Young Writer, चंदौली। जनपद में औसत से कम बारिश होने के चलते धान की फसल पर संकट के बादल छाए हुए हैं। वहीं खरीफ फसलों पर कीट रोग व खरपतवार के प्रकोप का खतरा भी बढ़ गया है। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसपर किसान घर बैठे फसलों में लगने वाले कीट रोग से बचाव के संबंध में विशेषज्ञों से सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दुबे ने कहा कि फसलों में लगने वाले समायिक कीट रोग एवं खरपतवार बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 94522247111 व 9452257111 जारी किया गया है। इन नंबरों पर वाट्सएप की भी सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में किसान धान अथवा खरीफ की अन्य फसलों में किसी तरह के रोग अथवा कीटों का प्रकोप होने पर इन नंबरों पर फोन कर विशेषज्ञों की सलाह ले सकते हैं। किसान रोगग्रस्त फसल की फोटो खींचकर भी इन नंबरों पर भेज सकते हैं। विशेषज्ञों की ओर से उचित सलाह दी जाएगी। उन्होंने बताया कि धान की फसल में सकरी व चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के नियंत्रण के लिए प्रेटिलाक्लोर 50 फीसद, ईसी 1.50 लीटर अथवा एनीलोफास 30 प्रतिशत, ईसी 1.25 से 1.50 लीटर अथवा पाइराजोसल्फ्यूरान इथाइल 10 प्रतिशत, डब्ल्यूपी का पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर सकते हैं। इससे खरपतवार की समस्या दूर हो जाएगी। वहीं दीमक व जड़ की सूड़ी के लिए क्लोरोपायरीफास 20 फीसद ढाई लीटर पानी में घोल बनाकर एक हेक्टेयर फसल में छिड़काव किया जा सकता है। खैरा रोग के लिए पांच किलो जिंक सल्फेट 20 किलोग्राम यूरिया अथवा 2.50 किलोग्राम बुझे हुए चूने को प्रति हेक्टेयर की दर से 100 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। वहीं तना छेदक क्लूनालफास 25 फीसद ईसी को 1.5 लीटर 500 से 600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि यदि अगस्त माह के तीसरे सप्ताह में भी बारिश नहीं होती है तो कृषक सितंबर माह में उर्द, मूंग व तोरिया, सरसों आदि फसल की बुआई कर सकते हैं। फसलों का विरलीकरण करने से पौधों की संख्या कम हो जाएगी और पत्तियों से उड़ने वाली नमी का नुकसान कम होगा।
किसान धान की फसल को कीट रोग व खरपतवार से बचाव के लिए हेल्पलाइन पर मांगे मदद
समाधान दिवस में अफसर गैरहाजिर, अधिनस्थों ने कर दिए हस्ताक्षर
समाधान दिवस को लेकर लापरवाही से नाराज जिलाधिकारी ने तीन अफसरों का वेतन रोका
Young Writer, चंदौली। जिलाधिकारी संजीव सिंह की अध्यक्षता में पीडीडीयू नगर तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान कुल 51 शिकायत प्रार्थना पत्र प्राप्त हुई जिसमें नौ प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। साथ ही अन्य शिकायती प्रकरणों को संबंधित अधिकारी को हस्तगत कराते हुए तत्काल निष्पक्षता पूर्ण समय से उचित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला उद्यान अधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास द्वारा सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अनुपस्थित रहने के बावजूद अधीनस्थ द्वारा अनाधिकृत हस्ताक्षर किये जाने पर वेतन अवरुद्ध करते हुए स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को दिये।
