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Saturday, October 31, 2026

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लकी पासवान की मौत से बुझ गया परिवार का चिराग

कर्मनाशा में डूबे दोनों बालकों का हुआ पोस्टमार्टम
चंदौली। हलुआ के पास कर्मनाशा नदी में दो बालकों के डूबने से हुई मौत के बाद गुरुवार को जलालपुर गांव में मातमा छाया रहा। सुल्तान के परिजन जहां मौत से गमजदा थे, वहीं लकी पासवान की मौत से परिवार का चिराग ही बुझ गया। ग्रामीण बताते हैं कि लकी अपने माता-पिता की इकलौती संतान था, जिसकी मौत से उनका सहारा छिन गया। ऐसे में उसके माता-पिता बेसुध थे। उधर, पोस्टमार्टम हाउस पर पासवान समाज के लोग पहुंचे और घटना को पीड़ादायक बताते हुए दुख व्यक्त किया।
ग्रामीणों के मुताबिक 11 वर्षीय लकी अपने साथी सुल्तान के साथ स्नान करते के लिए गांव से निकला और हलुआ गांव के पास कर्मनाशा नदी तट पर पहुंचा। वहां अन्य साथियों के साथ दोनों नदी में स्नान कर रहे थे, तभी वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को डूबता देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़ पड़े, लेकिन तब तक वह नदी तट के करीब आते दोनों पानी की धारा में समा चुके थे। इसके बाद ग्रामीण पानी में उतरकर बच्चों की खोजबीन में जुट गए। देखते ही देखते ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हुई। कुछ देर पर लकी को पानी से बाहर निकाला गया और उपचार के लि नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद सुल्तान के भी बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी भी सांसें थम चुकी थी। गुरुवार को दोनों बालकों के शवों का पोस्टमार्टम हुआ, जहां सयुस महासचिव दिलीप पासवान, बसपा नेता अशोक त्रिपाठी छोटू, अरविंद पासवान, मुलायम यादव आदि मौजू रहे। लकी अपने परिवार का इकलौता सदस्य था, जिसकी मौत से पिता श्यामू व माता गुड़िया के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे अपने बुढ़ापे का एक माह सहारा छिन जाने से रो-रोकर बेहोश हो जा रहे थे। इस दृश्य को देखकर हर कोई दुखी था।

स्कूल बस ने बाइक सवार को मारी टक्कर युवक गंभीर

चंदौली धिना थाना क्षेत्र खझरा गांव के पास कमालपुर अंमडा मार्ग पर गुरुवार को बस और बाइक की टक्कर में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया मौके पर जुटे आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल उसको अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चल रहा है। बताते हैं कि हिंगुतर गांव निवासी मनोजराम 20 वर्ष हिंगुतर अपने घर से कमालपुर आ रहा था जैसे ही खझरा गांव के समीप पहुंचा की विपरीत दिशा से आ रही स्कूल की बस में उसकी बाइक की टक्कर हो गई जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया मौके पर जुटे आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल उसको निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चल रहा है 

