आधार कार्ड व पैन कार्ड के जरिए धनी ऐप से लेते थे लोन
चंदौली। सदर कोतवाली व स्वाट टीम ने संयुक्त कार्यवाही कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का फंडाफोड किया। इस पुलिसिया कार्यवाही में गिरोह का सहगना समेत कुल छह साइबर ठग पुलिस के हत्थे चढ़े। जिनके पास से ठगी का करीब एक लाख रुपये नकद समेत साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाला लैपटाप, मोबाइल, एटीएम व अन्य उपकरण बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक साइबर ठग आधार व पैन कार्ड कार्ड का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते थे। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज जांच में जुटी है। उक्त मामले का एएसपी सुखराम भारती ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में खुलासा किया है।
एएसपी ने बताया कि पिछले दिनों एक व्यक्ति ने धनी ऐप के जरिये 10 हजार रुपये लोन के फर्जीवाड़े की शिकायत की। पीड़ित द्वारा बताया गया कि उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड का इस्तेमाल करके किसी अज्ञात व्यक्ति ने मेरे व मेरे पुत्र के नाम पर धनी ऐप से लोन लेकर गबन कर लिया है। इस बात जब बैंक की तरफ से उन्हें रिकवरी के लिए नोटिस भेजा तो इसकी जानकारी पीड़ित को हुई। जबकि उसने किसी प्रकार का कोई लोन नहीं लिया है। इस पूरे मामले की जांच साइबर सेल ने की गिरोह द्वारा साइबर ठगी का मामला पटल पर आया। पुलिस द्वारा पकड़े गए गिरोह के सदस्यों में एक सदस्य फाइनेंसियल एडवाइजर भी शामिल है, जो लोगो के काम कराने के नाम उन्हे विश्वास मे लेकर उनका आधार कार्ड व पैन कार्ड ले लेता था। इसके अलावा गैंग के सरगना और वाराणसी में ओला संचालक दिलीप सिंह भी ओला में लगे वाहनों के मालिक व चालकों के आधार व पैन का डाटा उपलब्ध कराता है, जिसका इस्तेमाल लोन स्वीकृत कराकर, धनी वालेट में प्राप्त लोन को यूपीआई के माध्यम से अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं। पुलिस ने इनके पास से 94920 रुपये नकद, 13 पासबुक, 3 वोटर कार्ड, 20 मोबाइल, 16 चेकबुक, 10 पैन कार्ड, 35 सिम कार्ड 35, 42 डेबिट कार्ड, 36 आधार कार्ड, 9 ड्राइविंग लाइसेंस, लैपटाप, पेटीएम मशीन, गूगल पे क्यूआर कोड बरामद किया है। गिरफ्तार अभियुक्तांे में दिलीप सिंह, धीरज कुमार, नारायण कुशवाहा, राहुल सिंह, अजीत कुमार मौर्य, प्रांजल पाण्डेय शामिल है।
पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार
बाबा कीनाराम मठ में मुख्यमंत्री के आने की चर्चा जोरों पर तैयारी में जुटे अधिकारी
चहनियां (सं0)- अघोराचार्य बाबा कीनाराम मठ रामगढ़ के सुंदरीकरण की चर्चा ने पुनः जोर पकड़ लिया है । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की संभावना को लेकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक बुधवार को कीनाराम मठ का निरीक्षण किया ।
रामगढ़ स्थित अघोराचार्य बाबा कीनाराम मठ में कीनाराम जन्मोस्त्व -महोत्सव में 2019 में मुख्यमंत्री शिरकत किये थे । जिसमें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने मठ के सुंदरीकरण के लिए 225 करोड़ रुपये से सुंदरीकरण की घोषणा किये थे । लॉकडाउन के कारण मठ का विकास रुक गया था । दो वर्ष बाद पुनः मठ के सुंदरीकरण की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है । मुख्यमंत्री के आने की संभावना की भी चर्चा होने लगी है । सम्भावना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी संजीव सिंह व पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल पूरे प्रशासनिक टीम के साथ मठ परिसर,इंटर कालेज खेल मैदान का निरीक्षण किया । किनाराम जन्मोत्सव के संयोजक अजीत सिंह व प्रवन्धक मेजर अशोक सिंह से जानकारी ली । वही संयोजक अजीत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री का आगमन हो सकता है । सम्भावना है कि वे इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे । कुछ दिन पूर्व साढ़े अठारह करोड़ रुपया पास भी हो गया है । इस दौरान एडिशनल एसपी चिरंजीवी मुखर्जी,एसडीएम अजय मिश्रा,क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध सिंह, बलुआ थानाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी, लोकनाथमहाविद्यालय के प्रवन्धक धनंजय सिंह, मेजर अशोक सिंह,पंकज पाण्डेय, अरुण सिंह आदि उपस्थित रहे ।
