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Sunday, October 25, 2026

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चंदौली विद्यालय जाते वक्त तेज़ रफ़्तार ट्रक ने अध्यापिका को रौंदा, मौके पर हुई मौत


चंदौली अलीनगर थाना क्षेत्र के पचपेड़वा गांव के समीप ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार एक महिला की मौत हो गई वही ट्रक चालक मौके से फरार हो गया मौके पर जुटे आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले आई और आगे की कार्रवाई में जुट गई
अलीनगर थाना क्षेत्र के कोरी गांव निवासी परिषदीय विद्यालय के अध्यापक विनय सिंह अपनी पत्नी अध्यापिका प्रीति सिंह 38 वर्ष को कटसिलल स्थित यमुना शिक्षण संस्थान में बाइक से छोड़ने जा रहे थे । जैसे ही पंचफेड़वा के समीप पहुंचे की प्रीति सिंह अनियंत्रित होकर बाइक से सड़क पर गिर पड़ीं । पीछे से आ रहा ट्रक उनको रौंदते हुए निकल गया । उनकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई । जबकि विनय सिंह बाल – बाल बच गए । मौके पर भारी भीड़ जुट गई । सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया । पति – पत्नी वाराणसी । स्थित निजी फ्लैट में रहते थे ।

हार के दुर्भाग्य को जीत के सौभाग्य में बदल पाएंगे ’रामकिशुन’

चंदौली। पार्टी स्थापना के बाद समाजवाद के झंडे को चंदौली में अपनी कड़ी मेहनत व राजनीतिक कौशल से स्थापित करने वाले पूर्व सांसद रामकिशुन यादव व उनके परिवार की राजनीति इस वक्त हासिए पर आ गयी है। बावजूद इसके आज भी इन्हें कुशल राजनीतिक कौशल से हारे हुए रण को जीत में बदलने के महारथी कहा जाता है। इनका सभी दलों के नेताओं में सम्मान है, लेकिन वर्तमान में यह खुद की पार्टी से कटे-कटे नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं पिछले कई सालों से लगातार मिल रही हार ने इसकी साख व शख्सियत पर गहरा प्रभाव डाला है। विधानसभा चुनाव-2022 अब बेदह करीब है और कभी भी चुनावी बिगुल बज सकता है। बावजूद इसके पूर्व सांसद रामकिशुन की सक्रियता उस पैमाने पर नहीं दिख रही, जिसकी लोगों को उम्मीदें थी। वहीं उनकी पार्टी से चुनाव लड़ने के अन्य आकांक्षी व भावी एवं संभावित प्रत्याशी मैदान में अपनी जमीन को मजबूत करने की जद्दोजहद कर रहे हैं, लेकिन पूर्व सांसद रामकिशुन का परिवार उस लिहाज से मौन है। कुल मिलाकर पूर्व प्रमुख बाबूलाल यादव व्यक्तिगत तौर पर अपनी सक्रियता को बनाए हुए दिख रहे हैं। लेकिन पूर्व सांसद का राजनीति रण से दूरी बनाए रखना समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी चिंता बन सकती है। क्योंकि हालिया संगठन भी पूर्व सांसद को कुछ खास तवज्जो देता नहीं दिख रहा है, जबकि पूर्व सांसद का राजनीतिक कौशल, दशकों पुराना अनुभव जो उन्हें अपने पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व विधायक गंजी प्रसाद से मिला है उसका लाभ समाजवादी पार्टी के हित में लिया जा सकता है, लेकिन संगठन लगातार इससे परहेज करता नजर आ रहा है। अंदरखाने क्या चल रहा है यह कह पाना बड़ा मुश्किल है, लेकिन पूर्व सांसद रामकिशुन यादव की खामौशी बहुत कुछ बयां कर रही है। अब देखना यह है कि वह कब अपने मौन व मंथन को तोड़कर चंदौली की चुनावी सक्रियता का हिस्सा बनते हैं।
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हार कर भी जीते हुए नजर आते हैं बाबूलाल
चंदौली। लगातार दो विधानसभा चुनाव में हार को झेल रहे पूर्व प्रमुख नियामताबाद बाबूलाल यादव आज भी कहीं से हताश व निराश नहीं नजर आते हैं, बल्कि पहले की तुलना में अब दोगुनी ऊर्जा व ताकत के साथ अपने विधानसभा इलाके के एक-एक बूथ को मजबूत बनाने में पूरी शिद्दत के साथ जुटे हैं। उन्होंने पिछले पांच साल अपनी कमियों पर काम किया और उसे मजबूती में बदलने में काफी हद तक सफल रहे। उनकी सक्रियता को देखकर यह अंदाज लगा पाना मुश्किल है कि वह एक हारे हुए जनप्रतिनिधि हैं या जीत हुए। उन्होंने लोगों से अपने जुड़ाव को और मजबूत बनाया। आज मुगलसराय विधानसभा का कोई भी चट्टी-चौराहा नहीं है, जहां बाबूलाल खड़े हों और उनके जानने-पहचानने वालों समर्थकों की भीड़ उनके इर्द-गिर्द नजर न आए। यह सबकुछ उन्होंने बीते पांच साल के अथक मेहनत से अर्जित किया है। ऐसे में टिकट को लेकर उनकी दावेदारी मजबूत तो है ही साथ ही वह जीत के भी हकदार नजर आ रहे हैं। फिलहाल जीत-हार का फैसला मतदाताओं के मूड पर निर्भर करता है लेकिन उनका व्यक्तित्व व आचरण एक उम्दा जनप्रतिनिधि के मानक पर खरा उतरता नजर आ रहा है।
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…रामकिशुन परिवार को लगातार मिल रही हार

