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Sunday, November 1, 2026

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सड़क के लिए सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे विधायक प्रभुनारायण

सकलडीहा में सड़क को लेकर धरना देते विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव।


सकलडीहा। विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव मंगलवार को जिलाधिकारी संजीव सिंह व जिले के पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसरों पर हमलावर रहे। इस दौरान कस्बे से होकर गुजरी मुख्य सड़क पर बारिश का पानी जमा देख प्रभुनारायण स्थानीय लोगों व सपाइयों के साथ धरनारत हो गए। उन्होंने प्रशासन को खूब खरी-खरी सुनाई और कड़ी चेतावनी दी। कहा कि जनता के आक्रोश का इम्तहान ना लें, अन्यथा हालात संभालना मुश्किल हो जाएगा। देर रात एसडीएम सकलडीहा धरनास्थल पर पहुंचे और जल्द सड़कों के निर्माण का कार्य मुकम्मल किए जाने का भरोसा देकर धरने को समाप्त कराया।
दरअसल बीते दिनों विधायक डीएम से मिलकर खराब हो चुकी सड़कों के निर्माण व उसके मरम्मत की मांग कर चुके हैं। उन्हें भरोसा दिया गया था कि सड़कें पूरी तरह से गड्ढामुक्त हो जाएंगी। लेकिन इसके बाद भी पीडब्ल्यू विभाग व जिलाधिकारी के स्तर पर से पहल नहीं हुई और सड़कों की जो हाल पहले थी वह अभी भी कायम है। इसी बात से गुस्साए विधायक ने मंगलवार को सकलडीहा में सड़क को पानी से लबालब देखा तो उनका आक्रोश और बढ़ गया और वे प्रशासन के खिलाफ तहसील मुख्यालय पर लामबंद हो गए और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष बाबूलाल यादव ने कहा कि देश व प्रदेश में बढ़ती भीषण मंहगाई, अपराध, भ्रष्टाचार किसानों की बदहाली, छात्रों संग दुव्र्यवहार, लोकतंत्र का हनन, आरक्षण, ध्वस्त कानून, नौजवानों की बेरोजगारी, महिलाओं से दुव्र्यवहार, अराजकता जैसे अलोकतांत्रिक व असंवैधानिक कृत्य सरकार के संरक्षण में हो रहे हैं। इस दौरान राजेश यादव, संतोष यादव, शिवदयाल यादव, सुभाष यादव, रविंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।

चौपाल के जरिए जनता तक पहुंचा बनाएं सपाई


चंदौली। सपा लोहियावाहिनी जिला इकाई की बैठक हुई। इस दौरान संगठन की मजबूती व उसकी सक्रियता को बढ़ाने को लेकर मंथन-चिंतन हुआ। सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने कहा कि युवा शक्ति को सही दिशा मिले, यही समाजवादी पार्टी की सोच है। सपा ने हम सभी को उचित राजनीतिक मंच दिया है और इस मौके को भुनाना हम सभी का दायित्व है।
सपा लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष सुजीत कन्नौजिया ने कहा कि विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है इसकी औपचारिक घोषणाएं होना मात्र शेष है। ऐसे में हम सभी को गांव-गांव चैपाल लगाकर अपनी पहुंच लोगों तक करनी होगी। लोगों की समस्याएं जानने के साथ ही उसके निराकरण के लिए उनका साथ व सहयोग देना होगा। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर जनता की उपेक्षा के खिलाफ आंदोलित होना होगा। कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर विफल रही है उसकी इसी विफलता का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस के दाम बढ़ने से जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। अंत में नए मनोनीत पदाधिकारियों में मनोनय पत्र वितरित किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक बब्बन चैहान, अमित सोनकर, सुधाकर कुशवाहा, मुस्ताक अहमद, निरंजन कन्नौजिया, दानिश इकबाल, आजाद चैहान, अरविंद भारती, अशोक यादव आदि उपस्थित रहे। संचालन संजय कुशवाहा ने किया।

चंदौली के 26 परीक्षा केन्द्रों पर पीईटी की परीक्षा मुकम्मल

महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज गेट पर अभ्यर्थियों की जांच पड़ताल करते कर्मचारी।