चहनियां अघोराचार्य बाबा कीनाराम मठ रामगढ़ के सुंदरीकरण की चर्चा ने पुनः जोर पकड़ लिया है । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की संभावना को लेकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक बुधवार को कीनाराम मठ का निरीक्षण किया ।
रामगढ़ स्थित अघोराचार्य बाबा कीनाराम मठ में कीनाराम जन्मोस्त्व -महोत्सव में 2019 में मुख्यमंत्री शिरकत किये थे । जिसमें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने मठ के सुंदरीकरण के लिए 225 करोड़ रुपये से सुंदरीकरण की घोषणा किये थे । लॉकडाउन के कारण मठ का विकास रुक गया था । दो वर्ष बाद पुनः मठ के सुंदरीकरण की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है । मुख्यमंत्री के आने की संभावना की भी चर्चा होने लगी है । सम्भावना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी संजीव सिंह व पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल पूरे प्रशासनिक टीम के साथ मठ परिसर,इंटर कालेज खेल मैदान का निरीक्षण किया । किनाराम जन्मोत्सव के संयोजक अजीत सिंह व प्रवन्धक मेजर अशोक सिंह से जानकारी ली । वही संयोजक अजीत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री का आगमन हो सकता है । सम्भावना है कि वे इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे । कुछ दिन पूर्व साढ़े अठारह करोड़ रुपया पास भी हो गया है । इस दौरान एडिशनल एसपी चिरंजीवी मुखर्जी,एसडीएम अजय मिश्रा,क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध सिंह, बलुआ थानाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी, लोकनाथमहाविद्यालय के प्रवन्धक धनंजय सिंह, मेजर अशोक सिंह,पंकज पाण्डेय, अरुण सिंह आदि उपस्थित रहे ।
सहकारी समितियों से रसायनिक उर्वरक गायब किसान परेशान
कमालपुर चंदौली अन्नदाताओं को जरूरत के समय सरकार द्वारा कभी खाद ,बीज व पानी नही मुहैया कराया जाता है।जिससे किसान परेशान होते है।इस समय किसान अपने खेतों में गेहूं की फसल लगाने को परेशान हैं।वही सरकार द्वारा किसानों सहकारी समितियों पर उपलब्ध कराने वाली रसायनिक खाद नही मिल रही।सहकारी समितियों के साथ बाजारों से भी रसायनिक खाद को किल्लत हो रही जिसका भरपूर फायदा व्यापारी उठ रहे है।उनके कीर्ती से किसानों का शोषण हो रहा है।व्यापारी किसानों को निर्धारित मूल्य से ज्यादा मूल्य लेकर खाद बेच रहे है।जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।समाजवादी पार्टी के युवा नेता जगमेंद्र यादव ,त्रिभुवन यादव,पंचम यादव ,गुरूपरकाश सिंह सहित अन्य का कहना है कि भाजपा सरकार मुह से किसानों की आय रोज दुगुना करने का नाटक करती है।हकीकत कुछ कुछ और है ।किसानों ने चेताया कि गेहूं की बुवाई में रसायनिक खाद अति आवश्यक है समय पर खाद नही मिली तो किसान बड़ा आंदोलन करेंगे।क्या कहते है अधिकारी सहायक विकास अधिकारी सहकारिता सजीव सिंह ने बताया की जनपद में ही खाद की किल्लत है।खाद की रैक आने वाली है।रैक आते ही सभी समितियों पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
किसान परेशान बाजारों में ऊंचे दाम पर बिक रही रासायनिक खाद
