जौनपुर – महाराजगंज क्षेत्र के एक गांव के पास अनियंत्रित कार चालक आधा दर्जन लोगों को रौंद दिया और भागने लगा. जिसे दुगौली गांव के पास कुछ लोगों ने रोकने का प्रयास किया तो उन्हें भी रौंदते हुए भागा. लेकिन क्षेत्र के चरीयाही निवासी दयाशंकर यादव की 32 वर्षीय पुत्री बबीता यादव निवासी शहाबुद्दीनपुर उसरौली थाना खुटहन अपनी 7 वर्षीय पुत्री कब्या को साथ लेकर देवर 35 वर्षीय विनय कुमार यादव के साथ अपने मायके चरियाही आ रही थी. चरियाही मोड़ के पास पहुचे ही थे तभी सामने से नशे में धूत कार चालक अनियंत्रित होकर जिन्हे कुचलते हुए महराजगंज की तरफ़ भाग निकला. अनियंत्रित कार चालक नाहरपुर गांव के पास चरियाही निवासी बाइक सवार 37 वर्षीय विजय यादव व इनकी 40 वर्षीय बहन को भी रौंदते हुए भागा. दुगौली गांव के पास चारियाही निवासी रमेश यादव को भी रौंदते हुए भाग निकला.जिसे स्थानीय लोगों ने फटतूपुर मोड़ के पास पकड़ लिया. मौैके पर भीड़ जमा हो गई गुस्से में भीड़ ने कार को तोड़ फोड़ दिया. सूचना पर पहुची पुलिस नशे में धुत चालक विमलेश कुमार को कब्जे में कर घायलों को अस्पताल भेजवाया. वहीं पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी.
सैयदराजा एसएचओ ने अपने ही कर्मियों के आचरण को माना गलत‚ रिपोर्ट पर चार पुलिस वाले नपे
चंदौली। सैयदराजा थाना प्रकरण शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। कभी इधर तो कभी उधर दोनों तरफ पुलिसिया कार्यवाही अभी भी प्रचलित है। मामला सत्ता पक्ष भाजपा से जुड़ा है लिहाजा पुलिस वाले भी एक के बाद एक इस प्रकरण की ताप में झुलसते नजर आ रहे हैं। अब पुलिस महकमे में सैयदराजा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह की रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए चार पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की कार्यवाही की गई है। एसपी अमित कुमार ने जांच रिपोर्ट के अवलोकन के उपरांत एक्शन लिया है।
बताते हैं कि प्रभारी निरीक्षक सैयदराजा द्वारा पुलिस अधीक्षक अमित कुमार को रिपोर्ट भेजी गयी‚ जिसमें- 28/09/2021 की शाम को विशाल मद्धेशिया नामक व्यक्ति अपने वार्ड में दो व्यक्तियों के मध्य हुए जमीनी विवाद के प्रकरण में थाने पर आए थे और आपस में इन लोगों के बीच तेज आवाज में बातें की जा रही थी उसी दौरान संतरी ड्यूटी पर तैनात आरक्षी कृष्ण कुमार सिंह द्वारा किसी बात को लेकर इनसे कहासुनी/मारपीट हो गई‚ जिसपर थाने पर मौजूद उपनिरीक्षक जय प्रकाश यादव, आरक्षी- शैलेन्द्र यादव व आरक्षी- सत्यलोक चौहान द्वारा भी से कहासुनी व मारपीट घटना हुई। प्रभारी निरीक्षक ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि संबंधित पुलिसकर्मियों का आचरण पूरी तरह अनुचित एवं विभाग की छवि को धूमिल करने वाला है और इनके द्वारा अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतते हुए आवश्यक विधिक कार्यवाही करने की बजाय अमर्यादित व्यवहार किया गया। जिसपर उपरोक्त चारों पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक चन्दौली द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। प्रकरण से सम्बन्धित जांच एवं अन्य विवेचनात्मक कार्यवाही अभी प्रचलित है। इस कार्यवाही से एक बार फिर यह मामला गर्म हो गया है और इसकी चर्चाएं पूरे जनपद में हुई।
रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ होगा आंदोलन,