इस दौरान राजस्व से संबंधित अधिक शिकायतें प्राप्त हुई जिस पर पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमों को स्थलीय सत्यापन करते हुए निष्पक्षतापूर्वक फौरन निस्तारण के निर्देश दिए गए। सभी राजस्व कर्मियों को स्पष्ट रूप से निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कब्जा हटवाने के बाद भी दबंगों द्वारा दोबारा कब्जा करना क़त्तई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही सुनिश्चित होगी। जिलाधिकारी ने वरासत से संबंधित प्रकरणों को तत्काल समुचित निस्तारण के निर्देश दिये। कहा कि वरासत के सभी अविवादित मामले तय अवधि से अधिक समय से लंबित पाये जाएंगे तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्यवाही सुनिश्चित होगी। जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने विभागों योजनाओं कार्यक्रमों की स्वयं समीक्षा करते हुए अपेक्षित प्रगति लाया जाना सुनिश्चित करें। आईजीआरएस की लंबित शिकायतों का समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें डिफाल्टर श्रेणी की शिकायतें लंबित पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।
नौगढ़ में 20 में तीन शिकायतों का निस्तारण
नौगढ़। नौगढ़ ब्लॉक सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अजितेंद्र की मौजूदगी में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया था जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांव से आए हुए 20 फरियादियों ने राजस्व विभाग आपूर्ति विभाग, विकास विभाग, पुलिस विभाग सहित पशु चिकित्सालय के प्रति प्रार्थना पत्र पड़ा। विशेषरपुर निवासी विनोद कुमार पाल ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि पशु चिकित्सालय में निशुल्क दवाइयों का रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा पैसा लेने की शिकायत दर्ज कराई। जिसे संज्ञान लेकर तत्काल जांच टीम गठित किए तीन प्रार्थना पत्र का मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी डॉ अतुल गुप्ता, तहसीलदार सुरेश चन्द्र, खंड विकास अधिकारी सुदामा यादव, सहायक विकास अधिकारी प्रेमचंद, खंड शिक्षा अधिकारी नागेन्द्र सरोज वन क्षेत्राधिकारी मकसुद हुसैन, रिजवान खान लोग मौजूद रहे।
फरियादियों को संतुष्ट नही होने पर होगी कार्रवाई
सकलडीहा। सम्पूर्ण समाधान दिवस के समापन के बाद शनिवार को अपर जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्र ने शिकायतकर्ता के संतुष्ट नही होने पर कार्रवाई का संकेत दिया है। इस मौके पर कुल 74 प्रार्थना पत्रों में 6 का निस्तारण कराया गया। शेष दो सप्ताह के अंदर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश दिया। एडीएम ने अधिकारियों को बताया कि गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नही होने पर सम्बन्धित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस मौके पर एसडीएम मनोज पाठक, तहसीलदार सतीश कुमार, बीडीओ अरूण पांडेय, बीईओ अवधेश राय, एसडीओ विद्युत संजय कुमार, पूर्ति निरीक्षक केके मिश्रा, अमित द्विवेदी, सीडीपीओ अवधेश सिंह, मीना गुप्ता, पवन दूबे, राकेश मौर्या सहित अन्य मौजूद रहे।
सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक के सवालों का जवाब नहीं दे पाए शिक्षक
Young Writer, शहाबगंज। मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) अवध किशोर सिंह ने शनिवार को प्राथमिक विद्यालय शहाबगंज व ब्लाक संसाधन केन्द्र का निरीक्षण किया। सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय पर पहुंचे, जहां कक्षा दो और चार के छात्रों से गणित के प्रश्न पूछा। जिसमें अंकिता गुप्ता व सौम्या ने सही उत्तर दिया। राष्ट्रपति का नाम पूछने पर अधिकांश बच्चों ने सही जवाब दिया। जबकि अध्यापक निपुण भारत के लक्ष्य को नहीं बता सकें। इस पर उन्होंने एआरपी को निर्देशित किया कि सभी शिक्षकों को जानकारी उपलब्ध करायें।