…अंततः ललितेशपति त्रिपाठी ने कांग्रेस से किया किनारा

वाराणसी, पूर्वांचल। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र एवं मड़िहान के पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी गुरुवार को औरंगाबाद हाउस में पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के प्राथमिकता सदस्यता से इस्तीफे की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए उसे पुष्ट कर दिया। कहा कि अब वे कांग्रेस के काडर व कांग्रेस को मजबूती देने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा आगे बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे, लिहाजा वह कांग्रेस के सभी पदों व प्राथमिकता सदस्यता को छोड़ रहे हैं। अपनी बातचीत में उन्होंने दूसरे राजनीतिक दल से जुड़ने के सवालों को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि वह समाज, दीन-दुखियों, किसानों-नौजवानों के हक के लिए संघर्ष करेंगे, लेकिन किसी राजनीतिक दल से जुड़े बिना।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि मेरा परिवार का कांग्रेस का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ 100 साल से ज्यादा का संबंध रहा है। यह प्रांगण जिसे औरंगबाद हाउस के नाम से जाना जाता है कई ऐतिहासिक आंदोलनों व परिवर्तन का केंद्र रहा है। ऐसे में कांग्रेस से पृथक होने का फैसला अत्यंत भारी है। कहा कि मेरे अंदर किसी के प्रति न कोई दुर्भावना है और ना ही मन में किसी तरह का मलाल। कांग्रेस के हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार एवं नजरअंदाज होते हुए जब भी देखता हूं तो बहुत दर्द होता है। ऐसे में मैंने काफी सोच विचार करके यह फैसला लिया है। कहा कि मेरे सामने मेरे पूर्वजों द्वारा किए गए कार्यों का उदाहरण के साथ ही उनकी दी हुई विरासत को संभालने की चुनौती भी थी। अब मैने अलग रासता बनाने का निर्णय लिया है, ताकि समाज के शोषित, वंचित, किसान, नौजवान समेत हर वर्ग की आवाज अपने हिसाब से मजबूती के साथ उठा सकूं। अंत में उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से दूसरे राजनीतिक दल से जुड़ने की कई अफवाहें फैलाती जा रही थी जो मात्र अफवाह है उसमें किसी भी तरह की कोई सत्यता नहीं है। कहा कि अपने साथियों के साथ भविष्य पर चर्चा होगी और इसके बाद आगे की किसी भी तरह की रणनीति को अमल में लाया जाएगा।

हत्यारे ने युवक को मारी गोली भीड़ ने पुलिस के सामने ही उतारा मौत के घाट

मीरजापुर । मड़िहान थाना क्षेत्र के राजगढ़ पुलिस चौकी क्षेत्र के ददरा बाजार में बदमाशों ने सत्यम नामक युवक की गोली मारकर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई । हत्या के बाद करौंदा निवासी 22 वर्षीय ऋषभ पाण्डेय पास के मकान में घुस गया । जुटी भीड़ ने पुलिस के सामने ही उसे पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया । गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात की गई हैं । मौके पर डीआईजी रामकृष्ण भारद्वाज, जिलाधिकारी प्रवीण लक्षकार एवं एसपी अजय कुमार भारी पुलिस बल मौके पर पहुच गये।

जानकारी के अनुसार राजगढ़ पुलिस चौकी क्षेत्र के ददरा बाजार निवासी सत्यम सिंह  21 वर्ष पर बदमाशों ऋषभ पांडेय ने फायर कर दिया । आस पास के लोग घायल युवक को राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए । डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गयी । सत्यम को गोली मारकर भागते समय ऋषभ पुत्र विरेन्द्र पाण्डेय नजदीक के एक मकान में घूस गया । हत्या की जानकारी लगते ही भीड़ जुट गई । भीड़ ने हमलावर को घर में घुस कर जमकर पीटा । चारों तरफ से लाठी डंडे की मार से ऋषभ की भी मौत हो गयी । वही जनता की भीड़ के सामने पुलिस मूक दर्शक बनी रहीं । वारदात की भनक और आक्रोश बढ़ता देख क्षेत्र में आस पास के थाने की पुलिस और पीएसी बल बुलाया जो आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने में जुट गई। 

सौतेली मां के साथ गई तीन सगी बहनों का मिला नर कंकाल

फोरेंसिक टीम ने भी किया जांच पड़ताल नरकंकालों के पोस्टमार्टम व डीएनए जांच के लिए ले गई साथ

हलिया(मिर्जापुर)‚ पूर्वांचल डेस्क। थाना क्षेत्र के हर्रा जंगल में बेलाही गांव निवासी तीन सगी बहनों का नर कंकाल मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंचे बालिका के पिता देवीदास कोल ने बालिकाओं के कपड़े से शिनाख्त किया और बुधवार सुबह दस बजे के करीब हर्रा जंगल में तीन नर कंकाल मिलने की सूचना पुलिस को दिया। पिता की सूचना पर हलिया पुलिस हर्रा जंगल में पहुंचकर जांच पड़ताल की और पिता देवीदास और सौतेली मां सीमा उर्फ बिटोल के भाई रमाकांत से मिले नर कंकालों के संबंध में जानकारी ली और बयान दर्ज किया।

