प्रशिक्षण कार्यक्रम में उर्वरक विक्रेताओं को सम्मानित करते अफसर।
चंदौली। इफ्को की ओर से शनिवार को बिक्री कार्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र में किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि जिला कृषि अधिकारी बसन्त दुबे व आध्यक्ष डा. एसपी सिंह मुख्य वैज्ञानिक केवीके ने की कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद इफको के उपक्षेत्रीय प्रबन्धक राजेश कुमार द्वारा अवगत कराया। कहा कि नेनो तकनीक से विकसित इफ्को नैनो यूरिया 500 में उपलब्ध है जिससे किसानों की खेती करने की लागत में कमी आएगी व उत्पादन बढे़गा। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी बसंत दुबे द्वारा बताया कि अन्धाधुन्ध रासायनिक खाद के प्रयोग से किसानों को बचना चाहिये। इससे मिट्टी व पानी तो दूषित होता ही है साथ ही सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढता है। किसानों को नयी तकनीक व उर्वरकों प्रयोग फसल उत्पादन में वृद्धि के तौर-तरीकों को अपनाना होगा। इसके लिए उर्वरक बिक्री केन्द्र प्रभारी भी किसानों को जागरुक कर प्रभावी भूमिका अदा कर सकते हे। केवीके प्रभारी डा. एसपी सिंह द्वारा संतुलित उर्वरक प्रयोग पर बल दिया गया। डीएपी की उपलब्धता बढाने के लिये बीज को पीएसबी जैविक खाद से उपचारित करना चाहिए। डा. अनिल सिंह द्वारा गेहूं बीज शोधन की सलाह दी। साथ ही उनके द्वारा खरपतवार नियंत्रण व रोग व कीट नियन्त्रण की विस्तार से चर्चा की।
चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू शनिवार को एक बार फिर जिला प्रशासन पर हमलावर रहे। इस दौरान उन्होंने पचखरी में छह माह से क्षतिग्रस्त पुलिया के मरम्मत ना होने पर आक्रोशित दिखे और धरना दिया। इसकी जानकारी होते ही पीडब्ल्यूडी विभाग के अवर अभियंता मौके पर पहुंचे और मामले को संभाला चाहा। लेकिन मनोज डब्लू महकमे से पुलिया निर्माण में विलंब की वजह पूछी और महकमे की ओर से इस दिशा में किए गए प्रयासों से संबंधित काजगाज तलब किए। इसके बाद मौके पर मौजूद जेई बगली झांकने लगे। कुछ देर बार सहायक अभियंता, तहसीलदार व संबंधित थाने की पुलिस भी वहां पहुंची। अफसरों ने एक दिन बार आवागमन के मद्देनजर अस्थायी पुलिया निर्माण का भरोसा दिया, तब जाकर मामला शांत हुए और सपा नेता धरने से हटे।
धरना के दौरान स्कूली बच्चों को बस में बैठाते मनोज सिंह डब्लू।
इस दौरान मनोज कुमार सिंह डब्लू ने कहा कि पचखरी में पुलिया निर्माण का मामला स्थानीय ग्रामीणों के आवागमन व सुरक्षा का मामला है। आज धरना दिया तो पता चला कि यहां से प्रतिदिन स्कूली बच्चों का आना-जाना होता है जो एक अतिसंवेदनशील मामला है। बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी महकमा व स्थानीय विधायक कान में तेल डाले बैठे है। कहा कि पुलिया विगत छह माह से बंद है और इसके मरम्मत के लिए पहल करने की बजाय रास्ते को बंद कर रखा है। जनता की दुश्वारियां बढ़ाने वाले लोग मंच से जनता को बड़े व लुभावने वादे करते हैं, लेकिन जब जनता को सहूलियत का मौका आता है तो ऐसे नेता व अफसर अपने कदम पीछे खींच लेते हैं। पचखरी में पुलिया का मरम्मत ना हो पाना इसका ज्वलंत उदाहरण है। कहा कि आज यदि आम जनता आंदोलित नहीं होती तो महकमे को पुलिया की सुधि लेने का ध्यान भी नहीं आता। कहा कि अब ग्रामीण न तो अपनी जान जोखिम में डालेंगे और ना ही अपने उन बच्चों का जीवन खतरे में डालने की स्थिति में जो इसी राह से प्रतिदिन स्कूल आते-जाते हैं। मौक पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता ने कहा कि सोमवार को एक बजे पुलिया के बगल से अस्थायी पुलिया का निर्माण कराकर आवागमन बहाल किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को आने-जाने में असुविधा न हो। इस बाबत मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि सोमवार को एक बजे अस्थायी पुलिया का निर्माण कार्य अपनी मौजूदगी में करारूंगा। सरकार बनते ही पुलिया का मरम्मत व निर्माण कार्य कराया जाएगा। बताया कि उक्त पुलिया का निर्माण मेरे द्वारा सपा सरकार में कराया गया था, ताकि क्षेत्रीय आवाम को आवागमन में सहूलियत हो, लेकिन आज छोटे से मरम्मत कार्य को कराने पाने ही इच्छा शक्ति सत्ता पक्ष के नेताओं व जिले के जिम्मेदार अफसरों में नहीं है।
पचखरी में धरनास्थल पर पहुंचे अफसरों से जवाब–तलब करते सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू।
चंदौली। कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने शनिवार को पुरानी पेंशन बहाली व सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के उपरांत विसंगतियों को दूर की मांग को लेकर बिछियां धरनास्थल पर धरना दिया। साथ ही जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों ने आउट सोर्सिंग व संविदा कर्मचारियों को श्रम मंत्रालय द्वारा निर्धारित पारिश्रमिक व सुविधाएं मुहैया कराने की भी मांग की। इस दौरान अध्यक्ष ज्योतेन्द्रनाथ दुबे ने कहा कि कर्मचारियों व शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन की बहाली की जाय। साथ ही सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के उपरांत व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर किया जाय। एक जनवरी 2020 से 31 जुलाई 2021 तक महंगाई भत्ते का एरियर दिया जाय। जिला मंत्री रमाकांत यादव ने कहा कि लेखा एवं लेखा परीक्षण डिप्लोमा फार्मास्टि, लैब टेक्निशियन, आप्टोमेटिस्ट को ग्रेड पे 2800 को उच्चीकृत कर 4200 तथा कैडर का पुनर्गठन व पदनाम परिवर्तित किया गया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भर्ती खोलते हुए स्वीकृत पदों पर सीधी भर्ती किया जाय। सींचपाल, सींच पर्यवेक्षक व ट्यूबवेल टेक्निशियन आदि कर्मचारियों की सेवा नियमित किया जाय। इस दौरान आनंद कुमार मिश्र, अवधेश कुमार पांडेय, गिरजाशंकर पांडेय, मुहम्मद शाहिद, अजय सिंह, जितेंद्र कुमार, जंग बहादुर, शशि सिंह, रविंद्र, रामअशीष आदि उपस्थित रहे।
चंदौली मुख्यालय स्थित सदर कोतवाली में शनिवार को कोतवाल अनिल कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें फरियादियों द्वारा राजस्व संबंधित 5 प्राथना पत्र पड़े जिन्हें विभागीय अधिकारी को सौप कर जल्द से जल्द निस्तारण के लिए निर्देश दिया गया। किसी भी मामले का निस्तारण नही होने से फरियादियों को मायूस हो कर लौटना पड़ा।
इन दौरान एसपी अंकुर अग्रवाल ने अपने मातहतों को निर्देश दिया कि भूमि विवाद से संबंधित शिकायतें आने पर उनका तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर भेजकर निस्तारण कराया जाए। साथ ही अवैध कब्जा होने का प्रकरण संज्ञान में आने पर अविलंब लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कहा कि किसी भी कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। इस दौरान एसआई राम भवन,मनोज पांडेय, रूपनारायण,पंकज सिंह समद राईन आदि लोग उपस्थित रहे।