बरठा-पुरवां, जगदीशसराय गांव के ग्रामीणों ने सम्पर्क मार्ग निर्माण की मांग
चंदौली। जिला मुख्यालय से सटे बरठा, पुरवां, चकिया, जगदीशसराय व धूरीकोट गांव के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को डिस्ट्रिक्ट डमोक्रेटिक बार एसोसिएशन के महामंत्री झन्मेजय सिंह की अगुवाई में जिलाधिकारी से मिला। इस दौरान ग्रामीणों ने शिकायती पत्र देकर पुरवां-चकिया सम्पर्क मार्ग के 50 मीटर सड़क के निर्माण की मांग की। साथ ही उससे संबंधित नक्शा, एसडीएम सदर की रिपोर्ट व न्यायालय में स्थगन आदेश ना होने संबंधित नकल की प्रति भी जिलाधिकारी को उपलब्ध करायी। चेताया कि यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो पांचों गांव के ग्रामीण रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ बिछियां धरनास्थल पर आंदोलन करेंगे। इस दौरान महामंत्री झन्मेजय सिंह ने बताया कि जीटी(एन.एच.-2) से पुरवां-चकिया सम्पर्क मार्ग पर लगभग 30 वर्ष पूर्व इसी मार्ग पर ब्लाक द्वारा ही खड़ंजा का कार्य भी हुआ, तब किसी को कोई आपत्ति नहीं थी जब यह रोड प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनने लगी तो बीच में लगभग 50 मीटर सड़क फर्जी ढंग से अपनी भूमि बताकर धुरीकोट के एक दबंग काश्तकार ने जबरन रोक दिया। जबकि उक्त रास्ता पांच गांवों का मुख्य मार्ग है जिसमें पुरवां, चकिया, बरठा, मद्धूपुर, जगदीशसराय ग्राम सभा के ग्रामीणों का आवागमन होता है। कहा कि काश्ताकार की जमीन हिनौता मौजा में है और जिस सड़क के निर्माण को रोका गया है वह बाघो मौजा में आता है जिस पर किसी तरह के विवाद न होने की रिपोर्ट एसडीएम सदर द्वारा सीडीओ को पूर्व में भेजी जा चुकी है। इसके अलावा रास्ते से संबंधित नक्शा व स्थगन आदेश नहीं होने की नकल भी उपलब्ध है। फिर भी सत्ता पक्ष के नेताओं के दबाव के आगे प्रशासनिक अमला नतमस्तक है, जिससे पांच गांव के ग्रामीण आवागमन में कई वर्षों से दुश्वारियां झेल रहे हैं। अब रास्ता इतना खतरनाक हो गया है कि उस पर आए दिन ग्रामीण गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं कई बार स्कूली बच्चों का वाहन पलटते-पलटते बचा है। फिर भी जिला प्रशासन सड़क निर्माण की पहल नहीं कर रहा है। ऐसे में अब इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सड़क नहीं बनी तो आगामी विधानसभा चुनाव का इन गांवों के लोग बहिष्कार करेंगे।
आईपीएस अफसरों का तबादला ,कई जिलों के बदले कप्तान
ब्रेकिंग न्यूज़ — यूपी में 7 IPS अफसरों के तबादले
गाजीपुर,बदोही और औरैया में कप्तान बदले
संकल्प शर्मा को SSP बदायू के पद से हटाकर कानपुर कमिश्नरेट भेजा गया
अपर्णा गौतम को SP औरैया के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया
ओपी सिंह को SP औरैया के पद से हटाकर SSP बदायू बनाया गया
राम बदन सिंह को SP भदोई के पद से हटाकर SP गाजीपुर बनाया गया
पुलिस उपमहानिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह को रेलवे से हटाकर रूल्स एंड मैन्युअल भेजा गया
अनिल कुमार को कानपुर कमिश्नरेट से हटाकर SP भदोई का मिला चार्ज
पुलिस मुख्यालय से अटैच अभषेक वर्मा को मिला SP औरैया का चार्ज
भाजपा जिला अध्यक्ष ने पुलिस की कार्य प्रणाली से आला कमान को कराया अवगत ,