देवीदास कोल की दूसरी पत्नी सीमा अपने तीनों सौतेली बेटियों गोलू 12, ममता 10 मुन्नी 8 को लेकर कमाने के लिए  बीते 16 अगस्त को इंदौर के लिए रवाना हुई थी साथ में कोरांव की सुनीता भी प्रयागराज से साथ में गई थी। काम नहीं मिलने पर सभी लोग इंदौर स्टेशन पर रहते थे। पांच दिन बीत जाने के बाद सीमा भाई के बुलाने पर बेटियों को सुनीता को सौंपकर घर वापस लौट आई। बीते 27 अगस्त को पति देवीदास कोल व भाई रमाकांत कोल के साथ सीमा इंदौर गई‚ लेकिन वहां न तीनों बालिकाएं मिली न तो सुनीता कोल काफी खोजबीन के बाद बालिकाओं का पता नहीं चलने पर सीमा अपने पति व भाई के साथ घर लौट आई और बीते 2 सितम्बर को थाने में बालिकाओं के लापता होने की तहरीर दी। मंगलवार को बालिकाओं के सौतेले मामा रमाकांत ने बालिकाओं के पिता को सूचना दी कि तीन बालिकाओं का नरकंकाल हर्रा जंगल में मिला है। साले की सूचना पर देवीदास हर्रा जंगल में गया और कपड़ों को देखते ही बताया कि यह तो बेटियों के कपड़े हैं। बुधवार सुबह देवीदास कोल ने थाने में तहरीर देकर बताया कि हर्रा जंगल में तीन नर कंकाल मिले हैं नर कंकाल के पास मिले कपड़े बेटियों के हैं। थाना क्षेत्र में तीन नर कंकाल मिलने की सूचना पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह‚ चौकी प्रभारी मतवार रामनगीना यादव ने घटना स्थल की जांच पड़ताल की। बालिका के पिता देवीदास और सौतेले मामा रमाकांत से कड़ाई से पूछताछ कर बयान दर्ज किया।हर्रा जंगल में फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से जांच पड़ताल कर तीनों नर कंकालों के पोस्टमार्टम व डीएनए टेस्ट के लिए ले गई।

इनसेट–––

सौतेली मां सीमा घर से फरार, पुलिस तलाश में जुटी मिर्जापुर। बालिकाओं के सौतेले मामा रमाकांत को सगरा गांव निवासी उसकी चचेरी बहन ने फोन से सूचना दी कि हर्रा जंगल में चरवाहे तीन नर कंकाल मिलने की चर्चा कर रहे हैं बहन की सूचना पर चरवाहों के बताए गए स्थान पर जीजा देवीदास कोल को लेकर रमाकांत हर्रा जंगल में गया जहां कपड़ो से तीनों बालिकाओं की पहचान परिजनों ने किया।सवाल यह उठता है कि जब तीनों बालिकाओं को सौतेली मां इंदौर लेकर गयी थी तो हर्रा जंगल में तीनों का नर कंकाल कैसे पहुंचा। सौतेली मां सीमा कोल का घर से अचानक गायब होना बालिकाओं के साथ किसी अनहोनी की आशंका पैदा करता है। बालिकाओं के मिले कंकाल से यही जाहिर होता है कि तीनों बालिकाओं की निर्ममता पूर्वक हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया गया था। फिलहाल मामले की छानबीन में पुलिस जुटी हुई है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि तीनों नर कंकालों को पोस्टमार्टम व डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिया गया है। मामले की गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है। फरार सौतेली मां की तलाश की जा रही है। पिता व सौतेले मामा को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान करना जानती है सपाः गार्गी सिंह पटेल


