चंदौली – यूपी में विधानसभा चुनाव पहले सभी सियासी पार्टियां संगठन को चुस्त दुरुस्त करने में जुटी है. इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी ने चन्दौली बड़ा फेरबदल करते हूए छोटू कुमार भारती को बसपा नया जिला अध्यक्ष बनाया गया. जबकि पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार को पद मुक्त कर दिया गया. सूत्रों की माने तो पूर्व जिला अध्यक्ष पर गोल गिरोह बनाकर जिला पंचायत चुनाव में पार्टी के बाहर के लोगों को व्यक्तिगत लाभ के कारण टिकट दिया. जिससे पार्टी को पंचायत चुनाव में बसपा को करारी हार का सामना करना पड़ा,और पार्टी के अंदर कलह पैदा होने लगा.
बताया जा रहा है कि चकिया विधानसभा सीट पर जिले के एक कद्दावर नेता व पार्टी में की मजबूत स्थिति रखने वाले आजमगढ़ के विकास आजाद ने चकिया विधानसभा सीट से टिकट का मांग की थी. चकिया विधानसभा सीट पर पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार की अहम भूमिका रही. जिससे जिले के चर्चित नेता बैकफुट पर आ गए. वह अपना वर्चस्व कम होता देखकर चकिया विधानसभा प्रत्याशी पद से अपना नाम वापस लेना उचित समझा. जिला अध्यक्ष का जनपद मेंं गुटबाजी की शिकायत बसपा सुप्रीमो तक पहुंचने लगी. जिससे बसपा सुप्रीमो ने तत्काल प्रभाव से छोटू कुमार भारती को नया जिला अध्यक्ष बना दिया. जो जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.
रमरजाय के पास एंबुलेंस को धक्का लगाते सपा कार्यकर्ता संग मनोज डब्लू।
तेल खत्म होने के बाद रमरजाय के पास 108 एंबुलेंस को सपाइयों ने मारा धक्का धानापुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू शनिवार की रात सूबे की भाजपा सरकार से आहत नजर आए। इस दौरान उन्होंने सीधा सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। साथ ही आग्रह किया कि सत्ता नही संभल रही तो उसे छोड़ दें, अन्यथा जनता आपको हटा देगी। कहा कि धक्का देकर न तो सरकारें चलती हैं और ना ही एंबुलेंस। जो सरकार एंबुलेंस का संचालन समुचित ढंग से नहीं करा पा रही है ऐसी सरकारें को नैतिकता के आधार पर सत्ता से दूर हो जाना चाहिए। कहा कि अखिलेश सरकार की दी हुई 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवाएं लोगों के काम नहीं आ रही है क्योंकि सरकार ने पूरी व्यवस्था को बेपटरी कर रखा है। दरअसल सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू शनिवार की शाम मांगलिक कार्यक्रमों में शरीक होने के लिए जा रहे थे, तभी उन्हें धानापुर-जमानियां मार्ग पर रमरजाय गांव से पहले बीच सड़क पर 108 एंबुलेंस खड़ी मिली तो उन्होंने अपना काफिला रोककर वजह जाननी चाहिए। जब उन्हें एंबुलेंस के बीच राह खड़े होने की वजह मालूम चली कि वह अवाक रह गए। कमालपुर से मरीज को धानापुर सीएचसी लेकर जा रही उक्त एंबुलेंस तेल खत्म होने के कारण बीच राह खड़ी हो गयी। इसकी जानकारी होते ही सपा नेता ने एंबुलेंस में मौजूद मरीज को प्राइवेट वाहन से अस्पताल भेजवाया। साथ ही अपने समाजवादी साथियों के साथ एंबुलेंस को ढाई किलोमीटर धक्का देकर रमरजाय चौराहा स्थित पेट्रोल पम्प तक ले जाने का काम किया और अपने पैसों से एंबुलेंस में तेल भरवाकर उसे आगे के लिए रवाया। इस दौरान मरीज हो चुके स्वास्थ्य महकमे की कार्य प्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार को आड़े हाथ लिया। कहा कि 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवाएं जब सपा सरकार में बहाल हुई तो लोगों को बड़ी मदद मिली, लेकिन आज हादसों व दुर्घटनाओं के बाद हताहत लोगों घंटे दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। बावजूद इसके एंबुलेंस नहीं आती। व्यवस्था में यह कमी, सीधे तौर पर भाजपा सरकार की नाकाम है जो एंबुलेंस में तेल तक का बंदोबस्त नहीं करा पा रही है। अंत में उन्होंने सूबे की कमान संभाल रहे सीएम से सत्ता छोड़ने की गुजारिश। कहा कि आप नहीं हटे तो चुनावों में जनता आपको अपने वोट के चोट से हटाने का काम करेगी।
Young Writer, चंदौली। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनार्न्तत दर्जी व हलवाई ट्रेड का छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय चरण समापन शनिवार को हुआ। इस दौरान जिला उद्योग एव उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के सहायक आयुक्त प्रेम सिंह प्रशिक्षण प्राप्त 250 अभ्यर्थियों में प्रमाण-पत्र वितरित किया गया। साथ ही उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने में आर्थिक सहयोग व संबल प्रदान करने का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, जिससे पारंपरिक कारीगारों के हुनर को निखारने का काम हो रहा है। आप सभी को निःशुल्क छह दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तथा कारीगरों की आर्थिक समृद्वि के लिए उनको तकनीकी, सैद्वान्तिक तथा व्यवहारिक जानकारी देकर अपनी उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार तथा उचित मूल्य के लिए बाजार से सीधे जोड़कर लाभान्वित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र तथा सरकार द्वारा ट्रेडवार टूल किट प्रदान किया जाएगा, जिससे परम्परागत कारीगरों की आर्थिक स्थिति सुधारी जा सके। व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा मुद्रा ऋण योजना चलायी जा रही है। यूपिको के जिला समन्यवक रामचन्द्र ने कहा कि अनुभवी प्रशिक्षक द्वारा तकनीकी, सैद्वान्तिक, व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में राममनोहर, श्रीकान्त, हरे राम ज्योति, अवधेश कुमार, सुनील कुमार, सना आदि उपस्थित रहे।
Young Writer, पड़ाव। इन दिनों कुछ दुकानदार खाद्य पदार्थ की बिक्री के नाम पर लोगों की सेहत व स्वास्यि के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इनके द्वारा एक्सपायर हो चुकी खाने पीने के सामान खुले बाजार में बेखौफ होकर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। जबकि खाद्य सुरक्षा महकमा आंख मूंदे मौन साधे हैं। इस बात को लेकर कोई आम आदमी संबंधित विभाग को सूचना भी देता है तो उस पर विभाग कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ आश्वासन देता है।
इसी कड़ी में क्षेत्र के रतनपुर गांव स्थित एक दुकान पर (एक्सपायरी डेट) समय अवधि समाप्ति वाला (फूड प्रोडक्ट) खाद्य समाग्री बेखौफ होकर बड़ी धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। उक्त दुकान पर दूध से लेकर नमकीन तक सभी खाद्य सामग्री समय अवधि समाप्ति अर्थात स्पायरी डेट वाला बेखौफ होकर बड़ी धड़ल्ले से दुकानदार द्वारा बेचा जा रहा है जबकि बड़ी बात यह रही ब्रांडेड अमूल कंपनी की छाझ और हल्दीराम कंपनी की नमकीन एक्सपायरी डेट वाली बेचा जा रहा है जब इस सिलसिले में दुकान पर बैठी महिला से बात किया तो सीधा जवाब दिया कि लेना हो तो लो नहीं तो दुकान से चलते बनो। गौरतलब