इसके बाद ब्लाक संसाधन केन्द्र पर पहुंचे, जहां अध्यापकों की सेवा पंजिका अपूर्ण पायी गयी। वहीं शमद अली की सेवा पुस्तिका 2009 से सत्यापित नहीं था। लालबहादुर के सेवा पंजिका पर 2018 से ही किसी अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं थे। इस पर उन्होंने कार्यालय सहायक शमशेर को दस दिन में सभी सेवा पंजिका को पूर्ण करने को कहा। वहीं 15 विद्यालयों पर विद्युतीकरण नहीं होने पर शीघ्र ही विद्युतीकरण करने को कहा। कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा अध्यापकों का अवकाश का डाटा सही न रखने पर नाराजगी जाहिर की। 45 विद्यालयों के अवशेष दिव्यांग शौचालय शीघ्र पूर्ण कराने को निर्देश दिया। इस दौरान बीईओ अजय कुमार, मनीष तिवारी, अभिषेक सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, विभुति नरायण रामस्वरूप यादव सहित आदि लोग उपस्थित रहे।
चंदौली में सद्भावना दिवस के रूप में मनी राजीव गांधी की जयंती
कार्यालय में गोष्ठी कर स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को किया याद
Young Writer, चंदौली। जिला कांग्रेस कार्यालय में शनिवार को कांग्रेस जनों ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई, जहां कांग्रेसियों ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर गोष्ठी आयोजित की और उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी का सपना था कि भारत को मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और मानव जाति की सेवा करने के मामले में दुनिया के सभी देशों में अव्वल बनाना था। उन्होंने 21वीं सदी के भारत का रोडमैप देश के सामने रखा था। एक ऐसा भारत के सृजन का सपना देखा और उसे साकार करने का प्रयास किया, जिसमें युवाओं को ताकत, गांवों को शक्ति, महिलाओं की क्षमता एवं नई तकनीकी के प्रयोग को अभिव्यक्ति मिले। सूचना क्रांति, संचार क्रांति, पंचायती राज, 18 वर्ष में वोटिंग का अधिकार जैसे कदम इसी अभिव्यक्ति को मजबूती देने के कदम थे ।उनका सपना 21वीं सदी के भारत को सबसे ऊंचे पायदान पर पहुंचाना था। उन्होंने उस सपने को पूरा करने के लिए दिन रात काम किया और देश को एक नई दिशा दी। इस दौरान रामजी गुप्ता, आनंद शुक्ल, श्रीराम यादव, प्रदीप मिश्रा राहुल सिंह, गंगाराम, मुनीर खान, श्रीकांत पाठक, सिराजुद्दीन भुट्टो, विवेक सिंह, राधेश्याम यादव, अमरदेव राम उपस्थित रहे।

शहर कांग्रेस कमेटी ने मनाई राजीव गांधी की जयंती
डीडीयू नगर। शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में कांग्रेसजनों ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व.राजीव गांधी के जयंती पर कालीमहाल स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजली अर्पित की। तत्पश्चात आयोजित गोष्ठी में शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामजी गुप्ता ने कहा राजीव गांधी ने आइटी की क्षमता और महत्त्व को समझ कर लगभग तीन दशक पहले देश में आइटी के गौरवशाली युग की नींव रखी। सुदृढ़ एवं सशक्त भारत के निर्माण में उनका अतुल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी कार्यशैली, यादें हमारे दिल-दिमाग पर सदा अंकित रहेंगी। आज ज़रूरत है उनके बताए रास्तों पर चलने की। कार्यक्रम में आनंद शुक्ल, बृजेश गुप्ता, शाहिद तौसीफ, विजय कुमार गुप्ता, नेहाल अख्तर बाबू, दशरथ चौहान, तारिक अब्बास, फैयाज अंसारी, हम्मीर शाह जायसवाल, अनवर सादात, मुहम्मद गुफरान खान आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता रामजी गुप्ता व संचालन बृजेश गुप्ता ने किया।
मुगलसराय विधायक ने सिंचाई विभाग के अफसरों को लगाई फटकार
बोले, विभागीय अफसरों का आचरण किसानों के हितों के खिलाफ