बोले, छह माह से बंद है पुलिया तो चार बजे के बाद बहुत कुछ होगा बंद चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू शनिवार को एक बार फिर जिला प्रशासन पर हमलावर रहे। इस दौरान उन्होंने पचखरी में छह माह से क्षतिग्रस्त पुलिया के मरम्मत ना होने पर आक्रोशित दिखे। उन्हें सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जिला प्रशासन व जिम्मेदार महकमे के अफसरों को खुली चेतावनी दी कि चार बजे तक पचखरी पुलिया पर हाजिर हो जायं, अन्यथा उसके बाद बड़ा कांड होगा। क्योंकि जब छह माह से पुलिया बंद हो सकती है तो जनता बहुत कुछ बंद करने का काम करेगी, जिसकी जिम्मेदारी अकेले जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार गड्ढामुक्त सड़कों का वादा करने वाले भाजपा की है, जो असल में लोगों का रास्ता रोकने का काम कर रही है। जोगवां-दुबौलिया पचखरी के पास पुलिया बीते छह माह से टूटी है, जिसके निर्माण की पहल करने की बजाय बैरिकेड्स लगाकर ग्रामीणों का रास्ता रोका गया है। प्रशासन की नाकामी, लापरवाही व शिशिलता का दंश आज पूरा इलाका झेल रहा है। बावजूद इसके समाधान की बजाय जिला प्रशासन व जिम्मेदार अफसर मुंह फेर रहे हैं। बताया कि उक्त पुलिया का निर्माण मेरे द्वारा सपा सरकार में कराया गया था, ताकि क्षेत्रीय आवाम को आवागमन में सहूलियत हो, लेकिन आज छोटे से मरम्मत कार्य को कराने पाने ही इच्छा शक्ति व ताकत सत्ता पक्ष के नेताओं व जिले के जिम्मेदार अफसरों में नहीं है। ऐसे में जनकल्याण व विकास की बातें इनके मुंह से अच्छी नहीं लगती। कहा कि चार बजे तक पचखरी में धरनारत रहूंगा। यदि इस दरम्यान जिम्मेदार अफसर मौके पर नहीं पहुंचे तो बहुत कुछ बंद होने का काम जनता करेगी, यह तय है।
जनविरोधी कार्य करने वालों के समक्ष चट्टान की तरह खड़े नजर आते हैं सकलडीहा विधायक
चंदौली। समाजवाद की बात हो और सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव का नाम न लिया जाय, यह हो ही नहीं सकता है। यह वही प्रभुनारायण है जो सबसे छोटी पंचायत यानी ग्राम पंचायत से सूबे की सबसे बड़े सदन विधानसभा तक सफर तय किया है। मतलब साफ है कि इन्हें गांव की जमीनी राजनीति से लगायत प्रदेश के शीर्ष राजनीतिक का माहिर व महारथी कहा जा सकता है। पार्टी में इनके व दावे की मजबूती को इस बात से समझा जा सकता है कि समाजवादी पार्टी के वर्ष 1992 में गठन के उपरांत 1996 से पार्टी टिकट से चुनाव लड़ते आ रहे है। इस दरम्यान उन्होंने हार के दर्द को भी सहा, लेकिन जनता की सेवा व समर्पण में कमी नहीं आने दी। तमाम चुनौतियों व संघर्ष के बावजूद उनके जनकल्याण का जज्बा अपने रूरज रहा है।
पिछली सपा सरकार की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 तक ऐतिहासिक काम किया। जनता की मांग को प्राथमिकता दी और उसे शासन-प्रशासन के समक्ष पूरी मजबूती के साथ रखकर पूरा कराया। लम्बे समय से लंबित चले आ रहे बलुआ पक्का पुल के निर्माण में इनकी अहम भूमिका रही, लेकिन दुर्भाग्य ही रहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में उसका उद्घाटन कराने से चूक गए। बावजूद इसके उन्होंने सैदपुर पक्के पुल को निर्माण के साथ-साथ उसे अपनी ही सरकार में क्षेत्रीय जनता को समर्पित कराने में जी-जान लगा दी। इसके अलावा उन्हें सकलडीहा इलाके में विकास के लिए इबारत लिखी, जिसे कुछ खास लोग ही जान पाए। हां! इतना जरूर है कि आज प्रभु नारायण सिंह यादव अपने इलाके के एक-एक गांव, गली व मोहल्ले में अपनी पकड़ को सशक्त बनाए हुए हैं जिस अंदाज से वजह जनविरोधी कार्य करने वाले शासन तंत्र के खिलाफ चट्टान की तरह खड़े नजर आते हैं उनका इसी व्यक्तित्व को जनता ने पसंद किया। उन्होंने ऐसे दौर पर अपने तत्कालीन विधानसभा धानापुर में विधायिकी की, जब वहां संसाधनों का अभाव व अपराध का बड़ा प्रभाव था। बावजूद इसके वह पूरी दृढ़ता के साथ डटे रहे और जनकल्याण के कारवां को आगे बढ़ाते गए। वह अपने इलाके की जनता के सेवा के प्रति आज भी समर्पित नजर आते है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी में उनकी अपनी मजबूत पैठ व पकड़ है। अपने इलाके में संगठन को सक्रिय बनाने में वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ते। आज भी वह सेक्टर व बूथ स्वयं चौपाल लगाते हुए नजर आ रहे हैं। मामला चाहे यूथ को बूथ पर मुस्तैद करने का हो या फिर बूथ पर वोट बढ़ाने का। संगठन से मिली हर जिम्मेदारी को एक बड़े नेता की बजाय एक आम कार्यकर्ता की तरह पूरा करते हैं ताकि समाजवाद व सपा के झंडे की बुलंदी पर किसी तरह की आंच न आने पाए।
