Young Writer: बीआरसी सदर पर बीईओ को ज्ञापन सौंपते सदर ब्लाक के शिक्षक।
खंड शिक्षाधिकारी सदर से मिला शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल
Young Writer, चंदौली। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) ब्लाक इकाई चंदौली का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार बीआरसी पहुंचकर खण्ड शिक्षाधिकारी सुरेंद्र बहादुर सिंह से मिला। इस दौरान शिक्षकों ने एनपीएस के तहत प्रान नंबर आवंटन के लिए विभाग की ओर से बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव की जानकारी दी। बताया कि प्रान नंबर नहीं होने की दशा में वेतन अवरूद्ध करने की बात कही जा रही है, जिससे शिक्षक मानसिक तनाव में है। लिहाजा किसी भी शिक्षक का वेतन रोका न जाए और ना ही इसे लेकर किसी शिक्षक का मानसिक शोषण किया जाए। इस दौरान शिक्षक कुंवर विरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इन दिनों बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों पर तैनात शिक्षकों को प्रान नंबर आवंटन के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जबकि शासनादेश में स्पष्ट है कि कोई भी शिक्षक स्वैच्छिक रूप से नवीन पेंशन स्कीम को अपना सकता है। इसकी अनिवार्यता का उल्लेख शासनादेश में नहीं है। बावजूद इसके इन दिनों शिक्षकों को फोन करके प्रान नंबर आवंटन कराने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। इसके लिए अप्रत्यक्ष रूप से वेतन रोकने की धमकी भी दी जा रही है। इस कारण कई शिक्षक मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। विभाग के इस कृत्य का प्रभाव स्कूलों के शिक्षण कार्य पर भी पड़ रहा है। लिहाजा शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शासनादेश के अनुरूप नवीन पेंशन स्कीम को स्वैच्छिक ही रहने दिया जाए। इसके लिए अनावश्यक व अविधिक दबाव किसी भी शिक्षक के ऊपर न बनाया जाए। अन्यथा की दशा में शिक्षक इसका प्रतिकार व आंदोलन करने पर विचार कर सकते हैं। इस अवसर पर दशरथ प्रसाद, अजय सिंह, मनोज शर्मा, धनंजय सिंह, आशुतोष सिंह, मुहम्मद जावेद आदि उपस्थित रहे।
फिल्मी और दिलचस्प है चंद्रेश्वर जायसवाल के राजनेता‚ उद्यमी व समाजसेवी बनने की कहानी
शमशाद अंसारी Young Writer, डीडीयू नगर। फिल्म ‘भौकाल’ को मूवी का शौक रखने वाले हरएक शख्स ने इसे जरूर देखा होगा। जो दबंग आईपीएस अफसर नवनीत सिकेरा के जीवन के एक अहम घटनाक्रम से प्रेरित व आधारित है। जिसमें सशक्त अभिनय के जरिए यह फिल्माया गया है कि कैसे एक युवा अपने पिता के अपमान का आहत होकर आक्रोश की ऐसी ताप में खुद को जलाकर पुलिस आफिसर बनता है और अपनी सफलता से उस पुलिस वाले के अपमान का बदला लेता है। स्टोरी फिल्मी थी लिहाजा उसे फिल्माया गया। ऐसी एक दिलचस्प और फिल्मी स्टोरी मिनी महानगर मुगलसराय के उद्यमी की है जो सामान्य व्यापारी परिवार से पहले नेता, फिर एक सफल उद्यमी और आगे चलकर समाजसेवी बनते हैं। जी हां! बात हो रही समाजसेवा को जनपद में उरूज पर ले जाने वाले चंद्रेश्वर जायसवाल की।
कड़ाके की ठंड में गरीबों के बीच कंबल वितरित करते चंद्रेश्वर जायसवाल व उनकी टीम।