Young Writer, चंदौली। सिंचाई विभाग की ओर से जारी कथित नोटिस से खफा किसानों ने अधिवक्ता झन्मेजय सिंह की अगुवाई में मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल से गुहार लगाई। किसानों की फरियाद पर शनिवार को विधायक पुरवा गांव पहुंचे और किसानों संग वार्ता कर उनकी समस्या सुनी। इसके बाद सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों को तलब कर फटकार लगाई। साथ ही किसानों को जारी कथित नोटिस वापस लिए जाने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि किसानों को परेशान किया गया तो ठीक नहीं होगा। इसकी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की जाएगी।
इस दौरान मौजूद किसानों ने बताया कि खेतों की सिंचाई के लिए पुरवा गांव के समीप मुख्य गंगा नहर में 15 इंच की पाइप किसानों द्वारा लगाई गयी थी, जिसे करीब 100 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई हो रही थी। आरोप लगाया कि कुछ दिनों पूर्व बरठा गांव के कतिपय ग्रामीण की शिकायत पर सिंचाई विभाग ने बिना किसी जांच के पाइप को निकलवा दिया, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई में दिक्कत होने लगी। इसके बाद सिंचाई विभाग की ओर से 146 किसानों को नोटिस जारी की गयी। विभाग के इस कृत्य से खफा होकर किसानों ने विधायक रमेश जायसवाल से गुहार लगाई। जानकारी के बाद पुरवा गांव पहुंचे विधायक ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन समेत अवर अभियंताओं को तलब किया और प्रकरण में किसी भी तरह की जांच कर कार्यवाही करने का सवाल किया, जिसका अफसर जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने किसानों को जारी नोटिस वापस लेने और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि सिंचाई विभाग के अफसरों का आचरण किसानों के हितों के खिलाफ है। इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख संजय सिंह बबलू, प्रधान देवेंद्र प्रताप सिंह, संकठा सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, संजय सिंह, अंजनी सिंह, मोहन सिंह, मारकण्डेय यादव, राजाराम यादव, जयदेव तिवारी, प्रभुनाथ तिवारी, संतोष तिवारी, दीना प्रसाद पासवान, सरोज पासवान, उदई पासवान, अंकित सिंह आदि उपस्थित रहे।
इस दौरान मौजूद किसानों ने बताया कि खेतों की सिंचाई के लिए पुरवा गांव के समीप मुख्य गंगा नहर में 15 इंच की पाइप किसानों द्वारा लगाई गयी थी, जिसे करीब 100 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई हो रही थी। आरोप लगाया कि कुछ दिनों पूर्व बरठा गांव के कतिपय ग्रामीण की शिकायत पर सिंचाई विभाग ने बिना किसी जांच के पाइप को निकलवा दिया, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई में दिक्कत होने लगी। इसके बाद सिंचाई विभाग की ओर से 146 किसानों को नोटिस जारी की गयी। विभाग के इस कृत्य से खफा होकर किसानों ने विधायक रमेश जायसवाल से गुहार लगाई। जानकारी के बाद पुरवा गांव पहुंचे विधायक ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन समेत अवर अभियंताओं को तलब किया और प्रकरण में किसी भी तरह की जांच कर कार्यवाही करने का सवाल किया, जिसका अफसर जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने किसानों को जारी नोटिस वापस लेने और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि सिंचाई विभाग के अफसरों का आचरण किसानों के हितों के खिलाफ है। इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख संजय सिंह बबलू, प्रधान देवेंद्र प्रताप सिंह, संकठा सिंह, सुरेंद्र प्रताप सिंह, संजय सिंह, अंजनी सिंह, मोहन सिंह, मारकण्डेय यादव, राजाराम यादव, जयदेव तिवारी, प्रभुनाथ तिवारी, संतोष तिवारी, दीना प्रसाद पासवान, सरोज पासवान, उदई पासवान, अंकित सिंह आदि उपस्थित रहे।