Young Writer, कमालपुर। सरकार द्वारा खेती-किसानी के सीजन में कभी खाद, बीज व पानी नहीं मुहैया करा पाती, जिससे जिले के किसान परेशान होते है। इस समय किसान अपने खेतों में गेहूं की फसल लगाने को परेशान हैं। वही सरकार द्वारा किसानों सहकारी समितियों पर उपलब्ध कराने वाली रसायनिक खाद नहीं मिल रही। इस कारण जहां किसान हाल-परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सहकारी समितियों के साथ बाजारों से भी रसायनिक खाद को किल्लत हो रही जिसका भरपूर फायदा व्यापारी उठ रहे है।
विदित हो कि इन दिनों कमालपुर इलाके में खाद की किल्लत बनी हुई है सहकारी समितियों पर उर्वरक की उपलब्ध ना के बराबर है, जिससे गेहूं की बोआई की तैयारी में जुटे किसान चिंतित व परेशान है। दूसरी ओर खाद की किल्लत के बीच निची उर्वरक केंद्रों पर ऊंचे दर पर खाद की बिक्री कर मुनाफा कमा रहे है। उनके इस कृत्य से किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है। व्यापारी किसानों को निर्धारित मूल्य से ज्यादा मूल्य लेकर खाद बेच रहे है, जिससे किसानों की जेब पर बोझ पड़ रहा है। समाजवादी पार्टी के युवा नेता जगमेंद्र यादव, त्रिभुवन यादव, पंचम यादव, गुरु प्रकाश सिंह सहित अन्य का कहना है कि भाजपा सरकार मुह से किसानों की आय रोज दोगुना करने का नाटक करती है। जब की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। किसानों ने चेताया कि गेहूं की बुआई के समय रासायनिक खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हुई तो किसान शासन-प्रशासन के खिलाफ लामबंद होने का काम करेंगे। समय पर खाद नहीं मिली तो किसान बड़ा आंदोलन करेंगे। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी सहकारिता सजीव सिंह ने बताया कि जनपद में ही खाद की किल्लत है। खाद की रैक आने वाली है। रैक आते ही सभी समितियों पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
चंदौली माइनर में उतराया मिला युवक का शव, जाने कहा का निवासी
चंदौली जिले के चकिया थाना क्षेत्र के बीकापुर गांव समीप नहर के माइनर में एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी। आस पास के ग्रामीणों ने देखा तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की कार्यवाही में जुट गई
बताते है कि चकिया थाना क्षेत्र के बीकापुर गांव के समीप ग्रामीण माइनर पर टहलने के लिए गए थे। तभी अचानक ग्रामीणों की नजर माइनर उतराए हुए युवक के शव पर पड़ी ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दिए मौके पर पहुची पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। वही पुलिस की माने तो मृतक की पहचान बरौझी निवासी निरंजन पासवान के रूप में हुई है. घटना की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया वहीं पूरे गांव में मातम पसर गया।
चंदौली के अफसर नहीं चाहते सरेसर में उतरे खाद की रैकः मनोज सिंह डब्लू
Young Writer, चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू बुधवार को सरेसर रैक प्वाइंट का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि मौके पर कुल्हडिया स्थित सीमेंट फैक्ट्री के लिए जिप्सम की रैक लगी हुई थी। यह देख उन्होंने जिला प्रशासन व जिले के जनप्रतिनिधियों में जमकर निशाना साधा। सवाल किया कि जब सरेसर में कोयला, जिप्सम, डीजल-पेट्रोल की रैक लग सकती है तो फिर खाद की क्यों नहीं? रैक खराब होने का बहाना बनाना अफसर छोड़ें और खाद की किल्लत को देखते हुए जल्द से जल्द सरेसर में खाद की रैक लगाना सुनिश्चित करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो जनपद के किसानों के साथ इसकी लड़ाई लड़ी जाएगी। साथ ही उन्होंने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री व चंदौली के सांसद डा. महेंद्रनाथ से आग्रह किया कि आप सत्ता शासन में लिहाजा किसानों के मर्म को समझते हुए खाद की रैक सरेसर में लगाने की पहल करें, क्योंकि यदि आप नहीं कर पाएंगे तो यह समस्या किसी अन्य के बूते की बात नहीं।