चंदौली। जनपद के 26 परीक्षा केन्द्रों पर मंगलवार को पीईटी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा का आयोजन दो पालियों में हुआ। इस दौरान पंजीकृत 24954 परीक्षार्थी के सापेक्ष 22040 ने परीक्षा दी। वहीं 2914 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। परीक्षा को शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए थे। वहीं परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे। सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की गई। साथ ही कोरोना को देखते हुए सतर्कता बरती गई।जिला मुख्यालय स्थित महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज, चकिया आदित्य नारायण राजकीय इंटर कालेज, सैयदराजा स्थित नेशनल इंटर कालेज, सकलडीहा इंटर कालेज, पीडीडीयू नगर स्थित नगर पालिका इंटर कालेज, अशोक इंटर कालेज बबुरी समेत जिले में कुल 26 केंद्र बनाए गए थे। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक हुई। इसमें सभी केंद्रों पर कुल 12477 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे। इसमें 11017 ने परीक्षा दी। वहीं 1460 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक हुई। इसमें 12,477 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 11,023 ने परीक्षा दी। वहीं 1454 अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर पूरी सतर्कता बरती गई। परीक्षार्थियों को केंद्रों में प्रवेश से पूर्व बाकायदा तलाशी ली गई। मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। हालांकि, इस दौरान कोई नकल सामग्री नहीं मिली। केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट मौजूद रहे। साथ ही अधिकारियों की टीम ने केंद्रों का भ्रमण कर जायजा लिया। सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की गई। इस दौरान सैनिटाइजेशन व अन्य इंतजाम कराए गए, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

खास गांव में शौचालय बनाने से पहले ही‚ रखरखाव के नाम पर निकलने लगा धन

खास गांव स्थित सामुदायिक शौचालय का भवन

खास ग्राम पंचायत में शौचालय रखरखाव के नाम पर भ्रष्टाचार

इलिया। यह सच है शौचालय का। सच है सरकारी धन के उपयोग व उसके दुरुपयोग के बीच के अंतर का। जी हां! बात हो रही कि ग्राम पंचायतों में निर्मित सामुदायिक शौचालयों का। इन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाया गया। एक-एक शौचालय पांच से छह लाख रुपये के करीब जनता का पैसा खर्च हुआ। मंशा थी कि लोग खुले में शौच की कुप्रथा को त्यागकर शौचालय के इस्तेमाल की नयी आदत को अपनाएंगे। लेकिन इस महत्वाकांक्षी योजना को भ्रष्टाचार का ग्रहण लगा और यह भी अपनी मंशा व मूल उद्देश्य से भटक गयी। इसका ज्वलंत उदाहरण है खास गांव स्थित सामुदायिक शौचालय।इसकी वर्तमान हालात को देखते ही समझ आ जाएगा कि सामुदायिक शौचालय न केवल वर्तमान में निष्प्रोज्य है, बल्कि इसके उपयोग के बाहर होने के बाद भी रखरखाव के नाम पर ग्राम पंचायत लगातार सरकारी धन आहरित कर रही है। जी हां! यह बात आपको चौंका सकती है, लेकिन चैकिए नहीं यह बिल्कुल सच है। इस आरोप को सरकारी अभिलेख प्रमाणित व पुष्ट करते हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 54 हजार रुपये रखरखाव के मद में स्वयं सहायता समूह के नाम पर निकाली गयी, जबकि शौचालय का रखरखाव हुआ ही नहीं। तस्वीरों पर गौर करे तो सामुदायिक शौचालय की टंकी खुली हुई है जो ग्रामीणों खासकर बच्चों व वृद्धजनों के लिए जानलेवा है। यह तय है कि सामुदायिक शौचालय के निर्माण में टंकी को ढकने का धन भी आहरित हुआ होगा। यदि ऐसा है तो उसकी टंकी को क्यों नहीं ढका गया? इसके अलावा शौचालय में लगे दरवाजे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके है। वहीं जलापूर्ति करने वाली पाइप लाइन भी अपूर्ण है, जबकि शौचालय अभी नया है और बहुत से कार्य अभी तक मुकम्मल नहीं हुए हैं जैसा की ग्रामीणों का आरोप है।

खास गांव में सामुदायिक शौचालय का क्षतिग्रस्त दरवाजा।
खास गांव में सामुदायिक शौचालय की खुली टंकी। 

ग्रामीणों के मुताबिक शौचालय के फर्श पर टाइल्स लगाने का कार्य अधूरा है। छत पर टंकी लगी है, लेकिन उसमें पानी भरने के लिए न तो समरसेबल की स्थापना हो पायी है और ना ही हैंडपम्प आदि का ही बंदोबस्त हो पाया है। ऐसे में सामुदायिक शौचालय का उपयोग ग्रामीणों ने कभी किया ही नहीं। बावजूद इसके उक्त सामुदायिक शौचालय के रखरखाव के नाम पर 54 हजार रुपये ग्राम पंचायत से निकाल लिया गया। अब सवाल यह उठता है कि जब शौचालय पूर्णतः बना ही नहीं, और ग्रामीणों के उपयोग में आया भी नहीं तो ये 54 हजार रुपये ग्राम पंचायत ने किसके रखरखाव में खर्च कर दिया। हालात ऐसे हैं कि शहाबगंज ब्लाक क्षेत्र के अधिकांश ग्राम पंचायतों में यह खेल खेला जा रहा है। यह तय है कि इसमें कहीं न कहीं जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों की भी मिलीभगत है, तभी तो इस पर अब तक पर्दा पड़ा हुआ है।  