चंद्रेश्वर जायसवाल 2002 के दौर में यानी दो दशक पूर्व 23 वर्ष की अवस्था में एक सामान्य युवा हुआ करते थे, जिनका जीवन एकदम सामान्य रहा। उनके मुताबिक एक दिन वह बाइक से शाहकुटी अपने घर लौट रहे थे, तभी कूड़ा बाजार पुलिस चौकी के वाहन चेकिंग चल रही थी। पुलिस वाले ने बाइक चला रहे उनके नौकर को रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक रुकते-रुकते थोड़ी आगे बढ़ गयी। लिहाजा दरोगा जी को यह बात नागवार लगी। उन्होंने बाइक चला रहे नौकर को न केवल थप्पड़ रसीद किया, बल्कि उसे पुलिस चौकी पर बैठा लिया। यह देखकर चंद्रेश्वर जब अपने नौकर को छुड़ाने के लिए पुलिस चौकी के अंदर दाखिल होना चाहे तो उन्हें भी पुलिस वाले के अपमान व आक्रोश को झेलना पड़ा। यह बात 23 वर्षीय युवा चंद्रेश्वर के दिल और दिमाग पर गहरे जख्म दे गयी। हालांकि चंद मिनटों बाद उन्हें बसपा के तत्कालीन विधानसभा इकाई अध्यक्ष रहे रामराज भारती से नई प्रेरणा भी मिली। उन्होंने चंद्रेश्वर को हाल-परेशान देखा तो उसकी वजह पूछी और पुलिस चौकी जाकर दरोगा को अपने राजनीतिक रसूख से परिचित कराया और वहां बैठाए गए नौकर को छुटा लाए।
कोविड-19 महामारी के दौरान गरीबों व जरूरतमंदों में राशन वितरित करते चंद्रेश्वर जायसवाल व उनकी टीम।
इस घटनाक्रम ने चंद्रेश्वर जायसवाल को राजनीति की ताकत से रूबरू कराया और उसी वक्त उन्होंने राजनीति में आने का त्वरित व मजबूत निर्णय लिया और घर जाते ही अपने इस फैसले से घर-परिवार को अवगत कराया। चंद दिनों बाद उन्होंने इस शर्त के साथ बसपा से जुड़े की कूड़ा बाजार चौकी पर तैनात दरोगा जी की वहां से छुट्टी की दी जाए और ऐसा हुआ भी। यहां से उनके राजनीतिक कैरियर का आगाज हुआ। लेकिन जब भी चंद्रेश्वर चुनाव प्रचार व कैम्पेनिंग के लिए दलित व मलिन बस्तियों में जाते वहां के दृश्य इनके दिलों-दिमाग को अंदर से झंकझोर कर रख देते। हर तरफ तंगी, बदहाली, भुमखरी, अशिक्ष व संसाधनों का अभाव था। सड़कें नहीं थी, पीने के पानी के लिए लोग जद्दोजहद करते थे। जल निकासी का प्रबंध नहीं था। बेटियों की शादी केवल इसलिए नहीं हो पा रही थी उनके परिवारों के पास शादी का खर्च उठाने की क्षमता नहीं थी। यहीं से राजनेता चंद्रेश्वर जायसवाल के अंदर समाजसेवी चंद्रेश्वर ने जन्म दिया। उनकी मजबूत राजनीतिक नींव पर समाजसेवा का एक सशक्त आधारशीला रखा।
डीडीयू नगर में गरीब रिक्शेवाले की मदद करते चंद्रेश्वर जायसवाल।
बताते हैं कि 2006 में सकलडीहा क्षेत्र का एक व्यक्ति उनके पास आया। उसने बताया कि आर्थिक तंगी के आकर वह मजबूरी में अपनी बेटी की शादी एक दो ब्याहे लड़के से कर रहा। बावजूद इसके शादी के खर्च को उठाने का सामर्थ्य उसके पास नहीं है। अगर किसी ने मदद नहीं की तो छोटा सा घर है वह भी बिक जाएगा। चंद्रेश्वर जायसवाल ने उसकी मदद करने की सोची और उनके घर गए। इसके बाद उन्होंने उक्त बेटी की शादी का सारा बंदोबस्त जटिया धर्मशाला में किया। इस पुण्य के काम में जायसवाल मित्रमंडल ने बढ़कर सहयोग किया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। गरीबों के शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के साथ गरीब बेटियों की शादी का जिम्मा ये खुद उठाते चले आ रहे हैं। इसी सोच को और सशक्त बनाने के लिए उन्होंने परिवर्तन सेवा समिति को अस्तित्व में लाया। इस बीच उन्हें 2005 में ही उद्यमी बनने का भी अवसर मिला और उन्हें उद्यम के क्षेत्र में तमाम उतार-चढ़ाव व दुश्वारियों को झेलते हुए सफलता के झंडे गाड़े। यहां उन्होंने जब गुंडा टैक्स का विरोध किया तो उन पर जानलेवा हमला भी हुआ और छह माह बेड पर रहने के बाद यह फिर से उसी उत्साह व ऊर्जा के साथ उठ खड़े हुए।