इस दौरान मनोज सिंह डब्लू ने जिले के प्रशासनिक अफसरों की कार्य प्रणाली को कटघरे में खड़ा किया। बताया कि जिले के अफसर सरेसर में रैक ठीक नहीं होने का बहाना बनाकर खाद की रैक लगने में बाधक बन रहे हैं, जबकि उसी रैक पर कोयला, डीजल-पेट्रोल व जिप्सम आदि की रैक लग रही है। अब सवाल यह है कि जब तमाम चीजों की रैक सरेसर में लग रही है तो वहां खाद की रैक क्यों नहीं लग पा रही है? इस सवाल का जवाब जिले के अफसरों को देना होगा। कहा कि डा. महेंद्रनाथ पांडेय ने सरेसर खाद रैक के लिए 20 लाख रुपये दिए थे, लेकिन वह 20 लाख कहा गया। उन धनराशि से कौन सा काम हुआ पता नहीं। बताया कि वर्तमान में सरेसर रैक प्वाइंट पर शेड आदि का बंदोबस्त भी है। यदि बारिश भी आ जाय तो खाद की रैक उतारने में कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन जिले के अफसर अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए किसानों तक खाद पहुंचने में सबसे बड़े बाधक बने हुए हैं। कहा कि पिछली पर जिस ठेकेदार ने खाद की रैक मजदूरों से उतरवाई थी, उसका आज तक भुगतान नहीं किया गया। यदि वजह है कि यहां रैक उतारने के लिए ठेकेदार नहीं मिल रहे। विभागीय अफसर इसमें मोनोपोली चला रहे हैं जा पूरी तरह से अनुचित है। आरोप लगाया कि खाद की रैक सरेसर में ना उतरे इसके लिए जिले के अफसर जान-बूझकर अड़चन पैदा कर रहे हैं, जबकि उनका काम समस्या का समाधान ढूंढना होना चाहिए। आरोप लगाया कि चंदौली जिलाधिकारी के साथ जिले के विधायकों को खाद की रैक व किसानों की समस्या से कोई वास्ता सरोकार नहीं है। यदि ऐसा होता तो आज खाद की समस्या से किसान हाल-परेशान नहीं होता। अंत में उन्होंने चेताया कि यदि जल्द खाद की रैक सरेसर में नहीं लगी तो किसानों से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


श्रद्धांजलिः राजनीति के शिखर पर सदैव प्रकाशमान रहे ‘सत्य प्रकाश’ सोनकर
Young Writer, चंदौली। जिस व्यक्तित्व के नाम में ‘सत्य’ भी हो और ‘प्रकाश’ भी। ऐसे व्यक्तित्व की जीवनी का ओज व उसका सार कोई भी समझ सकता है। जी हां! यह नाम उसी महान विभूति का है जिसे चंदौली व काशी का एक राजनीतिक चेहरा सत्य प्रकाश सोनकर के नाम से जानता और पहचानता है, जो महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया में सशक्त व शानदार विद्यार्थी की तरह पुष्पित व पल्लवित हुए और उसी पावन प्रांगण से छात्र राजनीति में प्रवेश किया। राजनीति में उनकी एंट्री शानदार रही और पहले ही प्रयास में उन्होंने जीत के साथ बीएचयू के छात्र राजनीति में कई रिकार्ड भी स्थापित किए। इसके बाद वह चौधरी चरण सिंह और बाद में चलकर तत्कालिन सपा प्रमुख रहे मुलायम सिंह यादव के सानिध्य में अपने राजनीतिक जीवन को प्रौढ़ बनाया और जनता के दिलों में अपनी खास जगह बनाने में सफल रहे।
उन्होंने स्वच्छ राजनीति को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाया और हार-जीत के उतार चढ़ाव के बीच अपने वादों व इरादों पर पूरी तरह से अडिग रहे। उन्होंने अपने वसूलों से कभी समझौता नहीं किया और विषम हालात में भी समस्याओं के समक्ष चट्टान की तरह डंटे रहे। काशी में जन्म के साथ-साथ शिक्षा-दीक्षा ली। बावजूद इसके उनकी कर्मस्थली सदैव चकिया रही और उन्होंने अपना व्यक्तिगत व राजनीतिक जीवन चकिया विधानसभा की आवाम को समर्पित किया और अंततः 17 दिसंबर 2011 को समाजसेवा करते-करते इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनके जाने का गम आज कई लोगों के मन को उदास और आंखों को नम कर जाता है।
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जीत-हार के रोमांच से भरा है पूरा जीवन