प्रेमिका से वादाखिलाफी‚ एफआईआर के बाद प्रेमी को जेल

नौगढ़(चंदौली)। प्यार परवान चढ़ने के बाद चार माह तक साथ-साथ रहने के बाद शादी के वादे से मुकरने पर प्रेमिका ने प्रेमी के विरुद्ध यौन शोषण करने का मुकदमा दर्ज कराया है। बताया जाता है कि चकरघट्टा थाना क्षेत्र के सोनवार गांव निवासी एक युवक अपने प्रेमजाल मे फंसाकर 18 वर्षीय किशोरी को शादी करने का झांसा देकर के 4 माह तक साथ रहकरके यौन शोषण करता रहा। जब किशोरी शादी करने की जिच पर अड़ गयी तो वह ना-नुकर करते हुए साथ भी रहने से इंकार कर मारने पीटने लगा, जिससे पीड़िता ने चकरघट्टा थाना में तहरीर देकर के न्याय की गुहार लगाई। थानाध्यक्ष दीनदयाल पांडेय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर अभियुक्त के विरूद्ध धारा 376, 452, 504 व 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

जन सेवा केंद्र के आड़ में चल रहा अवैध रेल ई- टिकट का गोरखधंधा

चंदौली – जनसेवा केंद्र की आड़ में अवैध तरीके से रेलवे का ई – टिकट बनाने वाले सीएससी संचालक को मंगलवार को आरपीएफ ने गिरफ्तार किया. रेवसा स्थित जंसो की मड़ई स्थित बीएस साइबर कैफे संचालक के पास से 26 हजार रुपये मूल्य के ई – टिकट भी बरामद किये. जिसमें 28 पुराने और दो नए टिकट शामिल थे.

आरपीएफ पोस्ट डीडीयू प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में सीआईबी के आरक्षी दुर्गेश नंदन ने मुखबिर की सूचना पर रेवसा , जंसो की मड़ई पर संचालित बीएस साइबर कैफे में छापेमारी की. इस दौरान संचालक बलवंत कुमार के पास से 28 पुराने और दो नए रेलवे ई – टिकट बरामद हुए. बताया कि वह जन सेवा केंद्र चलाते हैं, और उनके पास आईआरसीटीसी का लाइसेंस भी नहीं है. जांच में आईआरसीटीसी के पर्सनल यूजर आईडी से बनाए गए टिकट मिले. बताया कि वह अवैध तरीके से पर्सनल यूजर आईडी का इस्तेमाल कर लोगों को अधिक दाम पर टिकट उपलब्ध कराता था. आरपीएफ ने टिकट बनाने में उपयोग किया गया एक लैपटॉप , एक प्रिंटर , एक स्मार्टफोन जब्त किया.

गौरतलब है की जिले भर के तमाम सीएससी सेंटर अवैध रेलवे टिकट के कारोबार में लिप्त है.समय समय पर आरपीएफ की तरफ से अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाती है.इससे पूर्व भी चन्दौली चकिया पड़ाव समेत अन्य सेंटरों पर कार्रवाई की जा चुकी है.

जल निगम सप्लाई का पानी हुवा दूषित, पीते ही लोगो को हो रहा है उल्टी दस्त स्वास्थ्य महकमा बेखबर

चंदौली। कमालपुर कस्बा स्थित दलित बस्ती में डायरिया का प्रकोप तेज़ी ईसे देखने को मिल रहा है. जिसकी चपेट में आने से करीब दर्जन भर लोग बीमार है. डायरिया से पीड़ित सभी लोग निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे है. वहीं स्वास्थ्य महकमा इस महामारी से अनजान बना हुआ है. तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई स्वास्थ्य कर्मी हाल जानने नहीं पहुँचा.

वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जल निगम की सप्लाई का पानी दूषित है. जिसे पीते ही उल्टी दस्त शुरू हो गया. गांव की एएनएम को सूचना दिया गया. लेकिन इलाज की बजाय सिर्फ बीमारों का नाम लिखकर चली गई. तीन दिन बाद भी अब तक कोई सरकारी डाक्टर नही आया. कस्बे के दलित की बस्ती से महज 300 मीटर की दूरी पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है. लेकिन अस्पताल में इलाज की बात तो दूर ईमरजेंसी के लिए कोई डाक्टर भी मौजूद नही रहता. डायरिया से पीड़ित परिवार प्राइवेट अस्पतालों में महंगे इलाज के लिए मजबूर है. मंगलवार के दिन मरीजों की संख्या बढ़ते ही बस्ती में हड़कंप की स्थिति है.जिसमें सुशीला 50, विवेक 24, लालजी 65, गीता 30 ,रूबी 15 पिंटू 38 राजेश 38 अजय 17 चन्द्रबली 7, रामाशीष 45, झूरी 65 ,रिशु 4 ,संजना 6 ,शिवांश 18 समेत अन्य लोग बीमार है.इस ।दौरान

धानापुर सीएचसी प्रभारी जेपी गुप्ता ने बताया की उन्हें इस बाबत कोई सूचना नहीं मिली है. यदि गांव में डायरिया का प्रकोप है तो टीम गठित कर उपचार के लिए भेजी जाएगी.

छित्तमपुर में डायरिया से 131 प्रभावित, हड़कम्प


सकलडीहा क्षेत्र के छित्तमपुर गांव में डायरिया की चपेट में 131 लोगों के प्रभावित होने की सूचना से स्वास्थ्य महकमा में हड़कम्प मच गया। इस दौरान 22 से अधिक गंभीर रूप से बिमार होने पर सीएचसी पर भर्ती कराया गया। जिनका इलाज सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव स्वास्थ्य टीम की निगरानी में शुरू करा दिया है। भाजपा नेता सूर्यमुनी तिवारी की सूचना पर सीएमओ ने गांव में स्वास्थ्य टीम भेजकर सभी को दवा वितरण व आवश्यक दिशा निर्देश दिया। देर शाम तक गांव में डायरिया के प्रभाव को लेकर ग्रामीणों में खलबली मचा रहा।
डायरिया की चपेट में सोनी, रीमा, मुलायम यादव, आशीष, सोनी, चंदन, धर्मेन्द्र, उपेन्द्र, महेन्द्र यादव, उर्मिला, तेरसा, अंशु,अनु, राजेन्द्र यादव, मिठाई यादव सहित कुल 109 लोग डायरिया की चपेट में थे। इसके अलावा 22 लोगो का गंभीर रूप से बिमार होने पर स्वास्थ्य टीम ने सीएचसी में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है वही इसके पहले 9 लोगों को इलाज के दौरान स्वस्थ होने पर घर भेजा जा चुका है। सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव जिले की स्वास्थ्य टीम के साथ गांव में पहुंचकर सभी डायरिया पीड़ितों को दवा आदि का वितरण किया। इसके साथ पानी और स्टूल की जांच के लिये भेजा गया। इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव ने बताया कि गांव में कुल 120 डायरिया प्रभावितों को दवा आदि दी गयी है।

सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी अधीक्षक डा. संजय यादव ने डा. एलबी शर्मा, डा. बीके प्रसाद, डा. डीके सिंह, शाहिद अंसारी, रामजी, राजेश, कृपाशंकर, राजेश चैधरी, क्षितिज, रमेश के साथ टीम गठित किया गया है। जो क्रमशः गांव में पहुंचकर ठीक होने तक निगरानी करेंगे।

मोमोज बनाते समय गैस रिसाव से लगी आग, दो मासूम समेत पांच झुलसे


चंदौली। जनपद के सैदूपुर कस्बे में मंगलवार को गैस सिलेंडर से रिसाव के कारण आग लग गयी। अगलगी की इस घटना में एक ही परिवार के पांच लोग बुरी तरह से झुलस गए। घटना के बाद कस्बे में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम ने किसी तरह ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू कर लिया। वहीं सभी झुलसे लोगों जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया में भर्ती कराया, जहां तीन की हालत सामान्य बताई गई। वहीं दो बच्चों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार झांसी जिला निवासी सुरेश पाल 50 वर्ष अपने परिवार के साथ सैदूपुर कस्बे में रहकर मोमोस बेचने का कार्य करते हैं। मंगलवार को मोमोस बनाने के दौरान गैस सिलेंडर से रिसाव होने के कारण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और आग की ऊंची लपटें उठने लगी। घटना में परिजनों को बचाने गए बच्चों समेत पांच लोग झुलस गए, जिसमें सुरेश पाल 50 वर्ष, पुष्पेंद्र पाल 30 वर्ष, प्रियंका 28 वर्ष, अनन्या पांच वर्ष व गौरी दो वर्ष शामिल हैं। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया। पुलिस ने तत्काल झुलसे हुए लोगों को चकिया संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। इस संबंध में चिकित्सक ने बताया एक ही परिवार के पांच लोग आग से झुलसे स्थिति में आए थे, जिसमे तीन लोगों की स्थिति सामान्य है, वहीं दो बच्चों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है।