चंदौली। समाजवादी महिला सभा की बैठक बुधवार को सपा कार्यालय पर हुई। इस दौरान जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल ने महिला सपाइयों के साथ संगठन की मजबूती पर विचार-विमर्श किया। साथ ही पार्टी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए भी महिला पदाधिकारियों को सुझाव आमंत्रित किए और संगठित व समन्वित होकर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वंदना यादव का जनपद में आगमन माल्यार्पण करने के साथ ही स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही हूंकार भरी कि आगामी विधानसभा चुनाव में महिला सपाई पूरी तरह से सक्रिय भूमिका अदा करेंगी।
इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वंदना यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं के साथ अत्याचार व उत्पीड़न बढ़ा है। सपा की जब सरकार थी महिलाओं के लिए सम्मान के साथ ही उनकी सुरक्षा का जिम्मा भी सरकार ने पूरी शिद्दत के साथ संभाला था। साथ ही गांव के गरीब व असहाय महिलाओं को समाजवादी पेंशन, लोहिया आवास जैसी कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित करके उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का काम किया था। यही वजह है कि आज एक बार फिर सूबे की जनता अखिलेश यादव के सत्ता वापसी की उम्मीद लगाए बैठी है और परिवर्तन के लिए विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रही है। कहा कि सपा सरकार ने जिन कल्याणकारी योजनाओं को शुरू किया था, आज सभी योजनाएं बन्द बड़ी है। सपा की सरकार में जो गरीब महिलाओं जो पेंशन मिलता था तथा महिलाओं को प्रसव पीड़ा में लाभ पहुचाने के लिए 102, 108 व महिला सुरक्षा 1090 सुविधा को लाने का काम किया जो वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण हाल में पड़े हुए हैं। इस सरकार में गरीब परिवार की महिलाओं को इंसाफ मिलना तो दूर, कोई भी फरियाद सुनने वाला नहीं है। जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल ने कहा सपा की जब सरकार थी महिलाओं को गरीबो के लिए 100 नम्बर की सहायता व कन्याविद्या धन बेरोजगारी भत्ता शादी अनुदान और हर छेत्र में महिलाओं को लाभ पहुंचाया जा रहा था। लेकिन इस भाजपा सरकार कोई भी काम नहीं हो रहा सपा की सरकार बनने पर महिलाओं को इंसाफ दिलाने का काम किये जाएगा। बबिता यादव ने कहा कि जनपद में कई घटनाएं महिलाओं के साथ घटी, जिन्हें इंसाफ दिलाने की बजाय सरकार में बैठे लोग सिर्फ झूठ बोल रहे हैं। इनको आमजनमानस से कोई मतलब नहीं हम महिलाओं को होशियार रहने की जरुरत हैं। चारों तरफ लूट मचा है इसलिये हम सब महिलाओं को संकल्प लेना चाहिये 2022 में अखिलेश यादव की सरकार बनने पर ही सबका विकास होना है। बैठक में पूर्व विधायक पूनम सोनकर, नागेश्वरी चौहान, सुषमा यादव, आशा, अनिता यादव, कमला यादव, मालती पासवान, रत्ना विश्वास, श्वेता पटेल, निर्मला पासवान, राजप्रिया, सावित्री देवी, बसन्ती देवी, रामदुलारी देवी, लोना देवी आदि उपस्थित थीं। संचालन जिला महासचिव आशा विश्वकर्मा ने किया।

महिला सपाइयों को संबोधित करती राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वंदना यादव।

कर्मनाशा नदी में नहाते वक्त डूबे दो किशोर गांव में छाया मातम

चंदौली। क्षेत्र के जलालपुर गांव के दो बच्चे हलुआ गांव के पास कर्मनाशा नदी में डूब गए। घटना की जानकारी होते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गयी। ग्रामीण पानी में उतरकर डूबे हुए किशोरों की तलाश में जुट गए। काफी प्रयास के बाद ग्रामीणों ने एक किशोर को बाहर निकाला और उसे स्थानीय चिकित्सालय में ले गए। वहीं समाचार दिए जाने से नदी में डूबे दूसरे बालक को भी ढूंढ निकाला। उक्त दोनों की मौत की पुष्टि के बाद जलालपुर गांव में मातम छाया हुआ है किशोर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
बताते हैं कि जानकारी के अनुसार जलालपुर गांव निवासी लकी 11 वर्ष व सुल्तान 12 वर्ष अपने साथियों के साथ कर्मनाशा नदी में साथियों के साथ स्नान करने के लिए घर से निकले और हलुआ गांव के पास नदी में नहा रहे थे, तभी लकी व सुल्तान नदी में गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। यह देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण शोर मचाते हुए नदी की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गयी। ग्रामीण पानी में उतरकर डूबे हुए बच्चों की तलाश में जुट गए। उधर, ग्रामीणों ने घटना सूचना सैयदराजा थाना पुलिस को दी। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने नदी में डूबे हुए लकी को ढूंढ निकाला और उसे तत्काल उपचार के लिए स्थानीय निजी अस्पताल में ले गए। कुछ समय बाद ग्रामीणों सुल्तान को भी ढूंढ निकाला। उक्त दोनों बालकों को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। सूचना के बाद पहुंची सैयदराजा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज आगे की कार्यवाही में जुट गयी। इस घटना की जानकारी के बाद जलालपुर व आसपास के गांव के ग्रामीणों की भीड़ कर्मनाशा नदी तट पर जमा हो रही। वहीं बालकों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