चंदौली। पिछले चुनावों के रिकार्ड को देखा जाय तो पूर्व सांसद रामकिशुन के व्यक्तित्व के लिहाज से यह बिल्कुल भी ठीक नहीं रहा। उनके छोटे भाई बाबूलाल यादव को वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से टिकट मिला। उस समय रामकिशुन तत्कालीन सांसद थे और सपा की सूबे में अच्छी लहर थी। बावजूद इसके बब्बन सिंह चौहान से वह मात खा गए। इसके बाद 2014 में समाजवादी पार्टी की सरकार रहते हुए भी रामकिशुन यादव अपनी सीट को बचाने में नाकाम रहे और उन्हें डा. महेंद्रनाथ पांडेय से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद रामकिशुन यादव की साख को गहरा आघात लगा। अभी यह सबकुछ खत्म भी नहीं हुआ था कि जिला पंचायत चुनाव में उनके पुत्र संतोष यादव के जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव लड़ने व जीतने की मंशा को पार्टी ने फलीभूत नहीं होने दिया। संतोष का टिकट कटने से रामकिशुन व उनका परिवार काफी आहत रहा। ऐसे में 2017 में एक बार फिर विधानसभा चुनाव आया और रामकिशुन यादव पार्टी को अपने भरोसे में लेकर अपने भाई बाबूलाल यादव के लिए फिर से टिकट लेने में सफल रहे। चुनाव लड़े और कड़ी मेहनत की, लेकिन उनकी मेहनत व समाजवादी पार्टी का जनाधार दोनों मिलकर बाबूलाल यादव को जीत की दहलीज तक नहीं पहुंचा सके और एक बार फिर बाबूलाल यादव के हिस्से में आ गयी। इसके बाद लोकसभा में चुनाव लड़ने व जितने की आकांक्षा पाने रामकिशुन को पार्टी ने गठबंधन का झटका देकर चंदौली संसदीय सीट अपने सहयोगी दल जनवादी पार्टी के हवाले कर दी। इन तमाम घटनाक्रमों के साथ-साथ पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के परिवार व सपा पार्टी के बीच दूरिया बढ़ती गयी। संगठन के सूत्र बताते हैं कि पार्टी व रामकिशुन परिवार के बीच जो खाई बन गयी है वह निरंतर बढ़ती जा रही है। जो संगठन के साथ-साथ रामकिशुन परिवार के लिए ठीक नहीं है। दोनों एक-दूसरे के पूरक है यदि तालमेल का अभाव होगा तो दोनों की खास पर बट्टा लगेगा और राजनीतिक नुकसान दोनों का होना तय है। फिलहाल संगठन व पूर्व सांसद रामकिशुन यादव के अंदर क्या चल रहा है यह बड़े से बड़ा राजनीति का जानकार फिलहाल बता पाने की स्थिति में नहीं है। लेकिन एक बड़ा सवाल जो अब भी कायम है कि क्या रामकिशुन यादव हार के दुर्भाग्य को अबकी बार जीत के सौभाग्य में बदल पाएंगे। यदि उन्हें ऐसा करना है तो संगठन का साथ व सहयोग उनके लिए बहुत जरूरी होगा? इसके लिए जरूरी है कि रामकिशुन यादव व संगठन के बीच तालमेल हो और दोनों एक-दूसरे के साथ मिलकर पूरी शिद्दत व ताकत से चुनाव लड़े और जीत हासिल करें।
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टिकट मिलेगा या कटेगा यह सुनिश्चित नहीं
चंदौली। अबकी बार विधानसभा चुनाव-2022 में रामकिशुन परिवार को टिकट मिलेगा या कटेगा यह सुनिश्चित नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित है कि समाजवादी पार्टी की शीर्ष नेतृत्व रामकिशनु परिवार के राजनैतिक कद व रसूख को नजरअंदाज नहीं कर सकता। ऐसा माना व जाना जाता है कि चंदौली के हर विधानसभा सीट पर रामकिशुन यादव का अपना व्यक्तिगत वोट बैंक है जो किसी की हार को जीत तथा जीत को हार में बदलने की ताकत रखता है। ऐसे में भले ही जिला संगठन से रामकिशुन के समन्वय ठीक ढंग से बैठ नहीं पा रहा हो, लेकिन शीर्ष नेतृत्व उनके राजनीतिक वजूद को नजरअंदाज करके विधानसभा चुनाव की रणनीति पर बिल्कुल भी अमल नहीं करना चाहेगी। क्योंकि ऐसे निर्णयों से समाजवादी पार्टी को ना सिर्फ चंदौली बल्कि पड़ोसी जिला वाराणसी में भी नुकसान की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि चंदौली के साथ-साथ रामकिशुन वाराणसी की राजनीति में अच्छा-खासा हस्तक्षेप रखते हैं और वहां भी इनके समर्थकों की तादाद अच्छी खासी है।