शुरुआत से ही समाजवादी चेहरा रहे प्रभुनारायण सिंह यादव चंदौली। सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह का राजनीतिक सफर शानदार होने के साथ-साथ चुनौतियों से भरा रहा। वह पहली बार वर्ष 1989 में अपनी लोकप्रियता के बल पर अपने पैतृक गांव कैलावर से निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि रही और उसी साल उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत से चहनियां जिला पंचायत सदस्य बने। उस दौर में चहनियां ब्लाक में जिला पंचायत की मात्र एक सीट हुआ करती थी। इस तरह उन्होंने पूरे चहनियां ब्लाक का नेतृत्व संभाला और विकास को आगे बढ़ाते गए। उस वक्त जिला पंचायत का चयन ग्राम प्रधानों द्वारा किया जाता था। कुर्सी के इस खेल में उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी सत्य नारायण सिंह को मात दी और अपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाया। इसके बाद 1995 उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और बसपा उम्मीदवार रामअवध चौहान को करीब 1250 वोट से शिकस्त देकर विजय हासिल किया। 1996 में उनके राजनीतिक जीवन में बड़ा बदलाव आया। समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी का चेहरा बनाया और वे धानापुर विधानसभा से चुनाव लड़े। अपने शानदार राजनीतिक कौशल व लोकप्रियता के बूते उन्होंने अपने शुरुआती दिनों अस्तित्व तलाश रही सपा को जीत के रूप में बड़ा तोहफा देने का काम किया। उस वक्त उन्होंने बसपा के ही ज्ञानेंद्र कुशवाहा को करीब 13900 वोट से शिकस्त दी। इनके बाद उन्होंने कभी राजनीति में पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे बढ़ते गए। अगले विधानसभा चुनाव यानी 2002 में एक बार फिर सपा ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। अबकी बार उनके साथ बसपा ने एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारा, जिसे हरा पाना उन दिनों में भी काफी मुश्किल था। बावजूद इसके प्रभु नारायण ने अपनी लोकप्रियता के बल पर बंदूक के आतंक व पैसे की बाढ़ की नदी पार कर जीत हासिल की। यह लड़ाई बेहद दिलचस्प थी और जब तक मतगणना में धानापुर विधानसभा का अंतिम वोट गिना जाता, तब तक लोगों की सांसे थमी रही। इस राजनीतिक घमासान में प्रभुनारायण सिंह यादव ने अपनी प्रतिद्वंदी सुशील सिंह को 26 वोट से शिकस्त देकर लगातार दूसरी बार विधायक बने। हालांकि इसके बाद उन्हें 2007 में धानापुर से हार का सामना करना पड़ा। वहीं 2012 में परिसीमन बदलने के बाद सकलडीहा से चुनाव लड़ते हुए प्रभुनारायण सिंह यादव अपने पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंदी सुशील सिंह से एक बार फिर हार गए, लेकिन सरकार बनने की खुशी में सकलडीहा विधायक ने अपने व्यक्ति हार को हताशा में बदलने नहीं दिया। बल्कि वे दोगुने उत्साह व ऊर्जा के साथ पूरे पांच साल जनता के बीच बिताए। इसी का नतीजा रहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद वह जनपद चंदौली से एकलौते सपा विधायक बनने में सफल रहे। यह जीत कई मायनों में इसलिए बड़ी थी क्योंकि जब पूर्वांचल के वाराणसी‚ भदोही‚ मीरजापुर व सोनभद्र में सपा का खाता नहीं खुल पाता तो ऐसी स्थिति में 14 हजार से अधिक वोट पाकर जीत दर्ज करके इन्होंने समाजवादी पार्टी की साख बचाई।
सकलडीहा विधायक का दावा….