धनाभाव के कारण परवान नहीं चढ़ पा रही अमृत सरोवर योजना
Young Writer, चहनियां। प्रदेश सरकार के अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल अमृत सरोवर योजना परवान चढने से पहले ही धनाभाव के कारण बाधित होती नजर आने लगी है। अमृत सरोवर निर्माण करा रहे ग्राम प्रधानों के सामने एक तरफ कार्य पूरा कराने का दबाव झेलना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ निर्माण के लिए आने वाली लागत के लिए धन जुटाने में मुश्किल आ रही है। जिससे ग्राम प्रधान परेशान हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा हर ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर तालाब बनाने की योजना है। जिसमें मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों से तालाब की खुदाई कराकर उन्हें रोजगार देने की व्यवस्था है तो वहीं दूसरी तरफ जल संचयन और सुन्दरीकरण की योजना है। उक्त योजना में चहनियां विकासखंड के करीब बीस से अधिक गांवों में तालाब निर्माण का कार्य चल रहा है। किन्तु शासन द्वारा तय समय सीमा 15 अगस्त तक एक भी अमृत सरोवर अपने पूर्ण रूप में नही आ सका। इस सम्बन्ध में ब्लाक मुख्यालय से सटे सोनहुला गांव के ग्राम प्रधान शिवदयाल साहू ने बताया कि अमृत सरोवर तालाब निर्माण में धनाभाव आड़े आ रहा है, जिससे निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की तरफ से एक ओर उक्त सरोवरों को यथाशीघ्र पूरा करने का दबाव है तो दूसरी तरफ शासन द्वारा सम्बन्धित खाते में धन न भेजे जाने से निर्माण कार्य में आ रही लागत को जुटाने के लिए जहमत उठानी पड़ रही है। कहा कि इस सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद भी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।
चंदौली तेज़ रफ़्तार बोलेरो की चपेट में आने से साइकिल सवार की मौत
चंदौली।सदर कोतवाली क्षेत्र के फुटिया गांव के समीप सर्विस रोड पर शुक्रवार की रात बोलेरो की चपेट में आने से एक साइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। वही वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घटनास्थल पर जुटे आस पास के ग्रामीणों ने तत्काल उसको इलाज़ के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहा चिकित्सकों ने इलाज़ के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।
बताते हैं कि कोतवाली क्षेत्र के नरसिंगपुर गांव निवासी राजकुमार 48 वर्ष चंदौली बाजार के कुमार वेयर्स की दुकान पर सिलाई का काम करता था। रात दुकान से कम खत्म कर के साइकिल से अपने घर जा रहा था। जैसे ही फुटिया गांव के समीप काली मंदिर के पास पहुंचा की पीछे से आ रही तेज़ रफ्तार बोलेरो ने उसके साइकिल में जोरदार टक्कर मार दिया दुर्घटना में राजकुमार सड़क पर गिर कर लहूलुहान हो गया। तेज़ आवाज सुनकर मौके पर जुटे आस पास ग्रामीणों ने तत्काल अपने निजी वाहन से उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहा चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों से मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया लोग रोते बिलखते पोस्टमार्टम हाउस पहुच गए।
सपा जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने सिंचाई के मुद्दे को मजबूती से उठाया