उद्यान विभाग औद्यानिक खेती पर चंदौली के किसानों को दे रहा अनुदान

कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में आयोजित बैठक को संबोधित करते वक्ता।


चंदौली। कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में गुरुवार को उद्यान विभाग की ओर से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत दो दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान सदर ब्लाक प्रमुख संजय सिंह बबलू ने फीता काटने के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर गोष्ठी का शुभारंभ किया। इसके बाद उद्यान अधिकारी अल्का श्रीवास्तव ने विभाग की ओर से किसानों के लिए संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्रथम आवक, प्रथम पावक के सिद्धांत पर संचालित हैं। इसके अंतर्गत सामान्य और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के परिवारों को विभिन्न औद्यानिक कार्यक्रमों के माध्यम से लाभान्वित किया जाता हैं। योजना अंतर्गत जनपद में फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम में आम, अमरुद, किन्नो एवं केला के 35.0 हेक्टेयर, हाई वैल्यू वेजीटेबल क्राप (टमाटर, शिमला मिर्च, कद्दुवार्गीय, गोभीवर्गीय, और परवल) के अंतर्गत 88 हेक्टर तथा मसाला की खेती कार्यक्रम (मसाला मिर्च, प्याज, लहसून, एवं धनिया) के अंतर्गत 120 हेक्टेयर तथा फूलो की खेती कार्यक्रम के अंतर्गत 15 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं। जिनपर 40 से 50 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य हैं। इसके अतिरिक्त मौन पालन, प्याज भण्डारण गृह की स्थापना, मशीनीकरण कार्यक्रम (मिनी ट्रैक्टर एवं पावर ट्रिलर) पर 25 से 50 प्रतिश का अनुदान अनुमन्य हैं। उपरोक्त कार्यक्रमों में जनपद को कुल 506 हेक्टेयर के भौतिक लक्ष्यों के सापेक्ष 51.06 लाख का वित्तीय लक्ष्य प्राप्त हुआ हैं। उद्‍यान निरीक्षक सुरेश मिश्रा ने बताया कि औषधीय पौध मिशन योजना के तहत जनपद के कृषको को औषधीय पौधो जैसे-तुलसी, सतावर, एलोवेरा की खेती पर 30 प्रतिशत अनुदान दिया जाता हैं। एससीपी राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत कद्दुवर्गीय सब्जी, शिमला मिर्च, मसाला मिर्च, धनिया, लहसून, गेंदा कि खेती में 75 से 90 प्रतिशत अनुदान पर दिया जाता हैं। मनरेगा के अंतर्गत जनपद के अनुसूचित जाति/जनजाति तथा लघु एवं सीमांत कृषक जिनके परिवार में मनरेगा जाब कार्ड उपलब्ध हो उनके प्रक्षेत्रो पर आम, अमरुद, नीबू के सघन बाग रोपण लिए मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना संचालित हैं जिसमे 60 हेक्टेयर के भौतिक लक्ष्यों के सापेक्ष 37.23 लाख के वित्तीय लक्ष्य स्वीकृत है। इस अवसर पर बसंत दुबे, हरिश्चंद्र पटेल, दिनेश यादव, विरेंद्र कुमार, सत्येंद्र मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