सपा सरकार में सम्पूर्ण जनपद का होगा विकास चंदौली। सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव चौथी बार विधायक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनका लक्ष्य आकांक्षी जनपद चंदौली को विकास सं संतृप्त करने की है। उनका कहना है कि यदि सपा सरकार में वह जीतकर विधायक बनते हैं तो न केवल सकलडीहा विधानसभा, बल्कि समूचे चंदौली जनपद का विकास होगा। जिन आवश्यक ढांचे की आवश्यकता चंदौली जनपद को है उसे सरकार से चंदौली तक खींच लाने का काम होगा। किसी भी इलाके के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। विकास व जनकल्याण के कामकाज में किसी तरह की सीमा नहीं तय की जाएगी। बताया कि आज जिस तरह की राजनीति हो रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है इससे लोकतंत्र को गहरा आघात लगा है। कतिपय राजनेता चुनाव जीतने व कुर्सी हथियाने के लिए किसी भी स्तर तक चले आ रहे है। जनता को ऐसे नेताओं से सतर्क रहने की जरूरत है जो जनप्रतिनिधि होने का मुखौटा लगाए चुनाव में उनके बीच चले आते हैं।
चंदौली। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) 28 नवंबर को जिले के 18 केंद्रों पर होगी। परीक्षा के लिए 16315 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। केंद्रों पर निगरानी के लिए स्टैटिक मजिस्ट्रेट व पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों व केंद्र व्यस्थापकों के साथ बैठक की। इस दौरान परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के निर्देश दिए। किसी तरह की लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। टीईटी परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली में सुबह 10 से दोपहर 12:30 बजे तक परीक्षा होगी। इसमें 9829 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर ढाई से शाम पांच बजे तक होगी। इसमें 6486 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। पहली पाली में प्राथमिक व दूसरी पाली में पूर्व माध्यमिक स्तर के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी। डीएम ने कहा कि सभी केंद्रों पर निगरानी के लिए स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। इसके अलावा अधिकारियों की टीम लगातार चक्रमण कर जायजा लेती रहेगी। उन्होंने परीक्षा की शुचिता पर जोर दिया। बोले, केंद्र व्यवस्था पूरी सतर्कता बरतें। मुख्य गेट पर ही परीक्षार्थियों की सघनता से जांच की जाए। मोबाइल, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा के दौरान कोरोना को लेकर सतर्कता बरती जानी चाहिए। परीक्षार्थियों से कोविड प्रोटोकाल का पालन कराया जाए। कक्षों में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए प्रकाश, सफाई आदि की मुकम्मल व्यवस्था होनी चाहिए। कहीं से कोई शिकायत मिली तो ठीक नहीं होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर विजय प्रकाश सिंह ने भरोसा दिलाया कि नकलविहीन परीक्षा कराई जाएगी। इसको लेकर सभी केंद्र व्यवस्थापकों को पहले ही निर्देशित किया जा चुका है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा व वायस रिकार्डर के जरिए निगरानी की जाएगी। यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित गतिविधियों में संलिप्त मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। एडीएम उमेश मिश्रा, प्रधानाचार्य डाक्टर रामचंद्र शुक्ल, डाक्टर महेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
नौगढ़। चकरघट्टा थाना क्षेत्र के देवदतपुर गांव अज्ञात कारणों से आग लग गयी। इस कारण लक्ष्मण भारती का खलिहान मे रखा हुआ एक बीघा धान का बोझ जलकर राख हो गया। बताया जाता है कि देवदतपुर गांव निवासी लक्ष्मण भारती का खलिहान मे आग लग जाने से मडा़ई व सफाई करने के लिए रखा हुआ एक बीघा धान का बोझ जलकर राख हो गया है। जानकारी होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका है। पीड़ित किसान का कहना है कि किसी ने रंजिशवश खलिहान मे आग लगाया है। थानाध्यक्ष चकरघट्टा दीनदयाल पांडेय ने इस बारे में सूचना प्राप्त होने से इंकार किया है।