हो कि इससे पहले भी कुछ दिन पूर्व एक मिष्ठान की दुकान पर एक्सपायरी डेट वाली कोल्ड ड्रिंक बेचा जा रही थी। मतलब यह साफ है पड़ाव क्षेत्र में ज्यादातर दुकानों पर समय अवधि समाप्ति वाला खाद्य सामग्री और पेय पदार्थ बेखौफ होकर लोगों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते हुए धड़ल्ले से बेचा जा रहा है वही इस संदर्भ में क्षेत्रीय फूड इंस्पेक्टर विनय शाही को फोन से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया‚ लेकिन उनका मोबाइल फोन नहीं उठा। लेकिन दुकानदारों द्वारा जान–बूझ कर ऐसा कृत्य करने से लोगों की सेहत को सीधा खतरा है।
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बिस्कुट खाने से बीमार हो गए थे चार बच्चे
पड़ाव। अभी हाल में अलीनगर थाना क्षेत्र के धरना गांव में बिस्कुट खाने से एक ही परिवार के चार बच्चे बीमार हो गए थे। इस घटना के बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने सक्रियता नहीं दिखा। ऐसी छोटी–मोटी घटनाओं के बाद भी महकमा हरकत में नहीं आया तो कभी भी किसी के साथ कोई अप्रिय घटना घटने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उर्वरक विक्रेताओं को सम्मानित करते अफसर।
चंदौली। इफ्को की ओर से शनिवार को बिक्री कार्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र में किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि जिला कृषि अधिकारी बसन्त दुबे व आध्यक्ष डा. एसपी सिंह मुख्य वैज्ञानिक केवीके ने की कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद इफको के उपक्षेत्रीय प्रबन्धक राजेश कुमार द्वारा अवगत कराया। कहा कि नेनो तकनीक से विकसित इफ्को नैनो यूरिया 500 में उपलब्ध है जिससे किसानों की खेती करने की लागत में कमी आएगी व उत्पादन बढे़गा। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी बसंत दुबे द्वारा बताया कि अन्धाधुन्ध रासायनिक खाद के प्रयोग से किसानों को बचना चाहिये। इससे मिट्टी व पानी तो दूषित होता ही है साथ ही सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढता है। किसानों को नयी तकनीक व उर्वरकों प्रयोग फसल उत्पादन में वृद्धि के तौर-तरीकों को अपनाना होगा। इसके लिए उर्वरक बिक्री केन्द्र प्रभारी भी किसानों को जागरुक कर प्रभावी भूमिका अदा कर सकते हे। केवीके प्रभारी डा. एसपी सिंह द्वारा संतुलित उर्वरक प्रयोग पर बल दिया गया। डीएपी की उपलब्धता बढाने के लिये बीज को पीएसबी जैविक खाद से उपचारित करना चाहिए। डा. अनिल सिंह द्वारा गेहूं बीज शोधन की सलाह दी। साथ ही उनके द्वारा खरपतवार नियंत्रण व रोग व कीट नियन्त्रण की विस्तार से चर्चा की।
चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू शनिवार को एक बार फिर जिला प्रशासन पर हमलावर रहे। इस दौरान उन्होंने पचखरी में छह माह से क्षतिग्रस्त पुलिया के मरम्मत ना होने पर आक्रोशित दिखे और धरना दिया। इसकी जानकारी होते ही पीडब्ल्यूडी विभाग के अवर अभियंता मौके पर पहुंचे और मामले को संभाला चाहा। लेकिन मनोज डब्लू महकमे से पुलिया निर्माण में विलंब की वजह पूछी और महकमे की ओर से इस दिशा में किए गए प्रयासों से संबंधित काजगाज तलब किए। इसके बाद मौके पर मौजूद जेई बगली झांकने लगे। कुछ देर बार सहायक अभियंता, तहसीलदार व संबंधित थाने की पुलिस भी वहां पहुंची। अफसरों ने एक दिन बार आवागमन के मद्देनजर अस्थायी पुलिया निर्माण का भरोसा दिया, तब जाकर मामला शांत हुए और सपा नेता धरने से हटे।