परिजनों पर टूटा दुखो का पहाड़ बहन की डोली उठने से पहले उठ गयी भाई की अर्थी, जाने क्या है पूरा मामला

पुर्वांचल डेस्क मड़िहान। बहन का तिलक चढ़ा कर लौट रहे भाई एवं एक रिश्तेदार की अज्ञात वाहन की टक्कर में मौत हो गई और खुशी का माहौल मातम में बदल गया। बहन की डोली उठने से पहले पहले भाई व एक रिश्तेदार की मौत हो गई । घटना की जानकारी पर परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों मृतकों का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र अन्तर्गत संतनगर चौकी के जमुहरा जंगल में पहुँचा ही था कि अज्ञात वाहन की टक्कर से तिलक चढ़ा कर लौट रहे भाई रिश्तेदार की टक्कर में घायल हो गए और मौत हो गई। श्याम मुरारी पुत्र बंधु पुत्र 28 वर्ष बरी थाना हलिया व अश्वनी पुत्र स्वर्गीय छोटेलाल 14 वर्ष बाइक से संत नगर चौकी क्षेत्र के पीयूरी गांव में नारायण पुत्र महादेव के लड़की का तिलक देने गए थे ।जहां से वापस लौटते समय चौकी क्षेत्र के जमुहरा जंगल में अज्ञात वाहन के टक्कर से दोनों बाइक सवार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर मौके पर पहुंची संत नगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। संत नगर चौकी इंचार्ज माधव सिंह ने घटना की जानकारी परिजनों को दिया। मौके पर पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने बताया कि बहन का तिलक चढ़ाने के लिए भाई गया था। बहन की डोली उठने से पहले भाई की अर्थी उठ गई। बताते चलें कि हलिया थाना क्षेत्र के बरी गांव निवासी श्याम मुरारी पुत्र बंधु 28 वर्ष अपने रिश्तेदार अश्वनी पुत्र स्वर्गीय छोटेलाल 14 वर्ष के साथ संत नगर चौकी क्षेत्र के पीयूरी गांव निवासी नारायण पुत्र महादेव के लड़के से अपनी बहन की शादी तय किया था। जिसके लिए बुधवार को तिलक देने के लिए अपने घर से अपने रिश्तेदार के साथ हालिया गए थे जहां तिलकोत्सव कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शाम हो गई। बहन का तिलक देकर श्याम मुरारी अपने रिश्तेदार अश्वनी के साथ बाइक पर सवार होकर अपने घर आ रहा था। जैसे ही जब जमुहरा जंगल के पास पहुंचा था की अज्ञात वाहन की टक्कर से दोनों की दर्दनाक मौत हो गई

जनपद स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता बलुआ में महिमा का जलवा