नौगढ़। तीन दिनों पूर्व सपहर पंडी के जंगल से बरामद किए गए 116 पशुओं को पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों सुपुर्द कर दिया था। अब नौगढ़ थाना पुलिस ग्रामीणों को सुपुर्द किए गए मवेशी वापस मांग रही है, ताकि उन मवेशियों को पशु आश्रय केंद्र चकचोइया भैसौड़ा भेजा जा सके। इस बारे में जानकारी देते हुए उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह ने बताया कि अभी बीते मंगलवार को थाना क्षेत्र के सपहर पंडी जंगल से मुखबिर की सूचना पर 116 पशुओं को बरामद कर के तीन पशु तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया था। बरामद पशुओ को पालने के लिए ग्रामीणों को सुपुर्दगी मे दिए जाने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वापस थाने पर मंगाया गया है। सभी पशुओं को पशु आश्रय केन्द्र भैसौडा़ भेजा जाएगा।
चकिया देश में चले अभूतपूर्व किसान ने साल भर पुरा किया वही आज संविधान दिवस भी हैं इसलिए आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण हैं आज भाजपा के द्वारा हमारे संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों पर हमले के खिलाफ लड़ने का दिन भी हैं वहीं किसानों के आंदोलन के प्रमुख मांग एमएसपी की कृषि उत्पादों पर कानूनी दर्जा दिलाने और किसानों पर हमला कराने वाले केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी के मांग को लेकर लड़ाई तेज करने भी महत्वपूर्ण दिन हैं उक्त बातें आज इस मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के केन्द्रीय आह्वान पर सांकेतिक भूख हड़ताल पर मजदूर किसान मंच के प्रभारी अजय राय ने कहा! उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जहाँ संविधान द्वारा मिले लोकतांत्रिक अधिकार, धर्मनिरपेक्षता, समस्त नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक अधिकारों पर हमला कर रहीं हैं वहीं अल्पसंख्यकों, गरीबों, आदिवासियों पर लगातार हमला कर रहीं हैं! इसलिए आज संविधान दिवस पर संविधान बचाने, संविधान द्वारा मिले अधिकारों के लिए लड़ने का दिन हैं! उन्होंने कहाँ कि साल भर चले अभूतपूर्व किसान किसान आंदोलन ने 683 किसानों के प्राणों की आहुति या शहादत के बाद केन्द्र की अंहकारी मोदी सरकार को तीनों काले कृषि कानून को वापस लेने के लिए बाध्य किया लेकिन अभी फसलों पर एमएसपी को कानूनी दर्जा दिलाने और श्रमिक विरोधी बिल वापस लेने, बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने, अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी, किसानों के आंदोलन में किसानों पर लादे गए मुकदमे वापसी, सहित कई किसानों की मांगे लम्बित हैं जिसको पुरा कराने के लिए लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना होगा! उन्होंने कहा कि इस अभूतपूर्व साल भर से चल रहें आंदोलन में 683 किसानों ने प्राणों की आहूति या शहादत दिया हैं इनके लिए मोदी सरकार को मुआवजा इनके परिवार को पुनर्वास की घोषणा करनी चाहिए और सिंधु मोर्चा में उनके नाम पर स्मारक बनाने के लिए जमीन आवंटित करें!उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शतप्रतिशत फसलों की क्रय केन्द्र पर खरीद की गारंटी करने की घोषणा केवल कागजी हैं फसलों को बेचने के लिए किसानों को क्रय क्रेन्द्रो पर भटकना पड़ रहा हैं! *इसलिए संविधान को बचाना हैं संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को लेना हैं! किसानों को कोरपोरेट घरानों से मुक्ति लेना हैं तो भाजपा को हराना होगा