Young Writer, चंदौली। सपा के जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम उमेश मिश्रा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सोहदवार-मैढ़ी माइनर में पानी छोड़े जाने की आवश्यकता जताई। बताया कि इस वक्त सोहदवार-मैढ़ी माइनर में पानी नहीं है। इस कारण उक्त माइनर पर आश्रित ऐलही, डेढ़वां, मैढ़ी, मंगरही, सोहदवार, फत्तेपुर कला आदि दर्जन भर गांव के किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बारिश काफी कम हुई है जिससे खेत में खड़ी धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पायी है। पानी के अभाव में खेत व फसल दोनों सूख रहे हैं। वर्तमान में सोहदवार-मैढ़ी माइनर इस वक्त पानी के अभाव में पूरी तरफ से सूख गया है। इससे किसानों को धान की फसल की सिंचाई में दिक्कत आ रही है। स्थिति यह है कि खेतों में दरारें पड़ने लगी है। यदि समय से धान की फसल की सिंचाई नहीं हुई तो धान की फसल सूख जाएगी। बताया कि कुछ किसानों द्वारा निजी संसाधनों का इस्तेमाल कर सिंचाई की जा रही है, लेकिन अधिकांश किसान अभी भी माइनर में पानी छोड़े जाने के इंतजार में है। कहा कि किसान हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल सोहदवार-मैढ़ी माइनर में पानी छोड़े जाने के लिए संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को आदेशित किया जाए, ताकि किसान सूख रही धान की फसल की सिंचाई की समस्या का समाधान हो सके। इस मौके पर मुकेश यादव, सोनू यादव, छोटू विश्वकर्मा, कोमल आदि उपस्थित रहे।
नरवन में पानी के अभाव में सुख रही धान की फसल
Young Writer, धीना। क्षेत्र में स्थित अमड़ा नहर, धीना रजवाहा में टेल तक आज भी नहर में पानी न पहुंचने से खेत में दरार पड़ने लगी है। इस कारण खेतों में रोपी गयी धान की फ़सल सूखने के कगार पर पहुंच गयी है जिसको लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गयी है जिससे किसान वर्षाें न होने से काफ़ी चिंतित हैं। शासन-प्रशासन का फरमान है कि नहरों को पूरी क्षमता से चलाकर नरवन क्षेत्र की नहरों में टेल तक पानी पहुंच पा रहा है। इससे किसानों को धान की फ़सल लगाने में दिक्क़त न हो। परन्तु इस नरवन क्षेत्र के अमड़ा नहर और धीना रजवाहा में आज तक टेल तक पानी नहीं पहुंच सका। धान की रोपाई का समय समाप्ति की ओर है खेत खाली पड़े हुए हैं। जो कुछ येनकेन प्रकारेण निजी संसाधन कुछ वर्षा से रोपे गये हैं उन खेतों में दरारे पड़ गयी हैं और वह सूखने के कगार पर हैं। किसान विश्वनाथ सिंह, रतन कुमार सिंह का कहना है कि नरवन परगना के टेल धीना रजवाहा अमड़ा मेन कैनाल के खेती के कमोवेश यही स्थिति है। किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए अविलम्ब टेल तक नहर अमड़ा, धीना रजवाहा में पानी पहुंचाया जाय।

सिंचाई संसाधनों के बावजूद सूख रही धान की फसल
बबुरी। अबकी बार क्षेत्र में पर्याप्त बरसात न होने के कारण जनपद में सूखे की स्थिति बनी हुई है वहीं कई गांवो में सिंचाई के साधन मौजूद होने के बाद भी धान की फसल सूख रही है। क्षेत्र के परनपुरा गांव के सिवान में लगे एक ट्यूबवेल की, जहां ट्यूबवेल से चंद कदम की दूरी पर धान की फसल रोपी खेतों में दरारें फटी हुई है। ऐसा नहीं है कि ट्यूबवेल खराब है या चलता नहीं है।

दरअसल ट्यूबवेल निर्माण के समय ही ग्राम प्रधान, अधिकारियों तथा ठेकेदारों की मिलीभगत से अनियमितता का खेल खेला गया है, जिससे किसानों को ट्यूबवेल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ट्यूबवेल से लगायत खेतों तक सिंचित भूमि का क्षेत्र 12 सौ मीटर है, लेकिन ठेकेदारों द्वारा 600 मीटर पाइप बिछाकर, बाकी गड्ढे खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे किसान सिंचाई से पूरी तरह वंचित हैं। दशा यह है कि खेतों में रोपाई तो हुई है लेकिन मिट्टी सूख कर