चंदौली। चकिया के पूर्व विधायक सत्य प्रकाश सोनकर के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डाले तो उन्होंने बीएचयू से बीटेक व एमटेक की पढ़ाई पूरी की। इस दरम्यान उन्होंने वर्ष 1984 में बीएचयू छात्र संघ उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ा और शानदार मतों से विजयी हुए। अपनी जीत के साथ ही उन्होंने बीएचयू में किसी दलित-पिछड़े प्रत्याशी की पहली जीत का रिकार्ड भी स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने राजनीति में अपने पांव जमाने शुरू किए। चौधरी चरण सिंह की मजदूर किसान पार्टी से टिकट पाकर वर्ष 1985 में चकिया विधानसभा से चुनाव लड़े और हार गए। इसके बाद 1989 में जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े और 40 हजा वोटों से जीत दर्ज की। इसके बाद 1992 में समाजवादी पार्टी की स्थापना हुई, तब सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने सत्यप्रकाश सोनकर के राजनीतिक कौशल को देखते हुए उन्हें सपा यूथ फ्रंटल का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। वह सपा के यूथ फ्रंटल का पहला प्रदेश अध्यक्ष बनने का गौरव अर्जित करने में सफल रहे। वर्ष 1993 में सपा से उन्हें चकिया सीट पर प्रतिनिधित्व का मौका मिला, लेकिन वह बीजेपी उम्मीवार से मात्र 2100 मतों से पीछे रह गए। वर्ष 1996 में उन्हें सपा ने फिर से टिकट दिया और अबकी बार बसपा उम्मीदवार नंदलाल को 19 हजार मतों से मात देकर एक बार फिर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2002 में भाजपा प्रत्याशी शिवतपस्या से उन्हें दो हजार मत से मात खानी पड़ी। वहीं 2007 में बसपा उम्मीदवार जितेंद्र कुमार ने उन्हें शिकस्त दी। बीमारी के बाद वह अचानक से सक्रिय राजनीति से पृथक हो गए और अंततः उन्होंने अपना नस्वर शरीर त्याग दिया।
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अपने वादों व इरादों के पक्के थे सत्य प्रकाश
चंदौली। चकिया के पूर्व विधायक सत्य प्रकाश सोनकर के बारे में कहा जाता है कि वह अपने वादों व इरादों के पक्के थे। उन्होंने जनता से जो भी वादों किए उसे पूरा किया वह राजनीतिक लाभ-हानि की परवाह किए बगैर जनसेवा के भाव से राजनीति की और लोगों के दिलों पर राज किया। उन्होंने जनता को किए वादों को निभाते हुए मंगरौर पुल को टोल फ्री कराया। इस तरह पुल के टोल का भार जनता की जेब न पड़कर सरकारी खजाने पर पड़ा। फिर भी सपा सरकार ने सत्य प्रकाश सोनकर के वादों को महत्व दिया। ऐसे न जाने कितने अनगिनत कार्य सत्य प्रकाश सोनकर ने अपने जीवन में किए, जिससे लोगों को सहूलियत व सुविधाएं मिलीं।
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दलित-पिछड़ों के उत्थान के हिमायती थे सत्य प्रकाश
चंदौली। सत्य प्रकाश सोनकर दलितों व पिछड़ों के सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक नजरिए से उत्थान के पक्षधर थे। उनका मानना था कि बिना शिक्षित व संगठित हुए समाज की मुख्य धारा में जगह बना पाना दलित समाज के लिए मुमकिन नहीं। लिहाजा वह समाज की शिक्षित बनाने के लिए अलग जगाते रहे। उन्होंने अपनी कर्मभूमि चकिया के विकास में अपना सर्वसव झोंक दिया। उनके बारे में लोग आज भी चर्चाओं के दौरान यह कहते हुए सुने जाते हैं कि वह सत्य व निष्ठा के प्रतिबिम्ब रहे। ऐसे नेता सदियों में मिलते हैं जो जाते-जाते सबको रुला जाते हैं। आज उनके कार्य व जनता के प्रति उनके लगाव का ही परिणाम है कि लोग पूरी शिद्दत व आस्था के साथ सत्य प्रकाश सोनकर को याद करते हैं।
सांसद डा. महेन्द्रनाथ पांडे की पहल पे जल्द मिलेगी धान के कटोरे को उर्वरक की खेप
Young Writer, चंदौली। जनपद में चल रही खाद की समस्या का केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डा. महेन्द्रनाथ पांडेय किसानों की इस समस्या को स्वतः संज्ञान लेकर ज़िलाधिकारी चंदौली तथा उत्तर प्रदेश सरकार के सम्बंधित विभागीय अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने चंदौली जनपद को खाद आपूर्ति किए जाने को लेकर सम्यक् जानकारी ली। साथ ही भारत सरकार में रसायन एवं उर्वरक विभाग के उच्च अधिकारी जतिन चोपड़ा डायरेक्टर मूवमेंट से बात करके समस्याके समाधान की पहल की। धान का कटोरा कहे जाने वाले चंदौली संसदीय क्षेत्र में डीएपी की किल्लत से गेहूं फसल उत्पादन तथा किसानों की आमदनी पर सम्भावित प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए उन्होंने खाद आपूर्ति को लेकर सजगता करते हुए तत्काल खाद आपूर्ति की समस्या का निदान करने का आग्रह किया । जतिन चोपड़ा ने तत्काल कार्यवाही करते हुए खाद की एक रैक वाराणसी के लिए रवाना कर दी जो शिवपुर उतरेगी।