिगा पाना किसी भी राजनीतिक दल अथवा पुलिस-प्रशासन के बूते की बात नहीं है। पार्टी सूत्रों की माने तो रामकिशुन ही ऐसा व्यक्तित्व हैं जिनके नेतृत्व को पुराने समाजवादी साथियों के साथ युवा सपाई कभी नकार नहीं सकते। पार्टी सूत्र की बातों पर यकीन करें तो कुछ अतिमहत्वकांक्षी नेताओं-कार्यकर्ताओं की हड़बड़ाहट और नेतृत्व के विपरीत जाकर किए गए कुछ कृत्यों से आज पार्टी व पार्टी के लोग ऐसे संकट को झेल रहे हैं। पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम यादव की गिरफ्तारी और उनकी जेल यात्रा उन्हीं अतिमहत्वकांक्षी योजनाओं के बिना किसी योजना के सूझ-बूझ के अभाव में पार्टी से इतर जाकर किए गए कार्यों का परिणाम है। ऐसे वक्त में रामकिशुन यादव को संकट मोचक के रूप में समाजवादी पार्टी की अगुवाई करने की जरूरत महसूस की जा रही है। अब देखना यह है कि रामकिशुन यादव अपने कुशल राजनीतिक कौशल के बूते किस तरह सपा व सपा के नेताओं का संरक्षण करते हैं।
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मनोज सिंह डब्लू भी हैं संघर्ष के मजबूत स्तम्भ
चंदौली। समाजवादी पार्टी के पास एक ऐसा नेता है जिन्होंने समाजवादी पार्टी को अपने एकल प्रयास से समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्थापित करने का काम किया। जी हां! बात हो रही है सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू की। इनका संघर्ष करने का जज्बा आज किसी से छिपा नहीं है। मुद्दा छोटा हो या बड़ा। यह सबके लिए प्रयास करते दिख जाते हैं। इन्हें न तो विधानसभा, लोकसभा के दायरे रोक पाए और ना ही इन्होंने कभी भी दायरे की राजनीति की। यही वजह है कि इनका वजूद इतना सशक्त हो गया है कि यह जिस राह से गुजर जाएं उन्हें रोककर हर कोई इनसे मिलना व जुड़ना चाहता है। इन्होंने गांव के किसानों, गरीबों व पीड़ित व प्रताड़ित लोगों के लिए लड़ाईयां लड़ी। इन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। सत्ता के खिलाफ मुखर होने के कारण इन्हें कई बार पुलिस प्रताड़ना से इनका दमन करने का प्रयास हुआ। लेकिन इन्होंने समाजसेवा को लेकर अपनी दृढ़ता से सबको मात देते हुए आगे बढ़ते गए। पुलिसिया कार्यवाही को भी हंसकर झेला और सपा के एक मजबूत स्तम्भ की तरह खड़े हैं। यदि रामकिशुन के साथ मनोज सिंह डब्लू के नेतृत्व में पार्टी के लोग एक पुख्ता मशविरा और रणनीति के मुताबिक आगे बढ़े तो समाजवादी पार्टी पर आया संकट दूर होगा। साथ ही चंदौली में पार्टी की बड़ी जीत होगी, जो आगे आने वाले विधानसभा चुनाव में संजीवनी की काम करेगी।
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मंच साझा कर मजबूती रणनीति बनाने की दरकार
चंदौली। सीएम योगी आदित्यनाथ की सभा में जाते वक्त हुए संघर्ष के बाद हाशिए पर चल रही समाजवादी पार्टी को अपना वजूद कायम रखना है तो जल्द ही कुछ करना होगा और वह भी पूरी मजबूती व ताकत के साथ। इस वक्त पार्टी के लोगों के अंदर बिखराव दिख रहा है जिससे पुलिस कार्यवाही के दरवाजे पहले ही खुल चुके हैं। ऐसी विषम स्थिति में सपा के नेता अपनी अलग-अलग थ्योरी पर टिके रहे तो आगे आने वाले चुनावों में उनका व उनकी पार्टी का टिक पाना मुमकिन से नामुमकिन हो जाएगा। इसलिए यह जरूरी हो गया कि सपा नेता मंच साझा करें और एक मजबूत रणनीति के साझेदार के रूप में संघर्ष की राह चुने, जो अब तक समाजवादी पार्टी की पहचान रही है। यदि इस पहचान को कायम रखने में संगठन नाकाम रहा तो पार्टी कार्यकर्ता हताश होंगे और उनकी हताशा पर डर का हावी होना लाजिमी है। आज चंदौली के राजनीतिक गलियारों में सपा चर्चा में है, लेकिन यह चर्चा सपा की कमजोरियों व नाकामियों की है। सुबह-शाम चट्टी चौराहे पर वे लोग समाजवादी पार्टी की कमियों व खामियों पर ज्यादा बातचीत करते नजर आ रहे हैं, जिनका सपा से लम्बा व गहरा लगाव व जुड़ाव है। अब देखना यह है कि क्या समाजवादी पार्टी चंदौली में ऐसे आस्थावान वोटरों व सपोटरों का भरोसा कायम रख पाती है?