गरीबों में बतौर मदद सामग्री वितरित करते चंद्रेश्वर जायसवाल व उनकी टीम।
महामना मदन मोहन मालवीय हैं प्रेरणास्रोत डीडीयू नगर। बसपा की राजनीति करने वाले उद्यमी व समाजसेवी चंद्रेश्वर जायसवाल महामना मदन मोहन मालवीय को अपना आदर्श व उनके जीवन को प्रेरणा मानते हैं। इनका कहना है कि पहली बार मालवीय जी को ही याद करके समाजसेवा के लिए आगे आए। ये अपने निजी खर्च व समाज से प्राप्त संसाधनों से गरीबों के जीवन व आशियाने को रौशन करते चले आ रहे हैं। कोविड-19 संक्रमण काल में जब लोग खुद की जान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे, तब इन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर गरीबों व जरूरतमंदों में अनाज बांटा। कम्युनिटी किचन चलाकर प्रतिदिन 1000 से अधिक गरीबों का पेट भरा और उनका आसरा बने। चंद्रेश्वर कहते हैं कि परिवर्तन सेवा समिति के एक-एक सदस्य ने कोविड-19 में समाज के प्रति जो समर्पण दिया वह सराहनीय और शौर्य से कम नहीं है। 3500 परिवारों तक अनाज पहुंचाया। इस पुनीत कार्य को उन्होंने समाज के कुछ प्रबुद्ध उद्यमियों व आमजन को समर्पित कर दिया। प्रति वर्ष यह रमजान में उन मुस्लिम परिवारों बतौर मदद 15-20 दिन की इफ्तार सामग्री वितरित करते हैं।
गरीब असहाय वृद्ध को आजीविका के लिए बतौर मदद ठेला व सामग्री भेंट करते चंद्रेश्वर।
गरीबों को समर्पित कर दी सर्दियों की नींद व चैन डीडीयू नगर। चंद्रेश्वर जायसवाल जैसा समाजसेवी होना आसान नहीं है जिन्होंने गृहस्थ जीवन में रहने हुए समाज के लिए ऐसा तप किया, जो स्मरणीय है। जिस कड़ाके की ठंड में लोग गर्म व नर्म बिस्तर से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा पाते। ऐसी कड़ाके की ठंड में चंद्रेश्वर जायसवाल अपनी टीम के साथ फुटपाथ इधर-उधर ठंड में ठिठुर रहे गरीब व बेघर लोगों को कंबल दान करते फिरते हैं। उनका यह दान अधिकांशतः गुप्त होता है। क्योंकि जब यह कंबल दान कर रहे होते हैं उसे पाने वाला अक्सर गहरी नींद में होता है। वह कभी 12 तो कभी रात के दो बजे कंबल के साथ घर से निकल जाते हैं और जो जहां मिला उसे वहीं कंबल देकर अपने सामाजिक दायित्व को निभाकर आगे बढ़ जाते हैं। देखा जाए तो पिछले कई वर्षों से अपने सर्दी की रातों की नींद व चैन समाजसेवा को समर्पित करते हुए चले आ रहा हैं।
कड़ाके की ठंड में रात को फुटपाथ पर सोए गरीबों को कंबल प्रदान करते चंद्रेश्वर जायसवाल।