धरना के दौरान स्कूली बच्चों को बस में बैठाते मनोज सिंह डब्लू।
इस दौरान मनोज कुमार सिंह डब्लू ने कहा कि पचखरी में पुलिया निर्माण का मामला स्थानीय ग्रामीणों के आवागमन व सुरक्षा का मामला है। आज धरना दिया तो पता चला कि यहां से प्रतिदिन स्कूली बच्चों का आना-जाना होता है जो एक अतिसंवेदनशील मामला है। बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी महकमा व स्थानीय विधायक कान में तेल डाले बैठे है। कहा कि पुलिया विगत छह माह से बंद है और इसके मरम्मत के लिए पहल करने की बजाय रास्ते को बंद कर रखा है। जनता की दुश्वारियां बढ़ाने वाले लोग मंच से जनता को बड़े व लुभावने वादे करते हैं, लेकिन जब जनता को सहूलियत का मौका आता है तो ऐसे नेता व अफसर अपने कदम पीछे खींच लेते हैं। पचखरी में पुलिया का मरम्मत ना हो पाना इसका ज्वलंत उदाहरण है। कहा कि आज यदि आम जनता आंदोलित नहीं होती तो महकमे को पुलिया की सुधि लेने का ध्यान भी नहीं आता। कहा कि अब ग्रामीण न तो अपनी जान जोखिम में डालेंगे और ना ही अपने उन बच्चों का जीवन खतरे में डालने की स्थिति में जो इसी राह से प्रतिदिन स्कूल आते-जाते हैं। मौक पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता ने कहा कि सोमवार को एक बजे पुलिया के बगल से अस्थायी पुलिया का निर्माण कराकर आवागमन बहाल किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को आने-जाने में असुविधा न हो। इस बाबत मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि सोमवार को एक बजे अस्थायी पुलिया का निर्माण कार्य अपनी मौजूदगी में करारूंगा। सरकार बनते ही पुलिया का मरम्मत व निर्माण कार्य कराया जाएगा। बताया कि उक्त पुलिया का निर्माण मेरे द्वारा सपा सरकार में कराया गया था, ताकि क्षेत्रीय आवाम को आवागमन में सहूलियत हो, लेकिन आज छोटे से मरम्मत कार्य को कराने पाने ही इच्छा शक्ति सत्ता पक्ष के नेताओं व जिले के जिम्मेदार अफसरों में नहीं है।
पचखरी में धरनास्थल पर पहुंचे अफसरों से जवाब–तलब करते सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू।
चंदौली। कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने शनिवार को पुरानी पेंशन बहाली व सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के उपरांत विसंगतियों को दूर की मांग को लेकर बिछियां धरनास्थल पर धरना दिया। साथ ही जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों ने आउट सोर्सिंग व संविदा कर्मचारियों को श्रम मंत्रालय द्वारा निर्धारित पारिश्रमिक व सुविधाएं मुहैया कराने की भी मांग की। इस दौरान अध्यक्ष ज्योतेन्द्रनाथ दुबे ने कहा कि कर्मचारियों व शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन की बहाली की जाय। साथ ही सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के उपरांत व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर किया जाय। एक जनवरी 2020 से 31 जुलाई 2021 तक महंगाई भत्ते का एरियर दिया जाय। जिला मंत्री रमाकांत यादव ने कहा कि लेखा एवं लेखा परीक्षण डिप्लोमा फार्मास्टि, लैब टेक्निशियन, आप्टोमेटिस्ट को ग्रेड पे 2800 को उच्चीकृत कर 4200 तथा कैडर का पुनर्गठन व पदनाम परिवर्तित किया गया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भर्ती खोलते हुए स्वीकृत पदों पर सीधी भर्ती किया जाय। सींचपाल, सींच पर्यवेक्षक व ट्यूबवेल टेक्निशियन आदि कर्मचारियों की सेवा नियमित किया जाय। इस दौरान आनंद कुमार मिश्र, अवधेश कुमार पांडेय, गिरजाशंकर पांडेय, मुहम्मद शाहिद, अजय सिंह, जितेंद्र कुमार, जंग बहादुर, शशि सिंह, रविंद्र, रामअशीष आदि उपस्थित रहे।