बाढ़ से फसलें बर्बाद‚ किसानों को सरकारी मदद का इंतजार

रामगढ़ के खेतों में बाढ़ के पानी से बर्बाद फसल देखते किसान।


चहनियां। बाढ़ का पानी घटने के बाद भी कई गांव के हजारों किसानों की फसल बाढ़ के पानी से नष्ट हो गयी। सन 2013 में भी फसलों का नुकसान हुआ था। इस बार भी किसानों के घर मे अनाज का दाना नहीं पहुंचेगा। अब ऐसी विषम स्थिति में स्थानीय प्रशासन व शासन किसानों को हुए भारी नुकसान का त्वरित मूल्यांकन कराकर उन्हें तत्काल नुकसान की प्रतिपूर्ति करे, ताकि किसानों को बड.ी आर्थिक क्षति से होने वाले आघात को कम किया जा सके। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल किसानों की निगाहें स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर है।


बाढ़ की विभीषिका झेल चुके तटवर्ती गांव कांवर, महुअरिया, बिसूपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, महुअर कला, हरधन जुड़ा, विजयी के पूरा, गणेशपुरा, टाण्डाकला, बड़गांवा, तीरगांवा, हसनपुर, नादी के ग्रामीणों को पानी घटने से राहत तो मिल गयी। किन्तु इन गांवो के साथ बाण गंगा नदी से जुड़े गांव भुसौला, मुकुंदपुर, चकबुलन, नदेसर, सढान, बरिया, रामगढ़, कुरा, महमदपुर, बैराठ, रइया, नौदर, सुरतापुर, रमौली, चहनियां, सिंगहा, लक्ष्मणगढ़, राधे के मड़ई, कैथी आदि गांवो के हजारों किसानों की फसल बर्बाद हो गयी। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा ही मंजर 2013 के बाढ़ में आया था। यह पानी कई महीनों तक नहीं निकलता है, जिससे आगे के फसल भी प्रभावित होती है। तटवर्ती गांव के किसान तो अगली खेती कर भी लेते है किंतु बाण गंगा नदी से जुड़े खेतों के हजारों किसानों के घर अनाज का दाना भी घर नहीं पहुच पाता है।

अब जलमग्न नहीं होगी 400 बीघा कृषि भूमि‚ जानिए कहां…

बरांव गांव के समीप कुलावा स्थापित कराते एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा।


जलजमाव की समस्या संग विवाद का हुआ निबटारा
इलिया। एसडीएम चकिया प्रेमप्रकाश मीणा मंगलवार को बरांव गांव के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने किसानों के जलजमाव की समस्या को संज्ञान में लिया और 80 किसानों के 400 बीघा कृषि भूमि के जलमग्न होने की समस्या का निदान किया। उन्होंने अपनी मौजूदगी में दो फीट चैड़ा 35 मीटर लंबा कुलावा लगवाया, जिससे प्रभावित किसानों को अब जलजमाव के संकट से नहीं जूझना होगा। इसके अलावा किसानों के बीच पुराना विवाद भी इसके साथ स्वतः समाप्त हो गया है। एसडीएम के इस प्रयास को किसानों ने जमकर सराहा।
विदित हो कि वर्ष 2007 में उक्त जल निकासी को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। कई दफा हालात इतने बिगड़े की जल निकासी को लेकर किसान आमने-सामने आए और लाठी-डंडे का भी खुलकर प्रयोग भी हुआ। बीते दिनों सम्पूर्ण समाधान दिवस में जब मामला एसडीएम प्रेमप्रकाश मीणा तक पहुंचा तो उन्होंने समस्या के निवारण में गंभीरता दिखाई। साथ ही इसके निराकरण के लिए मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया और जेसीबी मंगाकर रास्ते की खुदाई कराकर रास्ते की खुदाई कराकर वहां कुलावा स्थापित कराया, जिससे बारिश के दिनों में पास की नहर में इकट्ठा हुआ पानी तत्काल निकल सके। किसान खेती बाड़ी सुचारू रूप से बिना किसी जलभराव की समस्या के कर सकें। इसके साथ ही जल निकासी की समस्या और उसे लेकर आए दिन हो रहे विवाद पर अब विराम लगने की संभावनाएं प्रबल हुई है। इस दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, तहसीलदार चकिया एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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