गरीबों को सशक्त व स्वावलंबी बनाने पर है फोकस डीडीयू नगर। चंद्रेश्वर जायसवाल लोगों की मदद करने के साथ ही उन्हें सशक्त, स्वावलंबी व शिक्षित बनाने की सोच रखते हैं। यही वजह है कि उन्होंने गत दिनों मुगलसराय के दो गरीब परिवारों को ठेला और कुछ सामग्री उपलब्ध कराई, जिससे आज दोनों परिवार दिन का 400-500 कमा लेते हैं। इस परिवार से दो परिवारों की आजीविका की गाड़ी पटरी पर लौट आयी और अब वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ते नजर आ रहे हैं। चंद्रेश्वर बताते हैं कि वह जब भी चुनाव प्रचार या अपने व्यक्तिगत काम से नगर भ्रमण पर होते हैं। इन परिवारों द्वारा पर जो स्नेह व सम्मान दिया जाता है उसे शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है। राजनीति में रहते हुए उन्होंने समाज के अशक्त लोग के हित में कई कामों को करने का प्रयास किया और राजनीतिक व्यक्तित्व होने के कारण प्रशासन-शासन से सहयोग मिला और गरीबों के हित में कुछ करने का अवसर उन्हें मिला। साथ ही इनके सामाजिक कार्य के लिए समय–समय पर शासन–प्रशासन व समाज ने सम्मान व स्नेह भी लौटाया।
रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन की ओर से सम्मान प्राप्त करते चंद्रेश्वर जायसवाल।
मिनी महानगर को मॉडल बनाने का है सपना डीडीयू नगर। चंद्रेश्वर उद्यमी व समाजसेवी होने के साथ राजनीतिक पर्सन भी हैं और 2002 से ही वह सक्रिय राजनीति में बने हुए हैं। उन्होंने समाज को कुछ देने की प्रेरणा से राजनीतिक में खुद को दिन प्रतिदिन स्थापित करते चले आ रहे हैं। आगामी निकाय चुनाव में उनकी सक्रियता बनी हुई है। उनका मानना है कि वह नगर की सत्ता में आए तो उनका ध्यान मिनी महानगर को मॉडल नगर पालिका बनाना होगा। सर्वप्रथम वह नगर पालिका इंटर कालेज को सेंट्रल स्कूल की तर्ज पर विकसित करने की सोच रखते हैं। इसके अलावा वार्डों में मौजूद 25 परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प व उन्हें अपग्रेड करने की उनकी अपनी की योजना है। उनका कहना है कि नगर के हालात को देखते हुए पार्क व पार्किंग का बंदोबस्त भी उनके द्वारा किया जाएगा। नगर पालिका में सिंगल विंडो पर सारी सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही सिटिजन चार्टड को लागू करने की उनकी अपनी सोच है। इनकी गुड लिस्ट में नगर पालिका के कर्मचारियों व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का हित व लाभ भी शामिल है।
गैर प्रांत तस्करी के लिए जा रहे ट्रैक्टर पर लदे 75 बोरी खाद को जिला कृषि अधिकारी ने पकड़ा
Young Writer, चंदौली। खाद की किल्लत के बीच जिला कृषि अधिकारी ने गोपनीय सूचना पर कार्यवाही करते हुए अंतरप्रांतीय तस्करी करने के लिए जा रही एक ट्रैक्टर-ट्राली खाद को पकड़ा। प्रकरण को जिलाधिकारी ईशा दुहन से अवगत कराते हुए उनके निर्देश पर आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र जमुनीपुर के प्रोपराइटर दिनेश सिंह, दीना खाद भंडार जमुनीपुर के प्रोपराइटर दीनानाथ सिंह व ट्रैक्टर चालक अंकित सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया और उर्वरक लदे ट्रैक्टर-ट्राली को अपनी अभिरक्षा में राजकीय कृषि प्रक्षेत्र बिछियां के भंडार गृह में रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रकरण के बाबत जानकारी दिया कि उन्हें 28 दिसंबर की रात आठ बजे गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि नरौजा आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र जमुनीपुर के प्रोपराइटर दिनेश सिंह पुत्र शोभनाथ सिंह एवं दीना खाद भंडार जमुनीपुर के प्रोपराइटर दीनानाथ सिंह