चंदौली। भाजपा जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने कहा कि सैयदराजा प्रकरण पर अपना व अपनी पार्टी का पक्ष रखा। सैयदराजा थाने में हुए विवाद में जनपद पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन कुछ पुलिस वाले जो दूसरी मानसिकता के हैं वह योगी सरकार को अपनी कार्य प्रणाली से बदनाम करने पर तुले हैं। इस पूरे प्रकरण पर चंदौली भाजपा अपनी नजर बनाए हुए है। इस पूरे प्रकरण से संगठन व सरकार दोनों को अवगत कराया जा चुका है, जो भी निर्देश हाईकमान से प्राप्त होंगे। संगठन उसके अनुरूप अपनी रणनीति पर पहल करेगा।दरअसल बीते 28 सितंबर की रात एक मामले में पैरवी करने सैयदराजा थाने पर गए मंडल उपाध्यक्ष विशाल मद्धेशिया का थाने पर उपनिरीक्षक व पुलिस वालों से विवाद हो गया। थाने से लहूलुहान हाल में बाहर आए विशाल ने पुलिस वालों पर कमरे में बंद करके पीटने का आरोप लगाया। इस प्रकरण की जानकारी के बाद पूरा का पूरा भाजपा संगठन थाने पर डंट गया। इस प्रकरण में जहां भाजपा की मांग पर उपनिरीक्षक व सिपाहियों के खिलाफ धारा-307 समेत अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज हुआ। वहीं इसी बीच एक युवक द्वारा वहां ड्यूटी पर तैनात एक दरोगा की बाह पर अपने हाथ से प्रहार किया गया। इसके बाद पुलिस भी आक्रमक रुख अख्तियार करते हुए भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष विशाल मद्धेशिया पर धारा-307, 332, 186 समेत कई संगीन धाराओं में दर्ज किए। इसी बीच पुलिस ने उस युवक को भी गिरफ्तार कर लिया, जिससे थाने में एसआई को धमकाया था। इस पूरे प्रकरण की चर्चाएं जनपद में बनी रही। हालांकि पुलिस महकमे से एएसपी दयाराम सरोज का आधिकारिक बयान आया। दूसरी ओर भाजपा जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने भी मीडिया से वार्ता कर अपना व अपनी पार्टी की बातों को पटल पर रखा। बताया कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस अपना काम कर रही है। लेकिन कुछ पुलिस कर्मियों का कृत्य शासन की मंशा के विपरीत है। जनपद में तैनात ऐसे पुलिस वालों की गतिविधियों पर संगठन नजर बनाए हुए है। साथ ही पूरे प्रकरण को प्रदेश नेतृत्व के साथ-साथ सरकार को अवगत करा दिया गया है।
अतुल राय प्रकरण में एक और बड़ी कार्यवाही, इस पुलिस अधिकारी पर गिरी गाज
वाराणसी – पूर्वांचल डेस्क – अतुल राय प्रकरण में एक और अधिकारी पर गाज गिर गई है। इस मामले में वाराणसी में तैनात तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी को सरकार ने निलंबित कर दिया है। विकास चंद्र त्रिपाठी पर यह कार्रवाई तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक अमरेश बघेल द्वारा अतुल राय के पक्ष में तैयार की गई रिपोर्ट को बिना जांच के आगे बढ़ाए जाने के मामले में की गई है।
बुधवार को प्रयागराज में एमपी एमएलए कोर्ट में हाजिर होकर वाराणसी के भेलूपूर सर्किल के तत्कालीन इंचार्ज अमरेश बघेल ने अतुल राय के पक्ष में बयान दे दिया था। बघेल पिछले इसी मामले में 9 महीने से निलंबित चल रहे हैं। कोर्ट में सरकार के खिलाफ बयान देने पर शीर्ष स्तर पर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की थी। जिसके बाद अतुल राय की मदद करने, फर्जी तरीके से सुबूत तैयार करने के मामले में वाराणसी के लंका थाने में फ्रेश केस दर्ज कर अमरेश बघेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब इसी मामले में तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी का भी निलंबन किया गया है।
एसआईटी की रिपोर्ट पर शुरू हुई थी विभागीय कार्रवाई
अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने 16 अगस्त को नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह कर लिया था। पीड़िता और उसके साथी सत्यम प्रकाश राय ने वाराणसी के तत्कालीन पुलिस अधिकारियों और न्यायाधीश पर गंभीर आरोप लगाते हुए फेसबुक भी लाइव किया था। इस मामले की जांच के लिए डीजी भर्ती बोर्ड राज कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया था।
एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए गए थे। बुधवार को बघेल के न्यायालय में हाजिर होकर दिए गए बयान के बाद इस मामले ने दोबारा तूल पकड़ लिया, जिसके बाद अमरेश बघेल को मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया और विकास चंद्र त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया।
शहाबगंज प्राथमिक अस्पताल पहुंचे डीएम‚ कमियों–खामियों को देखा
शहाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते डीएम संजीव सिंह।
शहाबगंज। जिलाधिकारी संजीव कुमार ने गुरुवार की देर शाम ब्लाक मुख्यालय पर पहुंचे। उन्होंने लेबर रुम में पहुंचकर जहां स्टाफ नर्स सुनीता पाण्डेय से बीसीजी, डीपीटी व विटामिन के बारे में जानकारी लिया। उनके रखरखाव के साथ लेबर रुम की साफ-सफाई का अवलोकन किया। आशा कार्यकत्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी ब्यक्त किया। उसके प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर गए, जहां डा.संजय कुमार से दवा स्टाक सहित अन्य जानकारी लिया। वहीं अताय गांव की मरीज पूर्णिमा से इलाज के बाबत पूछताछ किया। इस दौरान लालती, हरिद्वार सहित आदि स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

पति की पिटाई से पत्नी की मौत भाई ने लगाया हत्या का लगाया आरोप
पूर्वांचल डेस्क। लालगंज आजमगढ़ नंदापुर जोगापट्टी गांव में मानवता तब तार तार हो गयी जब पति की पिटाई के बाद पत्नी का वाराणसी इलाज के दौरान मौत हो गयी। वही मृतका के भाई ने पति पर मार डालने का आरोप लगाते हुए देवगांव कोतवाली में तहरीर दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। और आगे की कार्यवाही में जुट गयी है।
बताते है कि तरवां थाना क्षेत्र के असुरायी गांव निवासी शाहिद पुत्र रहीम का आरोप है कि देवगांव कोतवाली क्षेत्र के जोगापट्टी ग्राम सभा नंदापुर में चार वर्ष पूर्व मेरी बहन अफसाना की शादी हुई थी। भाई का आरोप है कि मेरी बहन को उसका पति कई बार मारपीट चुका था। इसी क्रम में 15 सितंबर को पारिवारिक विवाद के कारण मेरी बहन अफसाना की जमकर पिटाई कर दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। 25 सितंबर को बहन ने फोन कर घटना की जानकारी दी। जानकारी होते ही भाई शाहिद व सऊफ नंदापुर जोगापट्टी पहुंचकर इलाज कराने के लिए बहन को मायके ले आए। जहां तबीयत गंभीर रूप से खराब होने पर वाराणसी के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान गुरुवार को उसकी मौत हो गई। मायका पक्ष के लोग शव को लेकर गुरूवार की दोपहर देवगांव कोतवाली पहुंचकर तहरीर दिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।और अगली कार्यवाही में जुट गई है
अनैतिक कामों के लिए भाजपाई बनाते है दबाव – रामकिशुन यादव