इसमें से चन्दौली के लिए भी खाद आपूर्ति की जायेगी तथा दो स्पेशल रैक खाद की जनपद चन्दौली के लिए रवानगी उन्होंने सुनिश्चित करायी जो अत्यंत शीघ्र चन्दौली पहुँचेगी। डॉ० पाण्डेय ने चन्दौली संसदीय क्षेत्र वासियों को आश्वस्त किया है कि अपने संसदीय क्षेत्र में खाद आपूर्ति की समस्या नही आने देंगे। रवी फसल के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध रहेगी।
चंदौली किशोरी के साथ छेड़खानी करने पर दोषी को चार वर्ष की कारावास
चंदौली। स्पेशल जज पास्को राजेंद्र प्रसाद की अदालत में मंगलवार को छेड़खानी के मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पास्को एक्ट में दोषी पाते हुए न्यायाधीश ने आरोपी को चार वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपया जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि अदा न करने पर छह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। उक्त प्रकरण में अभियोजन की ओर से अधिवक्ता शमशेर बहादुर सिंह ने तर्क प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल 2016 को पीड़ित किशोरी पीड़िता के भाई ने घनश्याम प्रजापति के खिलाफ छेड़खानी की तहरीर सैयदराजा थाने में दी थी। आरोप लगाया कि उसकी बहन बाजार से सामान लेकर घर लौट रही थी। इस दौरान रास्ते में बुरी नजर से मुहल्ले का घनश्याम प्रजापति बुरी नजर से उसका हाथ पकड़ लिया। वहीं इसके पूर्व भी वह कई बार इस तरह की हरकत कर चुका है। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसकी सुनवाई स्पेशल जज पास्को के कोर्ट में हुई। उन्होंने आरोपी को साल वर्ष की सजा से दंडित किया।
चंदौली चर्चित तेल माफिया की डेढ़ करोड़ की संपत्ति कुर्क, टैंकरों से डीजल पेट्रोल की चोरी में रहा संलिप्त
चंदौली योगी राज में गुंडे अपराधियों की शामत आई है । पुलिस व प्रशासन का डंडा मंगलवार को अलीनगर के चर्चित तेल माफिया पर चला । जिलाधिकारी संजीव सिंह ने तेल माफिया की डेढ़ करोड़ की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है । इसके अनुपालन में पुलिस व प्रशासनिक टीम मंगलवार को मौके पर पहुंची और आरोपित के 38 लाख के भूखंड पर कुर्की की कार्रवाई करते हुए बोर्ड लगवा दिया । मुनादी भी कराई गई । आरोपित गिरोहबंद अपराध में संलिप्त रहा । उसके खिलाफ अलीनगर थाने में तेल चोरी के मुकदमे दर्ज हैं । कार्रवाई से खलबली मची है ।
मोहम्मद इस्तेहार अलीनगर स्थित तेल डिपो में आने वाले टैंकरों से डीजल , पेट्रोल की चोरी में संलिप्त रहा । उसके खिलाफ अलीनगर थाना में लगभग आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं । जिलाधिकारी ने तेल माफिया के भूखंड व टैंकर को कुर्क करने का आदेश दिया है । इसके अनुपालन में मंगलवार को सदर तहसीलदार सतीश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची । पुलिस ने 38 लाख के भूखंड को सील कर कुर्की का बोर्ड लगा दिया । वहीं 10 टैंकरों का पता लगाया जा रहा है । जल्द ही इसे भी कुर्क कर लिया जाएगा । तहसीलदार ने बताया कि तेल माफिया ने अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की थी । इसलिए जिलाधिकारी के निर्देश पर कुर्की की कार्रवाई की गई है । 38 लाख के भूखंड को कुर्क करते हुए बोर्ड लगा दिया गया है । जल्द ही वाहन भी कुर्क कर लिए जाएंगे । जांच अधिकारी और मुगलसराय इंस्पेक्टर संजीव मिश्रा ने बताया कि तेल माफिया के टैंकर व अन्य संपत्ति का पता लगाया जा रहा है । उसे भी कुर्क किया जाएगा ।