धानापुर महर्षि बाल्मीकि इंटर कॉलेज के मैदान पर 100मी,200मी दौड़ में प्रथम स्थान लाकर स्कूल और क्षेत्र का नाम रोशन करते हुए शहीदी धरती धानापुर को 6 वीं बार जिला चैंपियन बनाने में सहयोग करने के लिए कम्पोजिट विद्यालय कुसुम्ही  की छात्रा महिमा को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला महामंत्री इम्तियाज खान व विद्यालय के सभी अध्यापक अध्यापिका छात्र छात्राओं द्वारा सम्मानित किया गया जिसमें प्रधानाचार्या नाजमा बेगम,संजय यादव,संजय सुमन,जयशंकर प्रसाद,मिथिलेश कुमार,नत्थू यादव,अनुपम,नाज़नीन,नीतू यादव,मीता कुमारी,सावित्री यादव आदि अध्यापक  मौजूद रहे,कुसुम्ही गांव में हर्ष सभी बच्चों के लिए एक प्रेरणा का काम करेगा क्योंकि महिमा बहुत ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है।

महंगाई हटाने के लिए भाजपा को सत्ता से भगाना जरूरीः टीआर दिनकर

कांटा से भाजपा भगाओ, महंगाई हटाओ प्रतिज्ञा पदयात्रा निकालते कांग्रेसी।


चंदौली। क्षेत्र के कांटा गांव में गुरुवार को कांग्रेस ने भाजपा भगाओ, महंगाई हटाओ प्रतिज्ञा पदयात्रा निकाली। इस दौरान कांग्रेसियों ने अनुसूचित प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव टीआर दिनकर की अगुवाई में पदयात्रा निकालकर दर्जन भर गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान महंगाई, भ्रष्टाचार व बढ़ते अपराध के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। आह्वान किया कि महंगाई को हटाने के लिए भाजपा को सरकार से भगाना जरूरी हो गया।
इस दौरान कांग्रेस की प्रतिज्ञा यात्रा चकिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत न्याय पंचायत कांटा के गांव सभा विशुनपुरा, जमोखर, परासी आदि का भ्रमण किया। कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार की नाकामियों को गांव-गांव बताया। भाजपा को किसान व नौजवान विरोधी करार दिया। कहा कि तीन कृषि कानूनों को लाकर सरकार ने किसानों के अस्तित्व को हाशिए पर लाने का काम किया था, लेकिन अब अपने गिरते जनाधार और यूपी के साथ-साथ हरियाणा व पंजाब में चुनाव को देखते हुए भाजपा सरकार ने कानून वापसी की बात कही है। कहा कि पढ़े-लिखे नौजवानों को नौकरी देने में सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। ऐसी सरकार जो पूंजीपतियों का लाभ सोचती है उसे जल्द से जल्द सत्ता से हटा देना जनहित में है। इस अवसर पर प्रताप नारायण पांडेय, गंगा प्रसाद, दयाराम कवि, मनसा देवी, रीना देवी, ब्लॉक अध्यक्ष चकिया श्रीकांत पाठक, कमलेश कुमार संत, कंचन प्रसाद मालधनी, मुकेश गौतम, अनिल कुमार, राहुल खरवार, जयप्रकाश, संतोष पांडेय आदि उपस्थित रहे।