चंदौली मुख्यालय स्थित सदर कोतवाली में शनिवार को कोतवाल अनिल कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें फरियादियों द्वारा राजस्व संबंधित 5 प्राथना पत्र पड़े जिन्हें विभागीय अधिकारी को सौप कर जल्द से जल्द निस्तारण के लिए निर्देश दिया गया। किसी भी मामले का निस्तारण नही होने से फरियादियों को मायूस हो कर लौटना पड़ा।
इन दौरान एसपी अंकुर अग्रवाल ने अपने मातहतों को निर्देश दिया कि भूमि विवाद से संबंधित शिकायतें आने पर उनका तत्काल संज्ञान लेते हुए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर भेजकर निस्तारण कराया जाए। साथ ही अवैध कब्जा होने का प्रकरण संज्ञान में आने पर अविलंब लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कहा कि किसी भी कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। इस दौरान एसआई राम भवन,मनोज पांडेय, रूपनारायण,पंकज सिंह समद राईन आदि लोग उपस्थित रहे।
बोले, छह माह से बंद है पुलिया तो चार बजे के बाद बहुत कुछ होगा बंद चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्लू शनिवार को एक बार फिर जिला प्रशासन पर हमलावर रहे। इस दौरान उन्होंने पचखरी में छह माह से क्षतिग्रस्त पुलिया के मरम्मत ना होने पर आक्रोशित दिखे। उन्हें सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जिला प्रशासन व जिम्मेदार महकमे के अफसरों को खुली चेतावनी दी कि चार बजे तक पचखरी पुलिया पर हाजिर हो जायं, अन्यथा उसके बाद बड़ा कांड होगा। क्योंकि जब छह माह से पुलिया बंद हो सकती है तो जनता बहुत कुछ बंद करने का काम करेगी, जिसकी जिम्मेदारी अकेले जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार गड्ढामुक्त सड़कों का वादा करने वाले भाजपा की है, जो असल में लोगों का रास्ता रोकने का काम कर रही है। जोगवां-दुबौलिया पचखरी के पास पुलिया बीते छह माह से टूटी है, जिसके निर्माण की पहल करने की बजाय बैरिकेड्स लगाकर ग्रामीणों का रास्ता रोका गया है। प्रशासन की नाकामी, लापरवाही व शिशिलता का दंश आज पूरा इलाका झेल रहा है। बावजूद इसके समाधान की बजाय जिला प्रशासन व जिम्मेदार अफसर मुंह फेर रहे हैं। बताया कि उक्त पुलिया का निर्माण मेरे द्वारा सपा सरकार में कराया गया था, ताकि क्षेत्रीय आवाम को आवागमन में सहूलियत हो, लेकिन आज छोटे से मरम्मत कार्य को कराने पाने ही इच्छा शक्ति व ताकत सत्ता पक्ष के नेताओं व जिले के जिम्मेदार अफसरों में नहीं है। ऐसे में जनकल्याण व विकास की बातें इनके मुंह से अच्छी नहीं लगती। कहा कि चार बजे तक पचखरी में धरनारत रहूंगा। यदि इस दरम्यान जिम्मेदार अफसर मौके पर नहीं पहुंचे तो बहुत कुछ बंद होने का काम जनता करेगी, यह तय है।
जनविरोधी कार्य करने वालों के समक्ष चट्टान की तरह खड़े नजर आते हैं सकलडीहा विधायक