पपड़ी में तब्दील हो रही है। दर्जनों खेतों में दरारें पड़ी हुई है और फसल खड़े-खड़े सूख रही है। ग्राम प्रधान और किसानों ने कई बार इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की लेकिन अभी तक इसका कोई भी निराकरण नहीं हो पाया है। थक हार कर ग्राम प्रधान निशा देवी ने अपनी गुहार जिलाधिकारी से लगाई है। अपनी शिकायत में ग्राम प्रधान निशा देवी ने बताया है कि सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद पूर्व ग्राम प्रधान ने अपनी निजी जमीन में ट्यूबवेल लगवाया है। जहां आने जाने के लिए ना तो रास्ता है न हीं नाली बनाने के लिए पर्याप्त जमीन है। अपनी शिकायत में ग्राम प्रधान ने कहा है कि पूर्व प्रधान ने अपने जमीन में चार कुलावा लगाया है जो न्याय संगत नहीं है। निशा देवी ने लिखा है कि इसकी शिकायत विभाग के अधिशासी अभियंता से कई बार कर चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। ट्यूबवेल के पास दर्जनों खेत सूखे की मार झेल रहे हैं लेकिन ट्यूबवेल के पानी से सिंचित नहीं हो पा रहे हैं। उक्त ट्यूबवेल का निर्माण सन 2019 में 29.88 लाख की लागत से हुआ है। किसान कहते हैं कि 600 मीटर पाइप बिछाकर, बाकी पाइप कहां है और किस दशा में नहीं बिछाई गई यह समझ से परे है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई लेकिन किसी भी अधिकारी ने अभी तक ट्यूबवेल की ओर झांकने की जहमत नहीं उठाई। अब देखना यह है कि सूखे की मार झेल रहे परनपुरा गांव के किसान ट्यूबेल की सुविधाओं का लाभ कब तक ले पाते हैं।
परंपराओं को बदलने वाले लेखक थे डा. शिवप्रसाद सिंह
साहित्यकारों ने पर डा. शिवप्रसाद सिंह को किया याद‚ गोष्ठी में रचनाओं पर डाली रौशनी
Young Writer, इलिया। राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन के तत्वावधान में प्रख्यात साहित्यकार डा. शिवप्रसाद सिंह के जयंती अवसर पर शुक्रवार को उनकी स्मृति में संगोष्ठी का आयोजन ललित निबंधकार डा. उमेश प्रसाद सिंह के खखड़ा स्थित आवास पर हुई। उक्त गोष्ठी में उपन्यासकार रामजी प्रसाद ‘भैरव’ ने कहा कि अपनी रचनाओं में डा. शिवप्रसाद सिंह ने परिवेश में हो रहे बदलाव के साक्षी बने। वे परम्पराओं के पीछे चलने वाले नहीं बल्कि परम्पराओं को बदलने वाले लेखक थे।
एल. उमाशंकर सिंह ने बताया कि डा. शिवप्रसाद सिंह की रचनाओं में जीवन की समस्त विद्रूपताओं को उघारने की अद्भुत क्षमता है। साथ ही उनके साहित्य में जीवन के प्रति आस्था के संकेत भी प्रमुखता से मिलते हैं। अध्यक्षता करते हुए डा. उमेश प्रसाद सिंह ने उन्हें ग्रामीण जीवनबोध की महत्ता का प्रकाशक रचनाकार के रूप में स्थापित किया है। कवि व विचारक डा. रामप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि गुणवत्ता, प्रतिमान और परिमाण की दृष्टि से शिवप्रसाद सिंह हिन्दी के अतिविशिष्ट और अनन्य साहित्यकार हैं। डा. गौतम ने कहा कि डा. शिवप्रसाद सिंह ने अपने विपुल एवं विवध साहित्य से साहित्य परंपरा में नया शिखर स्थापित किया है। कवि एवं जनसत्ता के पूर्व वरिष्ठ संपादक राजेंद्र राजन ने कहा कि शिवप्रसाद सिंह ने न सिर्फ हिन्दी के एक बड़े लेखक हैं, बल्कि वे आलोचना के सामने एक कड़े सवाल भी हैं। डा. शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि शिवप्रसाद सिंह लोक संस्कृति के माध्यम से अपने समय में सार्थक हस्तक्षेप करते हैं। कार्यक्रम में किसान विकास मंच के संयोजक रामअवध सिंह, चंद्रप्रभा साहित्य मंच के अध्यक्ष बेचई सिंह आदि उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन चेतना मंच के निदेशक डा. विनय कुमार वर्मा ने किया।