चंदौली पुल निर्माण में जल्दबाजी करके ना लें किसी की जानः मनोज सिंह डब्लू

Young Writer, चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू गुरुवार को चंदौली मुख्यालय पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का जायजा लिया। उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा 24 दिन के अंदर पुल चालू करने के अल्टीमेटम को जल्दबाजी करार दिया। कहा कि जल्दबाजी में किसी की जान से खिलवाड़ ना करें। यदि इस दरम्यान वाराणसी कैंट जैसी घटना हुई तो जिम्मेदार लोगों की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। पुल निर्माण कार्य में लगे अभियंताओं, ठेकेदार व मजदूरों पर अनावश्यक दबाव डाले। आरोप लगाया कि भाजपा को चुनाव के दिनों में ही विकास कार्यों को पूर्ण कराने की जल्दबाजी दिखती है इसके बाद वे विकास कार्यों को भूल जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा काम करने से ज्यादा काम करने का श्रेय लेना जानती है। यह सबकुछ उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सीखा है। यदि वजह है कि आज प्रदेश के साथ-साथ चंदौली का विकास पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिया कि यदि पुल नहीं बना तो सपा की सरकार आते ही प्राथमिकता के आधार पर इसे पूरा किया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया के दो वर्ष पूर्व जब लोकसभा चुनाव था तो भाजपा को चंदौली के ओवरब्रिज निर्माण की जल्दी थी, लेकिन चुनाव बीतने के बाद भाजपा इसके निर्माण को भुल गयी। अब जबकि पुनः विधानसभा चुनाव निकट आ गया है तो भाजपा सरकार जिलाधिकारी के जरिए कार्यदायी संस्था व मजदूरों पर इसे जल्दबाजी में पूर्ण करने के लिए दबाव बना रही है जो पूरी तरह से अनुचित है। इससे जहां पुल की गुणवत्ता व उसकी मजबूती पर असर पड़ेगा। साथ ही काम के दौरान अप्रिय घटनाएं होने की आशंकाएं प्रबल होंगी, जिहाला पुल निर्माण कार्य की गति को सामान्य रखें। इसमें किसी भी तरह की जल्दबाजी आम लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ है। कहा कि भाजपा द्वैष की राजनीति करनी है लेकिन सपा उन तमाम अधूरे विकास कार्यों को पूरा करेगी, जिसे भाजपा ने पिछले पांच सालों में रोक रखा है। इसके अलावा भाजपा सरकार में चल रहे विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा, क्योंकि विकास कार्य राजनीति द्वैष साधने के लिए नहीं, बल्कि जनसहयोग व सुविधा के लिए किए व कराए जाते हैं। यह बात शायद भाजपा भूल चुकी है, जिससे सत्ता से हटाकर इसे याद दिलाने की जरूरत है।

चंदौली रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण करने जाते सपा नेता मनोज कुमार सिंह डब्लू।

चंदौली:ग्रामीणों को भगाने के बजाय घटना स्थल पर रेस्क्यू करती पुलिस, को बच जाती छोटू की जान

चंदौली।शहाबगंज। चकिया चंदौली मार्ग पर मुरकौल गांव के सामने बुधवार की रात बिहार से लखनऊ जनवादी पार्टी के रैली में जा रही बस पलट गई थी। जिसके कारण जहां सभी पार्टी के कार्यकर्ताओं को मामूली चोटे आयी थी जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज़ करा कर छोड़ दिया गया था। वही घटना के बाद से चालक लापता था। घटना के बाद मौके पर पहुची पुलिस ने चालक को ढूढने के फरार बता रही रही थी। वही मृतक के भाई सलाउद्दीन का आरोप है। कि पुलिस घटना स्थल से छोटू को खोजने के बजाय सभी ग्रामीणों व आस पास के लोगो को वहाँ से भगा कर खुद वापास चली गयी। जब सुबह क्रेन से बस को बाहर निकाला गया। तो बस के नीचे छोटू का शव मिला जिसके वजह से बस के नीचे दबकर छोटू की मौत हो गयी।
बता दे कि शहाबगंज निवासी छोटू 32 इलिया से मुगलसराय मार्ग पर यूपी 67एटी6980 नंबर की बस चलाता था।बुधवार को भभुआ से जनवादी पार्टी की रैली लखनऊ में सामिल होने के लिए 15 कार्यकर्ताओं को बैठाकर लखनऊ जा रहा था।बुधवार की रात्रि मुरकौल गांव के पास अचनाक बस अनियंत्रित हो कर विजली के खम्भे में टक्कर मारती हुई गढ्ढे में पलट गयी। बस में सवार सभी कार्यकर्ताओं को मामूली चोट आयी जिन्हें इलाज़ कर छोड़ दिया गया। वहीं छोटू की बस के नीचे दब कर मर गया। इससे इसकी मौत हो गयी थी। मौत की खबर सुनते ही परिजन दहाड़े मार कर रोने लगे मृतक अपने पीछे पत्नी के साथ चार बच्चों को छोड़ गया।। इस दौरान एएसपी ऑपरेशन सुखराम भर्ती ने बताया कि बस 17 लोगो को लेकर लखनऊ जा रही थी लेकिन बस अचानक अनियंत्रित हो कर पलट गई थी जिसके नीचे दब कर चालक की मौत हो गयी थी। शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

चंदौली के ‘टिकैत’ की शख्सियत में नजर आ रहे मनोज सिंह ‘डब्लू’