चंदौली। सपा के पूर्व सांसद रामकिशन बृहस्पतिवार को तेवर में दिखाई दिए।उन्होंने पत्रकारों से कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि अपने नाजायज कार्यों को कराने के लिए थाने तहसील आदि के कर्मचारियों सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने का कार्य कर रहे हैं। दबाव न मानने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। पूर्व में सकलडीहा एसडीएम के साथ ऐसे ही वारदात हुई और उनका स्थानांतरण राजनीतिक दबाव में आकर सकलडीहा से चकिया कर दिया गया। सैयद राजा की घटना इसी का परिणाम है। सैयदराजा थाने पर जिले भर के भाजपा के कार्यकर्ता रात 12 बजे तक तांडव करने का काम कर रहे थे। कहा कि पुलिस प्रशासन जनता के रक्षक होने की बजाय भक्षक बनने का काम न करें। व्यापारियों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए। जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कानपुर में एक व्यापारी की पुलिस उत्पीड़न एवं मारपीट के चलते मौत हो गई है। भाजपा के संरक्षण में पशु तस्करी, शराब तस्करी अन्य कई काले नाजायज धंधे जारी हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि तस्करों को भाजपा के लोगों का संरक्षण प्राप्त है।
सपाइयों ने भाजपा पर लगाया गुंडागर्दी करने का आरोप,अन्य के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग
चंदौली। समाजवादी यूथ फ्रंटलों ने गुरुवार को जनपद के बिगड़ रही कानून व्यवस्था व भाजपा जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में सैयदाराजा थाना परिसर में दरोगा के साथ किए गए दुर्व्यवहार के विरोध में जुलूस निकाला और बिछियां धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। इस दौरान युवा सपाइयों ने सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। साथ ही भाजपा को लोकतंत्र पर हमला करने वाले पार्टी करार दिया। सवाल किया कि जब भाजपा सरकार में थाने के अंदर पुलिस कर्मी सुरक्षित नहीं है तो दूसरे लोग कैसे सुरक्षित रहेंगे? सैयदराजा की घटना से साफ जाहिर होता है कि भाजपा के लोग गुंडागर्दी पर उतर गए हैं। अंत में धरनास्थल बिछिया से जुलूस निकालकर युवा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान सयुस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर यादव के नेतृत्व में लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष सुजीत कन्नौजिया, छात्र सभा जिलाध्यक्ष बाबू लाल यादव व अन्य फ्रंटल के सदस्यों ने सैयदराजा की घटना पर निंदा करते हुए इसके विरोध में जुलूस निकालकर विरोध जताया। चंद्रशेखर यादव ने कहा कि सरकार में भाजपाई पूरी तरह से अनियंत्रित होकर गुंडागर्दी पर उतारू हो गए हैं इसका ज्वलंत उदाहरण सैयदराजा थाना में देखने को मिला। जिलाध्यक्ष व वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में एक युवक द्वारा आनड्यूटी उपनिरीक्षक पर हमला किया जा रहा है, लेकिन वहां मौजूद भाजपा के वरिष्ठ नेता मूकदर्शक बने रहे। उनकी मौन सहमति से ऐसा कृत्य करने वाले अराजक तत्वों को बल मिला। लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव सुधाकर कुशवाहा ने आरोप लगाया भाजपा गुंडागर्दी को बढ़ावा दे रही है लेकिन इसे किसी भी सूरत में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे। लोकतंत्र पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक सपा संघर्ष करेगी। इस दौरान योगेमद्र यादव चकरू,बाबूलाल यादव, संतोष यादव, सुजीत कन्नौजिया, मोहम्मद आरिफ, इलियास अहमद, दिलीप पासवान, अरविंद पासवान, मुलायम यादव, प्रवीण कुशवाहा, हनुमान यादव, चंदन पासवान, वीरेंद्र प्रधान, जय प्रकाश यादव आदि उपस्थित रहे।