पुत्र शोभनाथ सिंह के उर्वरक बिक्री केंद्र पर अंतर प्रांतीय तस्करी के उद्देश्य से ट्रैक्टर-ट्राली पर 55 बोरी इफको यूरिया तथा 20 बोरी सुपर फास्फेट खाद लादी जा रही है। सूचना के बाद तत्काल जिला कृषि अधिकारी बंसत कुमार दुबे ने छापेमारी की, लेकिन तब तक चालक उर्वरक लदे ट्रैक्टर-ट्राली को लेकर निकल चुका था। इसके बाद उन्होंने ट्रैक्टर का पीछा करके उसे पुलिस की सहायता से थाना चंदौली के समीप पकड़ा और उसे चंदौली कोतवाली लाया गया। ट्रैक्टर चालक ने अपनी पहचान सेरूका निवासी अंकित सिंह पुत्र अनिल सिंह, उम्र-16 वर्ष के रूप में दर्ज कराई। लेकिन उसके पास न तो वैध डीएल मौजूद था ना ही अन्य कोई परिचय पत्र, जिसके उसके द्वारा बताए गए पहचान को पुष्ट किया जाए। जिला कृषि अधिकारी के आदेश में ट्रैक्टर व उर्वरक को सीज करते हुए उसे राजकीय कृषि प्रक्षेत्र बिछियां स्थित भंडार गृह में खड़ा करा दिया गया। साथ ही इस प्रकरण से जिलाधिकारी चंदौली को अवगत कराया गया। इसके बाद डीएम के आदेश पर वाहन चालक अंकित सिंह समेत दीनानाथ सिंह व दिनेश सिंह के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्यवाही में जुट गई।
नगर पंचायत चंदौली में प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाते कर्मी।
अभियान के दौरान प्लास्टिक यूज करने वाले छह दुकानों पर लगा जुर्माना
Young Writer, चंदौली। नगर पंचायत प्रशासन ने गुरुवार को नगर में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान नगर पंचायत की टीम ने नगर भ्रमण कर दुकानों पर छापा मारा। इससे नगर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति रही। छापेमार अभियान में नगर पंचायत ने 6 दुकानों से कुल 8 किलो 240 ग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया। साथ ही संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया। इसके साथ ही उन्हें दोबारा प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करने की हिदायत भी दी।
दरअसल प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग के अनुपालन की कड़ी में नगर पंचायत की टीम गुरुवार को प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ अभियान चलाया। नगर पंचायत की टीम दुकानों पर पहुंचकर सिंगल यूज प्लास्टिक का जांच की। इस दौरान छह दुकानदार प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करते हुए पकड़े गए। जांच पर निकली टीम ने कुल 8 किलो 240 ग्राम प्लास्टिक को जब्त किया। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित जुर्माना राशि भी अदा करने का निर्देश दिया। विशेष अभियान के दौरान नगर पंचायत कर्मियों ने दुकानदारों को आगाह किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित है। इसका उपयोग करना गैरकानूनी है। साथ ही इसका उपयोग पर्यावरण व लोगों की सेहत के लिए ठीक नहीं है। लिहाजा प्लास्टिक की जगह ग्राहक घर से जूट, कपड़े या अन्य इको फ्रेंडली झोले व कवर का उपयोग करें। साथ ही दुकानदार भी प्लास्टिक का उपयोग ना करें। नगर पंचायत की ओर से समय-समय पर इस तरह का अभियान चलाया जाएगा और जो भी ऐसा करता हुआ पकड़ा गया। उसके खिलाफ शासन के आदेशानुसार कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान टीम में इकबाल अहमद, घनश्याम उपाध्याय, राजकुमार यादव, रतन कुमार पाठक, अशोक कुमार मिश्रा, संजय कुमार, अजय कुमार तिवारी, विकास कुमार सिंह, रंजय कुमार, रवि रंजन सिंह, गजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, लाल बहादुर, दिनेश कुमार, सुभाष कुमार, प्रदीप आदि शामिल रहे।