हुजूर,आखिर कैसे मिलेगी जाम से निजात


चंदौली।सदर तहसील से लगाकर जिला अस्पताल तक आखिर कब तक जाम से लोगो को निजात मिलेगी। यह कह पाना मुश्किल है जिला प्रशासन सड़क से जाम व पटरियों से अतिक्रमण मुक्त जब कराएगी। यह बात नगर का हर व्यक्ति के जहन में गूंजता रहा है। क्योंकि मुख्यालय से गुजरने के लिए लोगो को  बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है जो आय दिन जाम लगने का मुख्य कारण  है।सदर तहसील के पास अनियत्रित खड़े बाइक व फुटपाथों पर लगने वाले अस्थाई दुकानों को। अतिक्रमण व जाम मुक्त नगर करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी एक दूसरे पर आरोप थोपते रहते हैं। सदर तहसील पर पार्किंग की व्यवस्था नही होने के कारण प्रतिदिन जाम लग जाता है। इससे राहगीरों वक्ताओं सहित वादकारियों को भीषण जाम का सामना करना पड़ता है। वही कभी कभी एम्बुलेंस की गाड़ियां भी जाम में फसी नज़र आती है। मुख्यालय पर  जाम लगने की सबसे बड़ी वजह अस्थायी खड़े बाइकों व दुकानों द्वारा सड़कों पर किए गये अतिक्रमण है। पुलिस व जिम्मेदार प्रशासन द्वारा जाम व अतिक्रमण की समस्या पर कोई कार्रवाई नही की जा रही है। पुलिस प्रशासन जाम को हटाने के बजाय लोगों का चालान काटने में ज्यादा व्यस्त रहती हैं। ऐसे में लोगों को जाम की समस्या से कैसे निजात मिलेगी यह कहना मुश्किल है।

ट्रेन बनी मुन्ना का काल परिजनों में कोहराम

चंदौली। सदर कोतवाली क्षेत्र के बिछियां गांव के समीप 42 वर्षीय एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। घटना के बाद जुटे लोगों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज आगे की कार्यवाही में जुट गयी। घटना की जानकारी के बाद परिजन विलाप करते हुए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहीं जिला पंचायत सदस्य दिलीप सोनकर भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और मृतक परिजनों को ढांढस बंधाया। बताते हैं कि मुन्ना सोनकर 45 वर्ष वाराणसी में काम करते हैं और वह घर आए हुए थे। किसी काम के सिलसिले में वह चंदौली आए थे और गांव लौटते वक्त बिछियां गांव के समीप रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गए और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी। घटनास्थल पर जुटे लोगों ने मृतक की शिनाख्त की और परिजनों को इसकी जानकारी दी। घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गयी।

अचानक हुई 17 वर्षीय युवती की मौत, जाने क्या है पूरा

 चंदौली। सैयदराजा थाना अंतर्गत धरौली चौकी क्षेत्र के हलुवा गांव में जहां 17 वर्षीय युवती की मौत हो गई हलुआ गांव निवासी सत्येन्द्र की पुत्री नीतू अपने घर में टेबल पर रखे पंखे को चालू करने गई थी की पंखे में बिजली उतरने के कारण चपेट में आ गई आनन-फानन में परिजन  इलाज के लिए जिला चिकित्सालय लेकर आ रहे थे कि युवती के रास्ते में ही मौत हो गई  मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।सूचना पाते ही धरौली चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है।

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