चंदौली। राकेश टिकैत जी हां, वही राकेश टिकैत जिनके बारे में अभी आप सोच रहे है देश के किसान का सबसे सशक्त हस्ताक्षर। किसान आंदोलन से विश्व पटल पर दृढ़ता के प्रतीक बने राकेश टिकैत के व्यक्तित्व से आज हर कोई वाकिफ है। ऐसी ही एक शख्सियत काशी का हिस्सा रहे बाबा कीनाराम की धरती चंदौली में जन्म लिया और आज जनसेवा में लगे पड़े हैं। बात हो रही है माधोपुर निवासी समाजवादी नेता मनोज कुमार सिंह डब्लू की। जिन्हें आज चंदौली का टिकैत कहा जाए तो किसानों को कोई आपत्ति नहीं होगी। राजनीति विरोध होते रहे हैं और आगे भी होंगे, लेकिन जब आप खेत में हल चलाने वाले किसान से मनोज डब्लू के लिए यह संबोधन कहेंगे तो उसकी मूंछों पर ताव होगा और चेहरे पर मुस्कान होगी। क्योंकि आज चंदौली का किसान यह जान, समझ व मान बैठा है कि जिन समस्याओं के लिए जिला प्रशासन उन्हें लम्बे वक्त से दौड़ा रहा है उसका निराकरण कोई करा सकता है तो वह मनोज डब्लू। ऐसा जनपद चंदौली के किसानों का कहना व मानना है और चंदौली के टिकैत की उपाधि भी चंदौली के किसानों द्वारा ही दी गयी है जो चर्चा में सुने जाने के बाद आज खबर के रूप में लिखी व गढ़ी जा रही है। ऐसा इसलिए कि लोग इस धरती पकड़ नेता के बारे में और अधिक जानने की लालसा अपने अंदर पैदा करें।


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मनोज सिंह डब्लू का किसान किरदार
चंदौली। तत्कालीन समय में काशी के महाईच परगना स्थित माधोपुर गांव में मनोज सिंह डब्लू का जन्म हुआ। उस दौरान में भी उनका परिवार किसान था और अपना बाल्या व किशोरावस्था को पार करते हुए मनोज डब्लू भी मिट्टी से सोना उगाने में जुट गए। खेत, खलिहान व मवेशियों से उनका लगाव शुरुआत से रहा है। परिवार की आर्थिक समृद्धि उरूज पर थी। बावजूद इसके वह व्यक्तिगत तौर पर अपनी माटी से जुड़े रहे। आज भी धान के सीजन में वह खुद खेतों में ट्रैक्टर व हल चलाते हैं। धान की रोपाई करते हैं और यहां तक की धान की कटाई में भी अक्सर अपने हूनर का प्रदर्शन करते हुए नजर आते हैं। इसके अलावा माधोपुर गांव स्थित अपने रिहायशी मकान के ईद-गिर्द आलू, प्यास व सब्जियों की खेती में श्रमिकों संग कुदाल-फावड़ा चलाते हुए नजर आ जाते हैं। इन्हें पशुओं से भी बहुत लगाव है। गौवंश की सेवा करने के साथ ही दूध दूहने आदि कामकाज को भी मनोज सिंह डब्लू अक्सर अपने हाथ निष्पादित करते हैं। उनका मानना है कि किसान होना की अनुभूति होना अपने आप में अद्भुत है। इसे वही समझ सकता है जो दिल से खेती-किसानी को अपनाता है।


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किसानों के लिए लड़े, जीते और जेल भी गए
चंदौली। किसान आंदोलन के शंखनाद के साथ ही समाजवादी नेता मनोज कुमार सिंह डब्लू ने कृषि विधेयकों की पुरजोर खिलाफत की। इस दरम्यान आंदोलन किया, पैदल चले और सरकार की नीतियों का विरोध किया। यही वजह रहा है कि किसानों के आंदोलन का समर्थन के जुर्म में इन्हें दो बार जेल जाना पड़ा। इनके घर को आए दिन पुलिस किलेबंदी में तब्दील कर दिया जाता, ताकि मनोज सिंह डब्लू घरों से बाहर ना निकले। किसानों के बीच न जाने और उनकी जायज मांगों की आवाज बनकर शासन-प्रशासन के लिए मुश्किलें ना पैदा करें। बावजूद इसके मनोज डब्लू संघर्षशील रहे और कई बार किसानों के मुद्दे पर जीत दिलाने का काम किया। मामला चाहे नरायनपुर पम्प कैनाल को धान के सीजन में समय से शुरू कराने का रहा हो या फिर किसानों धान-गेहूं की खरीद का मामला रहा हो। किसानों की शिकायत पर जहां-जहां मनोज सिंह डब्लू गए समस्याएं हल होती गयी।