चंदौली। सदर उपजिलाधिकारी अजय मिश्रा के निर्देशन व प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय के आदेश के अनुपालन में नायब तहसीलदार अवनीश सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने बकाया धनराशि के वसूल करने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान बिसौरी के दुन्नू सिंह और जलालपुर निवासी पप्पू उर्फ कमलेश विश्वकर्मा व सर्फुद्दीन को गिरफ्तार करने के लिए कई जगह छापेमारी की। इसमें सर्फुद्दीन को पकड़कर हवालात में बंद किया गया। वहीं अन्य बकाएदार मौके से फरार हो गए। राजस्व टीम में वीरेंद्र श्रीवास्तव, हरिद्वार यादव, रत्नेशधर दुबे, अशोक सिंह, रविंद्र वीर विक्रम, अशोक कुमार, नीरज सिंह, अजीत सिंह, पंकज कुमार राव, सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता, अशोक सिंह आदि संग्रह अमीन शामिल रहे। नायब तहसीलदार ने बताया कि बकाएदारों के गिरफ्तारी तक अभियान जारी रहेगा। कहा कि वसूली टीम की ओर से माहवार 1264000 रुपये वसूली की गई है। इसमें बैंक बकाया 595000, व्यापार कर के 427000, विद्युत बकाया 125000 व रायल्टी बकाया 117000 वसूल किया गया है।
चंदौली। कांशीराम आवास मामले में बुधवार को सदर कोतवाली पुलिस ने लाभार्थी सुभाष को गिरफ्तार किया। वहीं 4 आरोपियों के खिलाफ 82 की कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में डुगडुगी बजाने के साथ ही नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की। इससे हड़कम्प मचा रहा।
जनपद में वर्ष 2013 में कांशीराम आवास योजना के घोटाले में कुल 52 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसमें कुछ लोगों को न्यायालय के निर्देश पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं अन्य पर 82 की कार्रवाई करते हुए पुलिस शिकंजा कस रही है। हाईकोर्ट ने पुलिस को इस मामले को 31 जनवरी तक सारे आरोपियों की गिरफ्तारी कर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। आदेश के क्रम में सदर कोतवाली प्रभारी राजीव सिंह ने मामले में अभियुक्त अब्दुल मजीद, प्रमोद, कैलाश प्रसाद व ज्योति देवी के घर पर नियमानुसार न्यायालय से जारी 82 सीआरपीसी की नोटिस तालीम कराते हुए चस्पा कर दी गयी है। वहीं मामले में आरोपी सुभाष गोड़ को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में सदर कोतवाल राजीव कुमार सिंह ने बताया कि चार आरोपियों के विरुद्ध 82 की नोटिस तमिल कराई गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। यदि अन्य आरोपी जल्द से जल्द कोर्ट या पुलिस के सामने हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में गरीब बच्चों में गर्म कपड़े बांटती खुशी की उड़ान संस्थान के सदस्य।