चंदौली। समाजवाद की बात हो और सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव का नाम न लिया जाय, यह हो ही नहीं सकता है। यह वही प्रभुनारायण है जो सबसे छोटी पंचायत यानी ग्राम पंचायत से सूबे की सबसे बड़े सदन विधानसभा तक सफर तय किया है। मतलब साफ है कि इन्हें गांव की जमीनी राजनीति से लगायत प्रदेश के शीर्ष राजनीतिक का माहिर व महारथी कहा जा सकता है। पार्टी में इनके व दावे की मजबूती को इस बात से समझा जा सकता है कि समाजवादी पार्टी के वर्ष 1992 में गठन के उपरांत 1996 से पार्टी टिकट से चुनाव लड़ते आ रहे है। इस दरम्यान उन्होंने हार के दर्द को भी सहा, लेकिन जनता की सेवा व समर्पण में कमी नहीं आने दी। तमाम चुनौतियों व संघर्ष के बावजूद उनके जनकल्याण का जज्बा अपने रूरज रहा है।
पिछली सपा सरकार की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2012 से 2017 तक ऐतिहासिक काम किया। जनता की मांग को प्राथमिकता दी और उसे शासन-प्रशासन के समक्ष पूरी मजबूती के साथ रखकर पूरा कराया। लम्बे समय से लंबित चले आ रहे बलुआ पक्का पुल के निर्माण में इनकी अहम भूमिका रही, लेकिन दुर्भाग्य ही रहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में उसका उद्घाटन कराने से चूक गए। बावजूद इसके उन्होंने सैदपुर पक्के पुल को निर्माण के साथ-साथ उसे अपनी ही सरकार में क्षेत्रीय जनता को समर्पित कराने में जी-जान लगा दी। इसके अलावा उन्हें सकलडीहा इलाके में विकास के लिए इबारत लिखी, जिसे कुछ खास लोग ही जान पाए। हां! इतना जरूर है कि आज प्रभु नारायण सिंह यादव अपने इलाके के एक-एक गांव, गली व मोहल्ले में अपनी पकड़ को सशक्त बनाए हुए हैं जिस अंदाज से वजह जनविरोधी कार्य करने वाले शासन तंत्र के खिलाफ चट्टान की तरह खड़े नजर आते हैं उनका इसी व्यक्तित्व को जनता ने पसंद किया। उन्होंने ऐसे दौर पर अपने तत्कालीन विधानसभा धानापुर में विधायिकी की, जब वहां संसाधनों का अभाव व अपराध का बड़ा प्रभाव था। बावजूद इसके वह पूरी दृढ़ता के साथ डटे रहे और जनकल्याण के कारवां को आगे बढ़ाते गए। वह अपने इलाके की जनता के सेवा के प्रति आज भी समर्पित नजर आते है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी में उनकी अपनी मजबूत पैठ व पकड़ है। अपने इलाके में संगठन को सक्रिय बनाने में वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ते। आज भी वह सेक्टर व बूथ स्वयं चौपाल लगाते हुए नजर आ रहे हैं। मामला चाहे यूथ को बूथ पर मुस्तैद करने का हो या फिर बूथ पर वोट बढ़ाने का। संगठन से मिली हर जिम्मेदारी को एक बड़े नेता की बजाय एक आम कार्यकर्ता की तरह पूरा करते हैं ताकि समाजवाद व सपा के झंडे की बुलंदी पर किसी तरह की आंच न आने पाए।
शुरुआत से ही समाजवादी चेहरा रहे प्रभुनारायण सिंह यादव चंदौली। सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह का राजनीतिक सफर शानदार होने के साथ-साथ चुनौतियों से भरा रहा। वह पहली बार वर्ष 1989 में अपनी लोकप्रियता के बल पर अपने पैतृक गांव कैलावर से निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि रही और उसी साल उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत से चहनियां जिला पंचायत सदस्य बने। उस दौर में चहनियां ब्लाक में जिला पंचायत की मात्र एक सीट हुआ करती थी। इस तरह उन्होंने पूरे चहनियां ब्लाक का नेतृत्व संभाला और विकास को आगे बढ़ाते गए। उस वक्त जिला पंचायत का चयन ग्राम प्रधानों द्वारा किया जाता था। कुर्सी के इस खेल में उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी सत्य नारायण सिंह को मात दी और अपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाया। इसके बाद 1995 उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और बसपा उम्मीदवार रामअवध चौहान को करीब 1250 वोट से शिकस्त देकर विजय हासिल किया। 