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किसानों के 70 लाख बकाए का कराया भुगतान
चंदौली। मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ की शख्सियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने हाल फिलहाल किसानों का लम्बे समय से चला आ रहा 70 लाख रुपये के बकाया का भुगतान कराने का काम किया है। यह बड़ी बात थी और बड़ा काम भी था। इससे कई किसान परिवारों में खुशी है, क्योंकि इन बकायों के कारण किसी के घर मांगलिक कार्यक्रम में आर्थिक अड़चन थी तो कोई गेहूं की बोआई के लिए फिक्रमंद था, वहीं कुछ के लिए बकाया पैसा दवा-ईलाज व पढ़ाई में आ रहे था, जिससे उनके आगे की राह प्रशस्त हुई है। इस बात की गंभीरता इससे समझी जा सकती है कि सत्ता-शासन में रहते हुए भी न तो किसी जनप्रतिनिधि ने ऐसा किया और ना ही सत्तारूढ़ दल का नेता ऐसा कर पाया। ऐसे में मनोज डब्लू की शख्सियत उन तमाम नेताओं से बड़ी आंकी जाएगी जो ऐसा करने से रह गए या नहीं कर पाए।
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लोगों के आशीर्वाद से लबरेज है इनका व्यक्तित्व
चंदौली। समाजवादी नेता मनोज सिंह डब्लू के बारे में यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि यह चंदौली के ऐसे नेता है जिन्हें आम लोगों की दुआएं व आशीर्वाद अलग-अलग रूप में मिलता रहता है। हाल ही शहीद स्मारक स्थल पर एक बुजुर्ग महिला ने अपने आंचल में बंधे चंद रुपये मनोज डब्लू को आशीर्वाद स्वरूप हासिल दिए। अब उस पैसे क्या मोल लगाया जा जाय, जिसे एक अशक्त महिला ने न जाने किन परिस्थितियों में जोड़कर इकट्ठा किया होगा और वह उसे मनोज को दे आश्वस्त नजर आयी। उनके चेहरे में खुशी के भाव थे जो मनोज डब्लू को दुलार गए। इसी तरह पिछले धान के सीजन में एक वृद्ध किसान आए सपा नेता के आवास पर आए और अपनी जेब से चंद रुपये निकालकर मनोज डब्लू के हाथ पर रख दिया। कहा कि इसे आशीर्वाद समझकर रख लो, गाड़ी में तेल भरा लेना क्योंकि तुम जिस क्रय केंद्र पर जाते वहां के किसानों की खरीद कर ली जाती है। यह छोटी-छोटी घटनाएं किसी भी राजनेता के कद को ऊंचा बनाने के लिए पर्याप्त है।

चंदौली लखनऊ जनवादी पार्टी की रैली में जा रहे कार्यकर्ताओं से भरी बस पलटी मचा अफरा-तफरी

शहाबगंज। चंदौली चकिया मार्ग पर जनवादी पार्टी की रैली में शामिल होने जा रही एक बस अनियंत्रित होकर बिजली के खंभ से टकरा गई और सड़क किनारे पलट गई जिस में बैठे 15 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए मौके पर जुटे आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां सभी का इलाज चल रहा है बताते हैं कि बिहार प्रांत के भभुआ से 15 कार्यकर्ता बस में बैठकर लखनऊ के लिए रैली में शामिल होने के लिए रवाना हो रहे थे लेकिन जैसे ही वह साहब गंज थाना क्षेत्र  मुकरौल गांव के पास पहुंचे की अचानक उनकी बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बिजली के खंभे से टकराकर पलट गई जिस में बैठे 15 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए मौके पर जुटे आसपास के लोगों ने तत्काल सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां उनका इलाज चल रहा है

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