Young Writer, वाराणसी डेस्क। कड़ाके की सर्दी में एक क्षण बिना गर्म कपड़ों के बिताना नामुमकिन सा है। ऐसे में खुशी की उड़ान संस्था की मुहिम ओढ़ा दो जिंदगी अभियान के तहत लगातार जरूरतमंदों को गर्म कपड़े एवं कंबल वितरण कर रही है। संस्था को आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुष्पा देवी द्वारा सूचना प्राप्त हुआ कि मुड़ादेव स्थान पर सैकड़ो ऐसे बच्चे है जिनको पढ़ाई का अटूट जज्बा है,पर सर्द थपेड़े इस जज्बों को हर वर्ष तोड़ देते है। सर्द के मौसम में गरीब बच्चे पढ़ाई करने नही आते, उन्होंने बच्चों और शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी जताई जो समय समय पर बच्चों के भविष्य और विकास के लिए प्रायत्नरत रहती है। खुशी की उड़ान संस्था ने सूचना का संज्ञान लेकर उन सैकड़ो बच्चों को गर्म कपड़े वितरित किया।इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर ऑटोनॉमस मेडिकल कॉलेज डा.विनीत मिश्रा ने इस सर्दी में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एवं ठंड से बचाव के सम्बंध में बच्चों को हेल्थ टिप्स दिया। संस्था की संस्थापिका सारिका दुबे ने कहा कि शिक्षा की ज्योति को प्राप्त करने में सर्द थपेड़े हौसला न तोड़े, यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। संस्था मानव कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। महासचिव देव जायसवाल ने कहा कि जनसेवा एक सोच नही संकल्प है वह संकल्प जो आपने खुद से किया हो, इस ठण्ड में गर्म कपड़े पाकर बच्चों के चेहरे पर जो खुशियां है वह उनके हौसले एवं प्रतिभा को निश्चित रूप बढ़ाएगा। कार्यक्रम में मनीष मिश्रा, राहुल मिश्रा, डा.अजय, नीलम टंडन, शिल्पा कोहली, विकास गुप्ता एवं ऋतिक यादव, विवेक गोंड, अंकित सिंह उपस्थित रहे।
चन्दौली। न्यायालय के आदेश पर सैयदराजा थाना पुलिस ने बुधवार को पकड़ी गई 58 लाख की देशी व अंग्रेज़ी शराब को रोड रोलर चलवाकर नष्ट किया। इस दौरान आसपास के ग्रामीणों व नगर के लोगों की भारी भीड़ जमा रही। कोतवाल शेषधर पांडेय की देख रेख में 112 मुक़दमों में जब्त 10806 लीटर अंग्रेज़ी शराब व 2587 लीटर देशी शराब की बोतलों को न्यायालय के आदेश पर बुधवार की दोपहर थाने के पीछे राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के बंद पड़े सर्विस रोड पर फैलाकर रोड रोलर से पुलिस द्वारा नष्ट किया गया। उसके बाद उसके बोतलों व पैकेटों को बग़ल में गड्ढा कर उसमे डाल कर मिट्टी से दबा दिया गया। शराब नष्ट करने के दौरान शरद कुमार आबकारी निरीक्षक, वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी बंगाली, वरिष्ठ लिपिक सीजीएम न्यायालय रऊफ, उपनिरीक्षक ज़मीरुदीन ख़ान, विजय राय सहित सैयदराजा की पुलिस मौजूद रही। सीओ सदर रामबीर सिंह ने बताया की वर्ष 2020 व 2021 में 112 मुक़दमों में पकड़ी गई लगभग 58 लाख की शराब बरामद की गई थी उसे न्यायालय से आदेश कराकर उसको आज नष्ट किया गया।