1996 में उनके राजनीतिक जीवन में बड़ा बदलाव आया। समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी का चेहरा बनाया और वे धानापुर विधानसभा से चुनाव लड़े। अपने शानदार राजनीतिक कौशल व लोकप्रियता के बूते उन्होंने अपने शुरुआती दिनों अस्तित्व तलाश रही सपा को जीत के रूप में बड़ा तोहफा देने का काम किया। उस वक्त उन्होंने बसपा के ही ज्ञानेंद्र कुशवाहा को करीब 13900 वोट से शिकस्त दी। इनके बाद उन्होंने कभी राजनीति में पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे बढ़ते गए। अगले विधानसभा चुनाव यानी 2002 में एक बार फिर सपा ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। अबकी बार उनके साथ बसपा ने एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारा, जिसे हरा पाना उन दिनों में भी काफी मुश्किल था। बावजूद इसके प्रभु नारायण ने अपनी लोकप्रियता के बल पर बंदूक के आतंक व पैसे की बाढ़ की नदी पार कर जीत हासिल की। यह लड़ाई बेहद दिलचस्प थी और जब तक मतगणना में धानापुर विधानसभा का अंतिम वोट गिना जाता, तब तक लोगों की सांसे थमी रही। इस राजनीतिक घमासान में प्रभुनारायण सिंह यादव ने अपनी प्रतिद्वंदी सुशील सिंह को 26 वोट से शिकस्त देकर लगातार दूसरी बार विधायक बने। हालांकि इसके बाद उन्हें 2007 में धानापुर से हार का सामना करना पड़ा। वहीं 2012 में परिसीमन बदलने के बाद सकलडीहा से चुनाव लड़ते हुए प्रभुनारायण सिंह यादव अपने पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंदी सुशील सिंह से एक बार फिर हार गए, लेकिन सरकार बनने की खुशी में सकलडीहा विधायक ने अपने व्यक्ति हार को हताशा में बदलने नहीं दिया। बल्कि वे दोगुने उत्साह व ऊर्जा के साथ पूरे पांच साल जनता के बीच बिताए। इसी का नतीजा रहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद वह जनपद चंदौली से एकलौते सपा विधायक बनने में सफल रहे। यह जीत कई मायनों में इसलिए बड़ी थी क्योंकि जब पूर्वांचल के वाराणसी‚ भदोही‚ मीरजापुर व सोनभद्र में सपा का खाता नहीं खुल पाता तो ऐसी स्थिति में 14 हजार से अधिक वोट पाकर जीत दर्ज करके इन्होंने समाजवादी पार्टी की साख बचाई।
सकलडीहा विधायक का दावा….
सपा सरकार में सम्पूर्ण जनपद का होगा विकास चंदौली। सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव चौथी बार विधायक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनका लक्ष्य आकांक्षी जनपद चंदौली को विकास सं संतृप्त करने की है। उनका कहना है कि यदि सपा सरकार में वह जीतकर विधायक बनते हैं तो न केवल सकलडीहा विधानसभा, बल्कि समूचे चंदौली जनपद का विकास होगा। जिन आवश्यक ढांचे की आवश्यकता चंदौली जनपद को है उसे सरकार से चंदौली तक खींच लाने का काम होगा। किसी भी इलाके के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। विकास व जनकल्याण के कामकाज में किसी तरह की सीमा नहीं तय की जाएगी। बताया कि आज जिस तरह की राजनीति हो रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है इससे लोकतंत्र को गहरा आघात लगा है। कतिपय राजनेता चुनाव जीतने व कुर्सी हथियाने के लिए किसी भी स्तर तक चले आ रहे है। जनता को ऐसे नेताओं से सतर्क रहने की जरूरत है जो जनप्रतिनिधि होने का मुखौटा लगाए चुनाव में उनके बीच चले आते हैं।