चंदौली। क्षेत्र के छित्तो-फुटिया नेशनल हाईवे एनएच-2 पर अंडर पास बनाए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को विकास भवन पर प्रदर्शन किया। इसके बाद सांसद कार्यालय पहुंचकर सांसद प्रतिनिधि सर्वेश कुशवाहा को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि छित्तो-फुटिया समीप अंडर पास बन जाने से किसानों व ग्रामीणों को राहत मिलेगी। चंदौली तथा फुटिया गांव के किसानों की खेती छित्तो मौजा में पड़ती है, जिस कारण किसान अंडर पास नहीं होने के कारण घूमकर एक किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है जिस कारण नेशनल हाईवे पार करने में जान का खतरा भी बना रहता है। किसान नेता किस्मत यादव तथा फुटिया ग्राम प्रधान वीरेंद्र यादव ने बताया कि छित्तो फुटिया नेशनल हाईवे पर अंडरपास बेहद जरूरी है जिसके निर्माण से किसानों को सहूलियत होगी। वहीं छित्तो मौजा में महाविद्यालय पड़ता है जिसमें छात्राओं को आने जाने में सहूलियत हो जाएगी। उक्त मार्ग विसुंधरी गांव, दानूपुर कांशीराम आवास सहित कई गांवों को जोड़ता है, जो स्थानीय लोगों के लिए वरदान साबित होगा। अंडरपास की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री व सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय के प्रतिनिधि सर्वेश कुशवाहा को ज्ञापन सौंपा। सर्वेश कुशवाहा ने बताया कि ग्रामीणों की मांगों से संबंधित पत्रक कैबिनेट मंत्री व सांसद डा. महेंद्र नाथ पांडेय तक पहुंचाने का काम किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों के नेशनल हाईवे पर अंडर पास मांग की समस्या का हल हो सके।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को सौंपा ज्ञापन, प्रशासन को किया आगाह चंदौली। किसानों के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी मंगलवार को सड़क पर दिखी। इस दौरान सपाइयों ने कलेक्ट्रेट कूच किया और जिलाधिकारी ईशा दुहन से मिले। सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव व जिलाध्यक्ष सत्यनरायन राजभर की अगुवाई में सपाइयों ने किसानों हितों व समस्याओं की बात कही। सकलडीहा विधायक ने जिला प्रशासन को आगाह किया कि किसानों का अधिकार छिनने का प्रयास किया गया तो सपा बड़ा आंदोलन करेगी।
इस दौरान सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने कहा कि सकलडीहा तहसील अंतर्गत दिघवट, जमुनीपुर, फेसुड़ा, बरंगा, पंचदेउरा आदि मौजे में कई पीढ़ियों से 1818 एकड़ जमीन पर खेती-किसानी करते हुए काबिज चले आ रहे किसानों जिला प्रशासन प्रताड़ित कर रहा है। कहा कि किसानों पर मुकदमे चलाए जा रहे हैं और उनके भूमि से संबंधित कागजात नहीं दिए जा रहे हैं। यह सबकुछ सरकार के इशारे पर किया जा रहा है। कहा कि इस मुद्दे कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष उठाया जा चुका है। बावजूद इसके किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया। साथ ही नहरों की मरम्मत व सफाई का कार्य पूर्ण किया जाएगा। किसानों को आवारा पशुओं से भारी नुकसान हो रहा है। जिलाध्यक्ष सत्यनरायन राजभर ने कहा कि जनपद में यूरिया की जबरदस्त किल्लत है। धान क्रय केंद्रों पर अफरातफरी व्याप्त है। अनिश्चितता, बोरों की कमी को दूर करने की बजाय बिचौलियों के माध्यम से खरीद की जा रही है, जिसे तत्काल रोका जाए और सीधे किसानों की उपज की खरीद हो। इस वक्त जिले में उर्वरक की भारी किल्लत है, जिससे किसानों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार, चंद्रशेखर यादव, दिलीप पासवान, संतोष यादव, नफीस अहमद, सुनील सिंह मुखिया, राजा खान आदि उपस्थित रहे।